UP Board Class 12 Chemistry

“Class 12 Chemistry” Chapter 12 “Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids”

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BoardUP Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
SubjectChemistry
ChapterChapter 12
Chapter Name“Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids”
Number of Questions Solved99
CategoryClass 12 Chemistry

UP Board Master for “Class 12 Chemistry” Chapter 12 “Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids” (“ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल”)

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित यौगिकों की संरचना लिखिए –
(i) a-मेथॉक्सीप्रोपिऑनेल्डिहाइड
(ii) 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
(iii) 2-हाइड्रॉक्सीसाइक्लोपेन्टेन कार्बोल्डिहाइड
(iv) 4-ऑक्सोपेन्टेनल
(v) डाइ-द्वितीयक-ब्यूटिल कीटोन
(vi) 4-क्लोरोऐसीटोफीनोन।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के उत्पादों की संरचना लिखिए –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.2.1


उत्तर
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.2.2

प्रश्न 3.
निम्नलिखित यौगिकों को उनके क्वथनांकों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
CH3CHO, CH3CH2OH, CH3OCH3, CH3CH2CH2
उत्तर
यौगिकों के मोलर द्रव्यमान तुलनात्मक हैं- CH3CHO (44), CH3CH2OH (46), CH3OCH3 (46), CH3CH2CH3 (44)। CH3CH2OH अत्यधिक अन्तराण्विक हाइड्रोजन आबन्ध प्रदर्शित करता है, अतएव यह संयुक्त अणुओं के रूप में पाया जाता है। अतः इसका क्वथनांक उच्चतम होता है (351 K)। CH3CHO के द्विध्रुव आघूर्ण (2.72 D) का मान CH3OCH3 (1.18D) से उच्च होता है, अतएव CH3CHO में द्विध्रुव-द्विधुव अन्योन्यक्रियाएँ CH3OCH3 से प्रबल होती हैं। अत: CH3CHO का क्वथनांक CH3OCH3 से उच्च होता है। CH3CH2CH3 केवल दुर्बल वाण्डर वाल बलों को प्रदर्शित करता है। CH3OCH3 में कुछ प्रबल द्विध्रुव-द्विध्रुव अन्योन्यक्रियाएँ होती हैं। अत: CH3OCH3 का क्वथनांक CH3CH2CH3 से अधिक होता है, अतएव यौगिकों के क्वथनांकों का बढ़ता क्रम निम्नवत् है –
CH3CH2CH3 < CH3OCH3 < CH3CHO < CH3CH2OH

प्रश्न 4.
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी योगज अभिक्रियाओं में उनकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –

  1. एथेनल, प्रोपेनल, प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
  2. बेन्जेल्डिहाइड, p-टॉलूऐल्डिहाइड, p-नाइट्रोबेन्जेल्डिहाइड, ऐसीटोफीनोन।

[संकेत– त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।]
उत्तर
1. कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकरागी योगज अभिक्रियाओं के प्रति क्रियाशीलता का बढ़ता क्रम है –
ब्यूटेनोन < प्रोपेनोन < प्रोपनल < एथेनल

2. क्रियाशीलता का बढ़ता क्रम है –
ऐसीटोफीनोन < p-टॉलूऐल्डिहाइड < बेन्जेल्डिहाइड < p-नाइट्रोबेन्जेल्डिहाइड
ऐसीटोफीनोन कीटोन है, जबकि अन्य सदस्य ऐल्डिहाइड हैं। अत: यह सबसे कम क्रियाशील होता है। p-टॉलूऐल्डिहाइड में CH3 समूह कार्बोनिल समूह के सापेक्ष p:स्थान पर है जो कार्बोनिल समूह के कार्बन पर अतिसंयुग्मन (hyperconjugation) प्रभाव के कारण इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है और इसे बेन्जेल्डिहाइड से कम क्रियाशील बनाता है।
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.4


दूसरी ओर p-नाइट्रोबेन्जेल्डिहाइड में -NO2 समूह शक्तिशाली इलेक्ट्रॉन निष्कासक समूह है। यह अनुनाद के कारण इलेक्ट्रॉन निष्कासित करता है। अत: कार्बोनिल समूह के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनत्व घटाता है। यह नाभिकस्नेही के आक्रमण की सुविधा प्रदान करता है तथा इसे बेन्जेल्डिहाइड की तुलना में अधिक क्रियाशील बनाता है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के उत्पादों को पहचानिए –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.5.1


उत्तर
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.5.2

प्रश्न 6.
निम्नलिखित यौगिकों के आई०यू०पी०ए०सी० नाम दीजिए –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.6


उत्तर
(i) 3-फेनिलप्रोपेनोइक अम्ल
(ii) 3-मेथिलब्यूट-2-इनोइक अम्ल
(iii) 2-मेथिलसाइक्लोपेन्टेनकार्बोक्सिलिक अम्ल ।
(iv) 2, 4, 6-ट्राइनाइट्रोबेन्जोइक अम्ल

प्रश्न 7.
निम्नलिखित यौगिकों को बेन्जोइक अम्ल में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है?
(i) एथिल बेन्जीन
(ii) ऐसीटोफीनोन
(iii) ब्रोमोबेन्जीन
(iv) फेनिलएथीन (स्टाइरीन)।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.7.1

UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.7.1
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 8.
नीचे प्रदर्शित अम्लों के प्रत्येक युग्म में कौन-सा अम्ल अधिक प्रबल है?
(i) CH3CO2H अथवा CH2FCO2H
(ii) CH2FCO2H अथवा CH2CICO2H
(iii) CH2FCH2CH2CO2H अथवा CH3CHFCH2CO2H
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.8.1


उत्तर
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.8.2
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.8.3
अत: O–H आबन्ध में कम इलेक्ट्रॉन-घनत्व तथा FCH2COO आयन के उच्च स्थायित्व के कारण FCH2COOH, CH3COOH की अपेक्षा एक प्रबल अम्ल है।
(ii) FCH2COO आयन, Cl की तुलना में F के अधिक प्रबल -I प्रभाव के कारण ClCH2COO आयन से अधिक स्थायी होता है। अत: ClCH2COOH की तुलना में FCH2COOH अधिक प्रबल अम्ल है।
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.8.4
प्रेरक प्रभाव दूरी के साथ घटता जाता है, इसलिए F का -I प्रभाव, 4-फ्लुओरोब्यूटेनोइक अम्ल की तुलना में 3-फ्लुओरोब्यूटेनोइक अम्ल में अधिक प्रबल होता है। इसलिए FCH2CH2CH2COOH की तुलना में CH3CHFCH2COOH प्रबल अम्ल है।
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids Q.8.5
इसलिए, CH3– C6H4COO (p) आयन से F3C-C6H4-COO (p) आयन के अधिक स्थायी होने के कारण F3C-C6H4-COOH (p) प्रबल अम्लीय है।

अतिरिक्त अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पदों (शब्दों) से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।

  1. सायनोहाइड्रिन
  2. ऐसीटल
  3. सेमीकार्बजोन
  4. ऐल्डोले
  5. हेमीऐसीटल
  6. ऑक्सिम
  7. कीटैल
  8. इमीन
  9. 2, 4-DNP व्युत्पन्न
  10. शिफ-क्षारक।

उत्तर
1. ऐल्डिहाइड तथा कीटोन हाइड्रोजन सायनाइड से अभिकृत होकर संगत सायनोहाइड्रिन (cyanohydrins) देते हैं। शुद्ध HCN के साथ यह अभिक्रिया बहुत धीमी होती है, अत: यह क्षार द्वारा उत्प्रेरित की जाती है तथा जनित सायनाइड (CN) आयन प्रबल नाभिकस्नेही कार्बोनिल यौगिकों पर संयोजित होकर संगत सायनोहाइड्रिन देते हैं।
सायनोहाइड्रिन उपयोगी संश्लेषित मध्यवर्ती होते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

2. जैम-डाइऐल्कॉक्सी यौगिक जिनमें दो ऐल्कॉक्सी समूह टर्मिनल (अन्तस्थ) कार्बन परमाणु पर उपस्थित होते हैं, ऐसीटल (acetal) कहलाते हैं। ये ऐल्डिहाइड की मोनोहाइड्रिक ऐल्कोहॉल की दो तुल्यांक मात्रा के साथ शुष्क हाइड्रोजन क्लोराइड की उपस्थिति में अभिक्रिया होने पर बनते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.2


ऐसीटल जलीय खनिज अम्लों के साथ जल-अपघटित होकर संगत ऐल्डिहाइड देते हैं, इसलिए कार्बनिक संश्लेषण में इनका प्रयोग ऐल्डिहाइड समूह की रक्षा के लिए किया जाता है।

3. सेमीकाबेंजोन, ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों के व्युत्पन्न होते हैं तथा उन पर सेमीकाबेंजाइड की दुर्बल अम्लीय माध्यम में अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न किए जाते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.3


इन्हें ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों की पहचान एवं गुणधर्मों के अध्ययन के लिए प्रयुक्त किया जाता है।

4. जिन ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों में कम-से-कम एक α-हाइड्रोजन विद्यमान होता है, वे तनु क्षार की (उत्प्रेरक के रूप में) उपस्थिति में अभिक्रिया द्वारा क्रमशः β-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड (ऐल्डोल) अथवा β-हाइड्रॉक्सी कीटोन (कीटोल) प्रदान करते हैं। इस अभिक्रिया को ऐल्डोल अभिक्रिया (aldol reaction) कहते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.4


उत्पाद में विद्यमान दो प्रकार्यात्मक समूहों, ऐल्डिहाइड व ऐल्कोहॉल के नामों से ऐल्डोल का नाम व्युत्पन्न होता है। ऐल्डोल व कीटोल आसानी से जल निष्कासित करके α, β-असंतृप्त कार्बोनिल यौगिक देते हैं, जो ऐल्डोल संघनन उत्पाद हैं और यह अभिक्रिया ऐल्डोल संघनन (aldol condensation) कहलाती है।

5. जैम- ऐल्कॉक्सीऐल्कोहॉल हेमीऐसीटल कहलाते हैं। ये मोनोहाइड्रिक ऐल्कोहॉल के एक अणु का ऐल्डिहाइड के साथ शुष्क HCl गैस की उपस्थिति में योग होने पर उत्पन्न होते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.5


6. जब ऐल्डिहाइड तथा कीटोन दुर्बल अम्लीय माध्यम में हाइड्रॉक्सिलऐमीन के साथ अभिक्रिया करते हैं, तब ऑक्सिम (oximes) उत्पन्न होते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.6
7. जैम-ऐल्कॉक्सीऐल्केन कीटैल (ketals) कहलाते हैं। कीटैल में दो ऐल्कॉक्सी समूह श्रृंखला के भीतर समान कार्बन पर उपस्थित होते हैं। जब कीटोन को शुष्क HCl गैस अथवा p-टॉलूईनसल्फोनिक अम्ल (PTS) की उपस्थिति में एथिलीन ग्लाइकॉल के साथ गर्म किया जाता है तो कीटैल प्राप्त होते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.7
ये जलीय खनिज अम्लों के साथ जल-अपघटित होकर संगत कीटोन देते हैं। इसलिए कीटैल कार्बनिक संश्लेषण में कीटो समूह के रक्षण हेतु प्रयुक्त किए जाते हैं।

8. Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.8

समूह युक्त यौगिक इमीन (imines) कहलाते हैं। ये ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों की अमोनिया व्युत्पन्नों के साथ अभिक्रिया से बनाए जाते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.9
Z = ऐल्किल/ऐरिल समूह, -NH2,-OH, C6H5NH, -NHCONHआदि।

9. जब ऐल्डिहाइड अथवा कीटोन दुर्बल अम्लीय माध्यम में 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्राजीन के साथ अभिक्रिया करते हैं तो 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रोजोन (2,4-DNP व्युत्पन्न) उत्पन्न होते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.1.10


2,4- DNP व्युत्पन्न ऐल्डिहाइडों तथा कीटोनों की पहचान एवं गुणधर्मों के अध्ययन में प्रयोग किए जाते हैं।

10. ऐल्डिहाइड तथा कीटोन प्राथमिक ऐलिफैटिक अथवा ऐरोमैटिक ऐमीनों से अभिक्रिया करके ऐजोमेथाइन अथवा शिफ़ क्षारक (Shiff’s Base) बनाते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 2.
निम्नलिखित यौगिकों के आई०यू०पी०ए०सी० (IUPAC) नामपद्धति में नाम लिखिए –

  1. CH3CH(CH3)CH2CH2CHO
  2. CH3CH2COCH(C2H5)CH2CH2Cl
  3. CH3CH = CHCHO
  4. CH3COCH2COCH3
  5. CH3CH(CH3)CH2C(CH3)2COCH3
  6. (CH3)3CCH2COOH
  7. OHCC6H4CHO-p

उत्तर

  1. 4-मेथिलपेन्टेनल
  2. 6-क्लोरो-4-एथिलहेक्सेन-3-ओन
  3. ब्यूट-2-इनल
  4. पेन्टेन-2,4-डाइओन
  5. 3,3,5-ट्राइमेथिलहेक्सेन-2-ओन
  6. 3,3-डाइमेथिलब्यूटेनोइक अम्ल
  7. बेन्जीन-1,4-डाइकार्बोल्डिहाइड

प्रश्न 3.
निम्नलिखित यौगिकों की संरचना बनाइए –
(i) 3-मेथिलब्यूटेनल
(ii) p-नाइट्रोप्रोपिओफीनोन
(iii) p-मेथिलबेन्जेल्डिहाइड
(iv) 4-मेथिलपेन्ट-3-ईन-2-ओन
(v) 4-क्लोरोपेन्टेन-2-ओन
(vi) 3-ब्रोमो-4-फेनिल पेन्टेनोइक अम्ल
(vii) p, p’-डाइहाइड्रॉक्सीबेन्जोफीनोन
(viii) हेक्स-2-ईन-4-आइनोइक अम्ल।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 4.
निम्नलिखित ऐल्डिहाइडों एवं कीटोनों के आई०यू०पी०ए०सी० (IUPAC) नाम लिखिए और जहाँ सम्भव हो सके साधारण नाम भी दीजिए।
(i) CH3CO(CH2)4CH3
(ii) CH3CH2CHBrCH2CH(CH3)CHO
(iii) CH3(CH2)5CHO
(iv) Ph-CH = CH-CH-CHO
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.4.1


(vi) PhCOPh
उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.4.2

प्रश्न 5.
निम्नलिखित व्युत्पन्नों की संरचना बनाइए –
(i) बेन्जेल्डिहाइड का 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्रेजोन
(ii) साइक्लोप्रोपेनोन ऑक्सिम
(iii) ऐसीटेल्डिहाइडडाइमेथिलऐसीटल
(iv) साइक्लोब्यूटेनोन का सेमीकाबेंजोन
(v) हेक्सेन-3-ओन का एथिलीन कीटैल
(vi) फॉर्मेल्डिहाइड का मेथिल हेमीऐसीटल।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 6.
साइक्लोहेक्सेनकार्बोल्डिहाइड की निम्नलिखित अभिकर्मकों के साथ अभिक्रिया से बनने वाले उत्पादों को पहचानिए –
(i) PhMgBr एवं तत्पश्चात् H3O+
(ii) टॉलेन अभिकर्मक
(iii) सेमीकाबेंजाइड एवं दुर्बल अम्ल
(iv) एथेनॉल का आधिक्य तथा अम्ल
(v) जिंक अमलगम एवं तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-से यौगिकों में ऐल्डोल संघनन होगा, किनमें कैनिजारो अभिक्रिया होगी और किनमें उपर्युक्त में से कोई क्रिया नहीं होगी? ऐल्डोल संघनन तथा कैनिजारो अभिक्रिया में सम्भावित उत्पादों की संरचना लिखिए –
(i) मेथेनल
(ii) 2-मेथिलपेन्टेनल
(iii) बेन्जेल्डिहाइड
(iv) बेन्जोफीनोन
(v) साइक्लोहेक्सेनोन
(vi) 1-फेनिलप्रोपेनोन
(vii) फेनिलऐसीटेल्डिहाइड
(viii) ब्यूटेन-1-ऑल
(ix) 2,2-डाइमेथिलब्यूटेनल।
उत्तर
(a) 2-मेथिल पेन्टेनल, साइक्लोहेक्सेनोन, 1-फेनिलप्रोपेनोन तथा फेनिलऐसीटैल्डिहाइड में 1 या अधिक -हाइड्रोजन उपस्थित हैं। अतः इनमें ऐल्डोल संघनन होगा। अभिक्रिया तथा सम्भावित उत्पादों की संरचनाएँ निम्नवत् हैं –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.7.1


Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.7.2
(b) मेथेनल, बेन्जेल्डिहाइड तथा 2,2-डाइमेथिलब्यूटेनल में α-हाइड्रोजन नहीं होती है; अत: ये कैनिजारो (Cannizzaro reaction) अभिक्रिया देते हैं। अभिक्रियाएँ तथा सम्भावित उत्पाद निम्नवत् हैं –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.7.3
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.7.4
(c) (iv) बेन्जोफीनोन एक कीटोन है। इसमें α-हाइड्रोजन नहीं होती है, जबकि (viii) ब्यूटेन-1-ऑल एक ऐल्कोहॉल है। ये न ऐल्डोल संघनन और न कैनिजारो अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 8.
एथेनल को निम्नलिखित यौगिकों में कैसे परिवर्तित करेंगे?
(i) ब्यूटेन-1,3-डाइऑल
(ii) ब्यूट-2-ईनल
(iii) ब्यूट-2-ईनोइक अम्ल।
उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.8

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.8

प्रश्न 9.
प्रोपेनल एवं ब्यूटेनल के ऐल्डोल संघनन से बनने वाले चार सम्भावित उत्पादों के नाम एवं संरचना सूत्र लिखिए। प्रत्येक में बताइए कि कौन-सा ऐल्डिहाइड नाभिकरागी और कौन-सा इलेक्ट्रॉनरागी होगा?
उत्तर
1. प्रोपेनल नाभिकरागी तथा इलेक्ट्रॉनरागी की तरह –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.9.1


2. प्रोपेनल इलेक्ट्रॉनरागी तथा ब्यूटेनल नाभिकरागी की तरह –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.9.2
3. ब्यूटेनल एक इलेक्ट्रॉनरागी तथा प्रोपेनल नाभिकरागी की तरह –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.9.3
4. ब्यूटेनल नाभिकरागी तथा इलेक्ट्रॉनरागी दोनों के रूप में –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.9.4

प्रश्न10.
एक कार्बनिक यौगिक जिसका अणुसूत्र C9H10O है 2,4-DNP व्युत्पन्न बनाता है, टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है तथा कैनिजारो अभिक्रिया देता है। प्रबल ऑक्सीकरण पर वह 1,2-बेन्जीनडाइकार्बोक्सिलिक अम्ल बनाता है। यौगिक को पहचानिए।
उत्तर
1. अणुसूत्र C9H10O का दिया गया यौगिक 2,4-DNP यौगिक बनाता है तथा टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है; अत: यह ऐल्डिहाइड होगा।
2. यह कैनिजारो अभिक्रिया देता है। अत: -CHO समूह सीधा बेन्जीन वलय से जुड़ा होगा।
3. प्रबल ऑक्सीकरण पर यह 1,2-बेन्जीन डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल देता है, अत: यह ऑर्थोप्रतिस्थापी बेन्जेल्डिहाइड होगा। अणुसूत्र C9H10O का ऐसा ऐल्डिहाइड o-एथिल बेन्जेल्डिहाइड होगा।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न11.
एक कार्बनिक यौगिक ‘क’ (आण्विक सूत्र, C8H16O2) को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ जल-अपघटित करने के उपरान्त एक कार्बोक्सिलिक अम्ल ‘ख’ एवं एक ऐल्कोहॉल ग’ प्राप्त हुए। ‘ग’ को क्रोमिक अम्ल के साथ ऑक्सीकृत करने पर ‘ख’ उत्पन्न होता है। ‘ग’ निर्जलीकरण पर ब्यूट-1-ईन देता है। अभिक्रियाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी रासायनिक समीकरणों को लिखिए।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 12.
निम्नलिखित यौगिकों को उनसे सम्बन्धित (कोष्ठकों में दिए गए) गुणधर्मों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(i) ऐसीटेल्डिहाइड, ऐसीटोन, डाइ-तृतीयक-ब्यूटिलकीटोन, मेथिल तृतीयक ब्यूटिलकीटोन (HCN के प्रति अभिक्रियाशीलता)।
(ii) CH3CH2CH(Br)COOH, CH3CH(Br)CH2COOH, (CH3)2CHCOOH, CH3CH2CH2COOH (अम्लता के क्रम में)
(iii) बेन्जोइक अम्ल, 4-नाइट्रोबेन्जोइक अम्ल, 3,4-डाइनाइट्रोबेन्जोइक अम्ल, 4-मेथॉक्सी बेन्जोइक अम्ल (अम्लता की सामर्थ्य के क्रम में)।
उत्तर
(i) डाइ-तृतीयक ब्यूटिल कीटोन < तृतीयक ब्यूटिल मेथिल कीटोन < ऐसीटोन < ऐसीटैल्डिहाइड
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.12


(iii) 4.मेथॉक्सी बेन्जोइक अम्ल

प्रश्न 13.
निम्नलिखित यौगिक युग्मों में विभेद करने के लिए सरल रासायनिक परीक्षणों को दीजिए –

  1. प्रोपेनल एवं प्रोपेनोन
  2. ऐसीटोफीनोन एवं बेन्जोफीनोन
  3. फीनॉल एवं बेन्जोइक अम्ल
  4. बेन्जोइक अम्ल एवं एथिल बेन्जोएट
  5. पेन्टेन-2-ऑन एवं पेन्टेन-3-ऑन
  6. बेन्जेल्डिहाइड एवं ऐसीटोफीनोन
  7. एथेनल एवं प्रोपेनल।

उत्तर
1. प्रोपेनल एवं प्रोपेनोन – इन यौगिकों में विभेद करने के लिए आयोडोफॉर्म परीक्षण का प्रयोग किया जाता है। यह परीक्षण प्रोपेनोन द्वारा दिया जाता है, परन्तु प्रोपेनल द्वारा नहीं। प्रोपेनोन गर्म NaOH/I2 से अभिक्रिया करके CHI3 का पीला अवक्षेप देता है, जबकि प्रोपेनल नहीं देता।
2NaOH + I2 → NaI + NaOI + H2O

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

2. ऐसीटोफीनोन एवं बेन्जोफीनोन – ऐसीटोफीनोन आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है, परन्तु बेन्जोफीनोन नहीं देता।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

3. फीनॉल एवं बेन्जोइक अम्ल – बेन्जोइक अम्ल NaHCO3 से अभिक्रिया करके बुदबुदाहट के साथ CO2 गैस देता है, जबकि फीनॉल नहीं देता।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.13.3


फीनॉल Br2 जल को रंगहीन करके सफेद अवक्षेप देता है, परन्तु बेन्जोइक अम्ल नहीं देता।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.13.4

4. बेन्जोइक अम्ल एवं एथिल बेन्जोएट – बेन्जोइक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया पर तीव्र बुदबुदाहट के साथ CO2 गैस मुक्त करता है, जबकि एथिल बेन्जोएट ऐसा नहीं करता।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

5. पेन्टेन-2-ऑन एवं पेन्टेन-3-ऑन – पेन्टेन-2-ऑन आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है अर्थात् NaOH व  I2 के साथ आयोडोफॉर्म बनाता है, जबकि पेन्टेन-3-ऑन यह परीक्षण नहीं देता।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

6. बेन्जेल्डिहाइड एवं ऐसीटोफीनोन – ऐसीटोफीनोन आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है, परन्तु बेन्जेल्डिहाइड यह परीक्षण नहीं देता।

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7. एथेनल एवं प्रोपेनल – एथेनल आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है, परन्तु प्रोपेनल नहीं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 14.
बेन्जीन से निम्नलिखित यौगिकों का विरचन आप किस प्रकार करेंगे? आप कोई भी अकार्बनिक अभिकर्मक एवं कोई भी कार्बनिक अभिकर्मक, जिसमें एक से अधिक कार्बन न हों, का उपयोग कर सकते हैं।
(i) मेथिल बेन्जोएट
(ii) m-नाइट्रोबेन्जोइक अम्ल
(iii) p-नाइट्रोबेन्जोइक अम्ल
(iv) फेनिलऐसीटिक अम्ल
(v) p-नाइट्रोबेन्जेल्डिहाइड।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न15.
आप निम्नलिखित रूपान्तरणों को अधिकतम दो चरणों में किस प्रकार से सम्पन्न करेंगे?

  1. प्रोपेनोन से प्रोपीन
  2. बेन्जोइक अम्ल से बेन्जेल्डिहाइड
  3. एथेनॉल से 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
  4. बेन्जीन से m-नाइट्रोऐसीटोफीनोन
  5. बेन्जेल्डिहाइड से बेन्जोफीनोन
  6. ब्रोमोबेन्जीन से 1-फेनिलएथेनॉल
  7. बेन्जेल्डिहाइड से 3-फेनिलप्रोपेन-1-ऑल
  8. बेन्जेल्डिहाइड से α-हाइड्रॉक्सीफेनिलऐसीटिक अम्ल
  9. बेन्जोइक अम्ल से m-नाइट्रोबेन्जिल ऐल्कोहॉल।

उत्तर
1. प्रोपेनोन से प्रोपीन
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.1


2. बेन्जोइक अम्ल से बेन्जेल्डिहाइड
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.2
3. एथेनॉल से 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.3
4. बेन्जीन से m-नाइट्रोऐसीटोफीनोन
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.4
5. बेन्जेल्डिहाइड से बेन्जोफीनोन
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.5
6. ब्रोमोबेन्जीन से 1-फेनिलएथेनॉल
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.6
7. बेन्जेल्डिहाइड से 3-फेनिलप्रोपेन-1-ऑल
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.7
8. बेन्जेल्डिहाइड से α-हाइड्रॉक्सीफेनिलऐसीटिक अम्ल
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.8
9. बेन्जोइक अम्ल से m-नाइट्रोबेन्जिल ऐल्कोहॉल
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.15.9

प्रश्न16.
निम्नलिखित पदों (शब्दों) का वर्णन कीजिए –

  1. ऐसीटिलिनन अथवा फ्रीडेल-क्राफ्ट ऐसीटिलीकरण
  2. कैनिजारो अभिक्रिया
  3. क्रॉस ऐल्डोल संघनन
  4. विकार्बोक्सिलन।

उत्तर
1. ऐसीटिलिनन (Acetylation) – ऐल्कोहॉलों, फीनॉलों अथवा ऐमीनों के एक सक्रिय हाइड्रोजन का एक ऐसिल (-RCO) समूह के साथ प्रतिस्थापन, जिसके फलस्वरूप संगत एस्टर या ऐमाइड बनते हैं, ऐसीटिलिनन कहलाता है। यह प्रतिस्थापन किसी क्षारक; जैसे- पिरिडीन अथवा डाइमेथिलऐनिलीन की उपस्थिति में अम्ल क्लोराइड अथवा अम्ल ऐनहाइड्राइड का प्रयोग करके कराया जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.1

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.1
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

2. कैनिजारो अभिक्रिया (Cannizzaro’s Reaction) – ऐल्डिहाइड, जिनमें α-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होते, सान्द्र क्षार की उपस्थिति में स्वऑक्सीकरण व अपचयन (असमानुपातन) की अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं। इस अभिक्रिया में ऐल्डिहाइड का एक अणु ऐल्कोहॉल में अपचयित होता है, जबकि दूसरा अणु कार्बोक्सिलिक अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत हो जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.3


इन अभिक्रियाओं में ऐल्डिहाइड असमानुपातन दर्शाता है। इसका तात्पर्य है कि ऐल्डिहाइड का एक अणु कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत हो जाता है तथा अन्य ऐल्कोहॉल में अपचयित हो जाता है। कीटोन ये अभिक्रिया नहीं देते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.4

3. क्रॉस ऐल्डोल संघनन (Cross Aldol Condensation) – जब दो भिन्न-भिन्न ऐल्डिहाइड और/या कीटोन के मध्य ऐल्डोल संघनन होता है तो उसे क्रॉस ऐल्डोल संघनन कहते हैं। यदि प्रत्येक में g-हाइड्रोजन हो तो ये चारे उत्पादों का मिश्रण देते हैं। इसे निम्नलिखित एथेनल व प्रोपेनल के मिश्रण की ऐल्डोल संघनन अभिक्रिया द्वारा समझाया गया है –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.5


क्रॉस ऐल्डोल संघनन में कीटोन भी एक घटक के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.6

4. विकार्बोक्सिलन (Decarboxylation) – कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम लवणों को सोडलाइम (NaOH तथा CaO, 3 : 1 के अनुपात में) के साथ गर्म करने पर कार्बन डाइऑक्साइड निकल जाती है एवं हाइड्रोकार्बन प्राप्त होते हैं। यह अभिक्रिया विकार्बोक्सिलने (decarboxylation) कहलाती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.16.7


कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्षार धातु लवणों के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन द्वारा विकार्बोक्सिलन हो जाता है तथा ऐसे हाइड्रोकार्बन निर्मित होते हैं जिसमें कार्बन परमाणुओं की संख्या, अम्ल के ऐल्किल समूह में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगुनी होती है। इस अभिक्रिया को कोल्बे विद्युत-अपघटन (Kolbe electrolysis) कहते हैं।

प्रश्न17.
निम्नलिखित प्रत्येक संश्लेषण में छूटे हुए प्रारम्भिक पदार्थ, अभिकर्मक अथवा उत्पादों को लिखकर पूर्ण कीजिए –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.1


Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.2
उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.3
(iii) H2NNHCONH2 का अधिक नाभिकरागी NH2NH भाग अभिक्रिया करके सेमीकाबेंजोन बनाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.4
(iv) Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.5

(v) केवल ऐल्डिहाइड ही टॉलेन अभिकर्मक द्वारा ऑक्सीकृत होते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.6


(vi) सायनोहाइड्रिन निर्माण ऐल्डिहाइड समूह पर होता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.7
(viii) केवल कीटो समूह NaBH4 द्वारा अपचयित होता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.8
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.17.9

प्रश्न18.
निम्नलिखित के सम्भावित कारण दीजिए –
(i) साइक्लोहेक्सेनोन अच्छी लब्धि में सायनोहाइड्रिन बनाता है, परन्तु 2,2,6- ट्राइमेथिल साइक्लोहेक्सेनोन ऐसा नहीं करता।
(ii) सेमीकाबेंजाइड में दो -NH2 समूह होते हैं, परन्तु केवल एक -NH2 समूह ही सेमीकाबेंजोन विरचन में प्रयुक्त होता है।
(iii) कार्बोक्सिलिक अम्ल एवं ऐल्कोहॉल से अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में एस्टर के विरचन के समय जल अथवा एस्टर जैसे ही निर्मित होता है, उसको निकाल दिया जाना चाहिए।
उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.18.1


α-स्थानों पर तीन मेथिल समूहों की उपस्थिति के कारण CN आयनों का नाभिकस्नेही आक्रमण नहीं होता है। साइक्लोहेक्सेन में यह स्टेरिक अवरोध अनुपस्थित होता है। अत: CN आयनों का नाभिकस्नेही आक्रमण शीघ्रता से होता है। अत: साइक्लोहेक्सेनोन सायनोहाइडूिन अच्छी मात्रा में प्राप्त होता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.18.2
सेमीकाबेंजाइड में दो -NH2 समूह होते हैं, लेकिन इनमें से एक (ऊपर प्रदर्शित) अनुनाद में भाग लेता है जिसके परिणामस्वरूप इस NH2 समूह पर इलेक्ट्रॉन घनत्व घट जाता है। अतः यह नाभिकस्नेही नहीं है, लेकिन दूसरे NH2 समूह पर एकाकी युग्म इलेक्ट्रॉन अनुनाद में भाग नहीं लेता है। अत: ऐल्डिहाइडों एवं कीटोनों के C == O समूह पर आक्रमण के लिए उपलब्ध होता है।

(iii) कार्बोक्सिलिक अम्ल तथा ऐल्कोहॉल से अम्ल की उपस्थिति में एस्टरों के निर्माण की प्रक्रिया उत्क्रमणीय अभिक्रिया होती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.18.3


साम्यावस्था को अग्र दिशा (forward direction) में विस्थापित करने के लिए जल या एस्टर को निर्मित होते ही निष्कासित कर लिया जाना चाहिए।

प्रश्न19.
एक कार्बनिक यौगिक में 69.77% कार्बन, 11.63% हाइड्रोजन तथा शेष ऑक्सीजन है। यौगिक का आण्विक द्रव्यमान 86 है। यह टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित नहीं करता, परन्तु सोडियम हाइड्रोजनसल्फाइट के साथ योगज यौगिक देता है तथा आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है। प्रबल ऑक्सीकरण पर एथेनोइक तथा प्रोपेनोइक अम्ल देता है। यौगिक की सम्भावित संरचना लिखिए। (2010)
हल
(क) यौगिक का अणुसूत्र ज्ञात करना –
कार्बन का प्रतिशत = 69.77%
हाइड्रोजन का प्रतिशत = 11.63%
∴ ऑक्सीजन का प्रतिशत = 100 – (69.77 + 11.63)
= 18.6%
C : H : O = frac { 69.77 }{ 12 } :frac { 11.6.3 }{ 1 } :frac { 18.6 }{ 16 }


=5.81 : 11.63 : 1.16
∴ सरल अनुपात = 5 : 10 : 1
दिए गए यौगिक का मूलानुपाती सूत्र = C5H10O
मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान = 5 × 12 + 10 × 1 + 1 × 16 = 86
आण्विक द्रव्यमान = 86 (दिया है)
अणुसूत्र = C5H10O × frac { 86 }{ 86 } = C5H10O
इस प्रकार दिए गए यौगिक का अणुसूत्र = C5H10O

(ख) यौगिक की संरचना ज्ञात करना

  1. चूंकि दिया गया यौगिक सोडियम हाइड्रोजन सल्फाइट के साथ योगज यौगिक बनाता है, इसलिए यह एक ऐल्डिहाइड अथवा कीटोन होना चाहिए।
  2. चूंकि यौगिक टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित नहीं करता, इसलिए यह ऐल्डिहाइड नहीं हो सकता। अतः यह कीटोन होना चाहिए।
  3. चूँकि यौगिक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है, इसलिए दिया गया यौगिक मेथिल कीटोन है।
  4. चूँकि दिया गया यौगिक प्रबल ऑक्सीकरण पर एथेनोइक अम्ले तथा प्रोपेनोइक अम्ल का मिश्रण देता है, इसलिए मेथिल कीटोन पेन्टेन-2-ओन है। इसकी संरचना इस प्रकार है –
    Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 2Q.19.1

(ग) सम्मिलित अभिक्रियाओं का विवरण

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 20.
यद्यपि फीनॉक्साइड आयन की अनुनादी संरचनाएँ कार्बोक्सिलेट आयन की तुलना में अधिक हैं, परन्तु कार्बोक्सिलिक अम्ल फीनॉल की अपेक्षा प्रबल अम्ल है, क्यों?
उत्तर
काबॉक्सिलेट आयन में ऋणावेश दो ऑक्सीजन परमाणुओं पर विस्थानित होता है, जबकि फीनॉक्साइड आयन में ऋणावेश एक ऑक्सीजन परमाणु पर ही विस्थानित होता है, इसलिए फोनॉक्साइड आयन की तुलना में कार्बोक्सिलेट आयन अधिक स्थायी होता है, फलस्वरूप कार्बोक्सिलिक अम्ल फीनॉल की अपेक्षा प्रबल अम्ल होते हैं।

परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
निम्न में से कौन जलीय KOH को गर्म करने पर ऐसीटेल्डिहाइड बनाता है ?
(i) CH3CH2Cl
(ii) CH3Cl,CH2Cl
(iii) CH3CHCl2
(iv) CH3COCl
उत्तर
(iii) CH3CHCl2

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन 50% सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ क्रिया करके संगत ऐल्कोहॉल तथा अम्ल देता है?
(i) ब्यूटेनॉल
(ii) बेन्जेल्डिहाइड
(iii) फीनॉल
(iv) बेन्जोइक अम्ल
उत्तर
(ii) बेन्जेल्डिहाइड

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन जलीय सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ संगत ऐल्कोहॉल तथा अम्ल देगा?
(i) C6H5CHO
(ii) CH3CH2CH2CHO
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 3Q.3


(iv) C6H5CH2CHO
उत्तर
(i) C6H5CHO

प्रश्न 4.
निम्न में से कौन-सा यौगिक कैनिजारो अभिक्रिया नहीं देता है? (2017)
(i) HCHO
(ii) CH3CH2CHO
(iii) CCl3CHO
(iv) (CH3)3C .CHO
उत्तर
(ii) CH3CH2CHO

प्रश्न 5.
ऐसीटिल ब्रोमाइड CH3Mgl के आधिक्य तथा NH4Cl के संतृप्त विलयन से क्रिया करके देता है –
(i) 2-मेथिल प्रोपेन-2-ऑल ।
(ii) ऐसीटैमाइड
(iii) ऐसीटोन
(iv) ऐसीटिल आयोडाइड
उत्तर
(i) 2-मेथिल प्रोपेन-2-ऑल

प्रश्न 6.
C6H5COCl का IUPAC नाम है –
(i) क्लोरोबेन्जिले कीटोन
(ii) बेन्जीन क्लोरोकीटोन
(iii) बेन्जीन कार्बोनिल क्लोराइड
(iv) क्लोरोफेनिल कीटोन
उत्तर
(i) क्लोरोबेन्जिल कीटोन

प्रश्न 7.
एक प्रबल क्षार किससे -हाइड्रोजन कम कर सकता है?
(i) कीटोन
(ii) ऐल्केन
(iii) ऐल्कीन
(iv) ऐमीन
उत्तर
(i) कीटोन

प्रश्न 8.
वह अभिकर्मक जिसके साथ ऐसीटेल्डिहाइड तथा ऐसीटोन दोनों आसानी से अभिक्रिया करते हैं, है – (2017)
(i) फेहलिंग अभिकर्मक
(ii) ग्रिगनार्ड अभिकर्मक
(iii) शिफ अभिकर्मक
(iv) टॉलेन अभिकर्मक
उत्तर
(ii) ग्रिगनार्ड अभिकर्मक

प्रश्न 9.
ऐल्डोल संघनन में निर्मित उत्पाद है –
(i) α, β-असंतृप्त ईथर
(ii) α, β-हाइड्रॉक्सी अम्ल
(iii)α, β-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड तथा कीटोन
(iv) एक α-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन
उत्तर
(iii) α β-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड तथा कीटोन

प्रश्न 10.
एक द्रव को एथेनॉल में मिश्रित करके एक बूंद सान्द्र H So, मिलाया गया। फलों जैसी गंध वाला एक यौगिक निर्मित हुआ। द्रव था (2017)
(i) HCHO
(ii) CH3COCH3
(iii) CH3COOH
(iv) CH3OH
उत्तर
(iii) CH3COOH

प्रश्न11.
प्रोपियोनिक अम्ल Brg/P के साथ डाइब्रोमो उत्पाद देता है। इसकी संरचना होगी –
(i) HCBr2 – CH2COOH
(ii) CH2Br-CH2-COBr
(iii) CH3-CBr2-COOH
(iv) CH2Br-CHBr-COOH
उत्तर
(iii) CH3-CBr2-COOH

प्रश्न 12.
ऐसीटिक अम्ल की हाइड्रोजोइक अम्ल के साथ सान्द्र H2SO4 की उपस्थिति में 0°C पर क्रिया कराने पर बनता है – (2017)
(i) मेथेन
(ii) मेथिल ऐमीन
(iii) मेथिल सायनाइड
(iv) ऐथिल ऐमीन
उत्तर
(ii) मेथिल ऐमीन

प्रश्न 13.
ऐसीटिक अम्ल की क्रिया डाइएजोमेथेन से कराने पर बनने वाला यौगिक है – (2017)
(i) मेथिल ऐसीटेट
(ii) ऐथिल ऐसीटेट
(iii) मेथेन
(iv) मेथिल ऐमीन
उत्तर
(i) मेथिल ऐसीटेट

प्रश्न 14.
निम्न में कौन फेहलिंग विलयन का अपचयन नहीं कर सकता है? (2017)
(i) फॉर्मिक अम्ल
(ii) ऐसीटिक अम्ल
(iii) फॉर्मेल्डिहाइड
(iv) ऐसीटेल्डिहाइड
उत्तर
(ii) ऐसीटिक अम्ल

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड स्थान समावयवता प्रदर्शित नहीं करते, क्यों?
उत्तर
ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइडों में -CHO समूह हमेशा सिरे पर होता है, अतः ये स्थान समावयवता प्रदर्शित नहीं करते हैं।

प्रश्न 2.
ऐसिड क्लोराइडों को संगत ऐल्डिहाइडों में परिवर्तन के लिए अभिक्रिया का नाम तथा प्रयुक्त अभिकर्मक लिखिए।
उत्तर
रोजेनमुण्ड अभिक्रिया। अभिकर्मक Pd/BaSO4 द्वारा समर्थित तथा सल्फर या क्विनोलीन द्वारा आंशिक विषाक्त में हाइड्रोजन

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 3.
ऐल्डिहाइडों के क्वथनांक जनक ऐल्केनों तथा संगत ऐल्कोहॉलों के मध्यवर्ती होते हैं। समझाइए।
उत्तर
ऐल्डिहाइडों का अणुभार जनक ऐल्केनों से अधिक होता है तथा ऐल्डिहाइडों में अधिक ध्रुवता के कारण ये जनक ऐल्केनों से अधिक क्वथनांक वाले होते हैं। दूसरी तरफ, ऐल्डिहाइड ऐल्कोहॉलों के समान संयुग्मित द्रव नहीं होते हैं, अत: इनके क्वथनांक संगत ऐल्कोहॉलों से निम्न होते हैं।

प्रश्न 4.
यूरोट्रोपीन पर टिप्पणी लिखिए। (2010)
उत्तर
फॉर्मेल्डिहाइड अमोनिया से अभिक्रिया करके हेक्सा मेथिलीन टेट्राऐमीन बनाती है जिसे हेक्सामीन या यूरोट्रोपीन कहते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 5.
एक ऐल्डिहाइड का नाम लिखिए जो फेहलिंग विलयन परीक्षण नहीं देता है।
उत्तर
बेन्जेल्डिहाइड।

प्रश्न 6.
क्या होता है जब फॉर्मेल्डिहाइड की अभिक्रिया सान्द्र NaOH विलयन से कराते हैं ?
उत्तर
मेथिल ऐल्कोहॉल तथा सोडियम फॉर्मेट बनता है। यह कैनिजारो अभिक्रिया है।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित को HCN के प्रति बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में लिखिए –
CH3CHO, CH3COCH3, HCHO, C2H5COCH3
उत्तर
C2H5COCH3 < CH3COCH3 < CH3CHO < HCHO

प्रश्न 8.
किस प्रकार के ऐल्डिहाइड कैनिजारो अभिक्रिया देते हैं?
उत्तर
ऐल्डिहाइड जिनमें 2-हाइड्रोजन नहीं होती, जैसे-फॉर्मेल्डिहाइड तथा बेन्जेल्डिहाइड कैनिजारो अभिक्रिया देते हैं।

प्रश्न 9.
फेहलिंग विलयन क्या होता है?
उत्तर
समान आयतन में CuSO4 विलयन (फेहलिंग A) तथा रोशले लवण के क्षारीय विलयन (फेहलिंग B) का मिश्रण फेहलिंग विलयन कहलाता है।

प्रश्न 10.
ऐल्डिहाइड समूह की पहचान के लिए फेहलिंग विलयन परीक्षण दीजिए।
उत्तर
RCHO + 2Cu2+ + 5OH → RCO0 + Cu2O + 3H2O

प्रश्न 11.
एथेनल को HI तथा लाल P के साथ उच्च दाब पर गर्म करने पर होने वाली क्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 12.
उस उत्पाद की संरचना तथा नाम लिखिए जब ओजोन एथिलीन के साथ क्रिया करती है तथा अन्तिम उत्पाद को जल अपघटित करते हैं।
उत्तर
फॉर्मेल्डिहाइड (मेथेनल), HCHO.

प्रश्न 13.
आप ऐसीटेल्डिहाइड से 3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल किस प्रकार प्राप्त करेंगे?
उत्तर
ऐल्डोल संघनन द्वारा।

प्रश्न 14.
क्या होता है जब ऐसीटेल्डिहाइड को H2SO4 की उपस्थिति में K2Cr2O7 से अभिकृत कराते हैं?
उत्तर
ऐसीटेल्डिहाइड ऐसीटिक अम्ल में ऑक्सीकृत हो जाता है।

प्रश्न 15.
फॉर्मेल्डिहाइड ऐल्डोल संघनन में भाग क्यों नहीं लेता है?
उत्तर
ऐल्डोल संघनन में किसी विशेष कार्बोनिल यौगिक के एक अणु से जनित कार्बोधनायन का नाभिकस्नेही आक्रमण दूसरे अणु पर होता है। इसके लिए कार्बोनिल यौगिक में कम-से-कम एक α-हाइड्रोजन उपस्थित होना चाहिए। चूंकि फॉर्मेल्डिहाइड में α-हाइड्रोजन उपस्थित नहीं होता। अतः यह ऐल्डोल संघनन में भाग नहीं लेता, लेकिन यह α-हाइड्रोजन परमाणु युक्त अन्य कार्बोनिल यौगिक के साथ क्रॉस ऐल्डोल संघनन में भाग ले सकता है। उदाहरणार्थ- फॉर्मेल्डिहाइड तथा ऐसीटेल्डिहाइड।

प्रश्न 16.
फॉर्मेलिन क्या है? इसके उपयोग लिखिए। (2011)
उत्तर
फॉर्मेलिन, फॉर्मेल्डिहाइड का जलीय विलयन होता है जिसमें फॉर्मेल्डिहाइड की अधिकतम सान्द्रता 40% तक होती है। यह विलयन मृत जीवों के परिरक्षण में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 17.
एथेनल से ऐसीटोन कैसे प्राप्त करते हैं?
उत्तर

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प्रश्न18.
क्या होता है जब कैल्सियम ऐसीटेट को शुष्क आसवित करते हैं ?
उत्तर

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प्रश्न 19.
कौन-सा यौगिक बनता है जब बेन्जीन को निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में CH3COCl के साथ अभिकृत कराते हैं?
उत्तर
ऐसीटोफीनोन।

प्रश्न 20.
कीटोन ऐल्डिहाइडों की तुलना में कम सक्रिय होते हैं, क्यों?
उत्तर
कीटोनों में दो ऐल्किल समूहों के धनात्मक प्रेरणिक प्रभाव (+I प्रभाव) के कारण कार्बन परमाणु कम धनात्मक हो जाता है तथा इन्हें ऐल्डिहाइडों से कम सक्रिय बनाता है।

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प्रश्न 21.
कीटोनों के क्वथनांक समावयवी ऐल्डिहाइडों से उच्च होते हैं। कारण बताइए।
उत्तर
कीटोनों में दो इलेक्ट्रॉन विमोचक ऐल्किल समूह उपस्थित होते हैं जबकि ऐल्डिहाइडों में एक समूह उपस्थित होता है जिसके परिणामस्वरूप कीटोनों में ऐल्किल समूह ऐल्डिहाइडों से अधिक ध्रुवीय होता है। अत: कीटोनों के क्वथनांक समावयवी ऐल्डिहाइडों से उच्च होते हैं।

प्रश्न 22.
ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के हाइड्रोजोनों का निर्माण प्रबल अम्लीय माध्यम में नहीं किया जा सकता, क्यों?
उत्तर
हाइड्राजोनों को निर्माण कार्बोनिल यौगिकों की हाइड्राजीन से क्रिया द्वारा होता है जो कि नाभिकस्नेही की तरह कार्य करता है। प्रबल अम्लीय माध्यम में हाइड्राजीन प्रोटॉनीकृत हो जाती है। अत: यह नाभिकस्नेही के समान कार्य करने के योग्य नहीं रहती जिसके परिणामस्वरूप ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों को प्रबल अम्लीय माध्यमों में नहीं बनाया जा सकता।

प्रश्न 23.
किस प्रकार के ऐल्डिहाइड एवं कीटोन ऐल्डोल संघनन प्रदर्शित करते हैं?
उत्तर
वे ऐल्डिहाइड तथा कीटोन जिनमें α-हाइड्रोजन होती है।

प्रश्न 24.
किस प्रकार के कीटोन आयोडोफॉर्म अभिक्रिया देते हैं ?
उत्तर
कीटोन जिनमें CH3CO- समूह होता है।

प्रश्न 25.
डाइ t-ब्यूटिल कीटोन NaHSO3 एडक्ट नहीं देता जबकि ऐसीटोन देता है, क्यों?
उत्तर
बड़े t-ब्यूटिल समूह के कारण उत्पन्न स्टेरिक अवरोध के कारण बाइसल्फेट आयन कार्बोनिल समूह के योग को प्रेरित नहीं करते हैं।

प्रश्न 26.
आप ऐसीटोन को एथेनोइक ऐसिड में कैसे बदलोगे?
उत्तर

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प्रश्न 27.
क्लीमेन्स अपचयन को उदाहरण देते हुए समझाइए। (2014)
उत्तर
ऐल्डिहाइड या कीटोन का Zn/C2H5OH/HCl के द्वारा अपचयन कराने पर ऐल्केन बनता है। इसे क्लीमेन्स अपचयन कहते हैं।

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प्रश्न 28.
कार्बोनिल यौगिक ऐल्कोहॉलों से अधिक ध्रुवीय होते हैं जबकि C तथा O परमाणु के मध्य विद्युत्-ऋणात्मकता का अन्तर H तथा O परमाणुओं से कम होता है। समझाइए।
उत्तर
कार्बोनिल समूह Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 4Q.28

में π इलेक्ट्रॉन युग्म ढीला बँधा रहता है और आसानी से ऑक्सीजन परमाणु की ओर स्थानान्तरित हो जाता है। ऐसा ऐल्कोहॉल समूह (O-H) में नहीं होता। अतः कार्बोनिल यौगिक अधिक ध्रुवीय होते हैं और इनके द्विध्रुव आघूर्णमान (2.3 से 2.80) ऐल्कोहॉलों (1.6-1.8 D) से उच्च होते हैं।

प्रश्न 29.
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 4Q.29


उत्तर
हेक्स-2-ईन-4-आइनोइक अम्ल।

प्रश्न 30.
आप बेन्जीन को बेन्जोइक अम्ल में कैसे परिवर्तित करेंगे? (2018)
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 31.
बेन्जोइक अम्ल ऐसीटिक अम्ल से प्रबल अम्ल क्यों होता है?
उत्तर
बेन्जोइक अम्ल का K, मान (6.3 × 10-5) ऐसीटिक अम्ल के K मान (1.75 × 10-5) से अधिक होता है क्योंकि-I प्रभाव युक्त C6H5 समूह बेन्जोइक अम्ल से H+ का विमोचन सुलभ बनाता है जबकि + I प्रभाव युक्त CH3 समूह इसे रोके रखता है।

प्रश्न 32.
आप ऐसीटिक अम्ल का मेथिलेमीन में परिवर्तन कैसे करेंगे?
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 33.
बेन्जेल्डिहाइड तथा बेन्जोइक अम्ल के मध्य विभेद के लिए रासायनिक परीक्षण दीजिए।
उत्तर
बेन्जोइक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ गर्म करने पर तेजी से झाग देता है जबकि बेन्जेल्डिहाइड क्रिया नहीं करता है।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 34.
आप ऐसीटिक अम्ल को ऐसीटेल्डिहाइड में किस प्रकार परिवर्तित करेंगे?
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 35.
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए – (2013)
CH2 = CH2 + O3underrightarrow { { CCl }_{ 4 } }

A underrightarrow { { Zn+H }_{ 2 }O } B
उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 4Q.35

प्रश्न 36.
उदाहरण द्वारा हैल-वोल्हार्ड-जेलिन्सकी अभिक्रिया समझाइए। (2017)
उत्तर
लाल फॉस्फोरस या आयोडीन उत्प्रेरक की अल्प मात्रा की उपस्थिति में उच्च ताप पर मोनोकार्बोक्सिलिक अम्ल की क्लोरीन से अभिक्रिया कराने पर 2-हैलोजने अम्ल बनते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 37.
ऐसीटिक अम्ल को लाल P तथा Cl2 की उपस्थिति में हैलोजनीकृत किया जा सकता है। लेकिन फॉर्मिक अम्ल को नहीं, क्यों?
उत्तर
फॉर्मिक अम्ल में α-हाइड्रोजन नहीं पाया जाता है। अत: यह हैलोजनीकृत (halogenated) नहीं होता है जबकि ऐसीटिक अम्ल में α-कार्बन परमाणु होता है तथा हैलोजनीकरण -कार्बन परमाणु पर होता है।

प्रश्न 38.
किसका क्वथनांक उच्च होगा-ब्यूटेनोइक अम्ल या एथिल ऐसीटेट ? समझाइए।
उत्तर
दोनों यौगिक समावयवी हैं तथा इनके अणुभार समान हैं। ब्यूटेनोइक अम्ल में OH समूह होता है। अतः यह हाइड्रोजन आबन्ध बनाने में सक्षम होता है। एथिल ऐसीटेट में हाइड्रोजन आबन्ध नहीं पाया जाता है। ब्यूटेनोइक अम्ल का क्वथनांक उच्च होता है।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 39.
टॉलेन अभिकर्मक क्या होता है?
उत्तर
टॉलेन अभिकर्मक सिल्वर नाइट्रेट का अमोनीकृत विलयन होता है।

प्रश्न 40.
फॉर्मिक अम्ल टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है, समझाइए।
उत्तर
फॉर्मिक अम्ल में मुक्त ऐल्डिहाइड समूह होता है जो शीघ्रता से ऑक्सीकृत होता है, अत: यह टॉलेन अभिकर्मक (अमोनीकृत सिल्वर नाइट्रेट विलयन) को रजत दर्पण (silver mirror) में अपचयित करता है।

प्रश्न 41.
फॉर्मिक अम्ल गर्म करने पर ऐनहाइड्राइड क्यों नहीं बनाता है?
उत्तर
गर्म करने पर फॉर्मिक अम्ल H2O का एक अणु खोकर CO में निर्जलीकृत (dehydrated) हो जाता है, अत: यह गर्म करने पर ऐनहाइड्राइड नहीं बनाता है।
HCOOH underrightarrow { triangle }

H2O + CO ↑

प्रश्न 42.
श्मिट अभिक्रिया द्वारा प्राथमिक ऐमीन कैसे बनायी जाती है? रासायनिक समीकरण भी दीजिए। (2014, 18)
उत्तर
कार्बोक्सिलिक अम्ल को हाइड्राजोइक अम्ल (N3H) के साथ सान्द्र H2SO4 की उपस्थिति में गर्म करने पर प्राथमिक ऐमीन बनती है।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न43.
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 4Q.43.1


उत्तर
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 4Q.43.2

प्रश्न 44.
रीमर-टीमेन अभिक्रिया को समीकरण सहित लिखिए। (2014, 15, 16)
उत्तर
फीनॉल के क्षारीय विलयन को CCl4 के साथ 60 – 70°C पर reflux करने के पश्चात् मिश्रण को HCl द्वारा अम्लीय करने पर o-हाइड्रॉक्सी बेन्जोइक ऐसिड प्राप्त होता है।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 45.
आप बेन्जोइक अम्ल को बेन्जामाइड में कैसे परिवर्तित करेंगे?
उत्तर

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक एस्टर का अणुभार 102 है। इसका जलीय अपघटन करने पर एक क्षारकीय अम्ल तथा एक ऐल्कोहॉल प्राप्त होता है। यदि अम्ल का 0.185 ग्राम 0.1 NNaOH के 25 mL को पूर्णतया उदासीन करता है, तो बने हुए अम्ल, ऐल्कोहॉल तथा एस्टर के संरचना सूत्र लिखिए। (2015)
हल
माना एस्टर RCOOR’ है
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.1


जहाँ, R = R’ या R≠ R’
0.185 ग्राम अम्ल = 25 mL 0.1 N NaOH ≡ 25 mL N NaOH
∵ 1 N NaOH के 2.5 mL उदासीन करता है = 0.185 ग्राम अम्ल को
∵ 1 N NaOH के 1000 mL उदासीन करती है = frac { 0.185times 1000 }{ 2.5 } = 74
अतः अम्ल का तुल्यांकी भार = 74
अम्ल का अणुभार = 74
RCOOH का अणुभार = 74
R + 12 + 32 + 1 = 74
R का अणुभार = 74 – 45 = 29
अत: R, C2H5 एथिल समूह है। अम्ल का अणुसूत्र C2H3COOH है। एस्टर का अणुभार = 102
RCOOR’ का अणुभार = 102
29 + 12 + 32 + R’ = 102
R’ = 29
अत: R = R’ है, तो एस्टर C2H5COOC2H5 है और ऐल्कोहॉल का अणुसूत्र C2H5OH है।
अम्ल = C2H5COOH, ऐल्कोहॉल = C2H5OH
एस्टर = C2H5COOC2H5

प्रश्न 2.
विशिष्ट गन्ध वाला कार्बनिक यौगिक A, सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ क्रिया करके दो यौगिक B तथा C बनाता है। यौगिक B का अणुसूत्र C7H8O है। इसका ऑक्सीकरण करने पर पुनः यौगिक A बनता है। यौगिक C को सोडालाइम के साथ गर्म करने पर बेंजीन प्राप्त होती है। A, B तथा C कार्बनिक यौगिकों की संरचनाएँ लिखिए। सम्बन्धित अभिक्रियाओं के समीकरण भी लिखिए। (2014)
उत्तर
यौगिक A की C6H5CHO होने की सम्भावना लगती है। प्रश्नानुसार यौगिक A की NaOH से क्रिया कराने पर यौगिक B तथा C बनता है। यौगिक B का अणुसूत्र C7H8O है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.2.1


यौगिक B C6H5CH2OH के ऑक्सीकरण से पुनः यौगिक A C6H5CHO प्राप्त होता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.2.2
यौगिक C, C6H5COONa को सोडा लाइम के साथ गर्म करने पर बेंजीन बनती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.2.3
अत: यौगिक
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.2.4
B= C6H5CH2OH (बेन्जिल ऐल्कोहॉल), C= सोडियम बेन्जोएट

प्रश्न 3.
एक कार्बनिक यौगिक A जिसका अणुसूत्र C5H10 है ब्रोमीन जल को रंगहीन करता है। यौगिक A अपचयन करने पर 2 मेथिल ब्यूटेन और ओजोनीकरण करने पर ऐथेनल तथा प्रोपेनोन देता है। यौगिक A की पहचान कीजिए। सम्बन्धित अभिक्रियाओं के समीकरण दीजिए। (2014)
उत्तर
यौगिक के अणुसूत्र C5H10 से इसके Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.3.1

होने की सम्भावना लगती है। चूंकि ओजोनीकरण के उपरान्त एथेनल तथा प्रोपेनोन बनता है तथा यह ब्रोमीन जल को रंगहीन करता है। इससे यौगिक की असंतृप्त होने की पुष्टि होती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.3.2
यौगिक के अपचयन से 2-मेथिल ब्यूटेन बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.3.3
यौगिक A के ओजोनीकरण से एथेनल तथा प्रोपेनोन बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.3.4
अतः यौगिक A 3-मेथिल-1-ब्यूटीन है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लीयता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए तथा अपने उत्तर को समझाइए –
(a) ब्यूटेनोइक अम्ल
(b) 2-क्लोरोब्यूटेनोइक अम्ल
(c) 3-क्लोरोब्यूटेनोइक अम्ल
उत्तर
अम्लीयता का क्रम निम्नवत् है –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 5Q.4


2-क्लोरो प्रतिस्थापी प्रेरणिक प्रभाव द्वारा ब्यूटेनोइक अम्ल की अम्लीयता बढ़ाता है। 3-क्लोरो प्रतिस्थापी अम्लीयता कम मात्रा में बढ़ाता है, क्योंकि C-Cl आबन्ध कार्बोक्सिल समूह से दूर हो जाता है। दूरी बढ़ने से प्रेरणिक प्रभाव घटता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रयोगशाला में फॉर्मेल्डिहाइड बनाने की विधि का सचित्र वर्णन कीजिए। इसकी (i) सान्द्र NaOH घोल तथा (ii) अमोनिया के साथ होने वाली क्रियाओं को समीकरण सहित समझाइए। (2010, 11, 16, 17)
उत्तर
प्रयोगशाला में फॉर्मेल्डिहाइड बनाना – मेथिल ऐल्कोहॉल के उत्प्रेरित ऑक्सीकरण द्वारा प्रयोगशाला में फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO) बनाया जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.1.1


विधि – एक फ्लास्क में मेथिल ऐल्कोहॉल लेकर वायु भेजने के लिए तथा वाष्प निकलने के लिए दो नलियाँ लगाई जाती हैं। वायु निकलने वाली नली को प्लेटिनमयुक्त ऐस्बेस्टॉस से भरी एक नली से जोड़ दिया जाता है, जिसमें से एक अन्य नली जल भरे चूषण पम्पयुक्त फ्लास्क में लगा दी जाती है। मेथिल ऐल्कोहॉल तथा प्लेटिनमयुक्त ऐस्बेस्टॉस को गर्म करने के लिए दो अलग-अलग बर्नर लगा दिए जाते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.1.2
प्लेटिनमयुक्त ऐस्बेस्टॉस से भरी नली को लाल तप्त होने तक गर्म करके चूषण पम्प द्वारा फ्लास्क की वायु निकाल देते हैं। मेथिल ऐल्कोहॉलयुक्त फ्लास्क में वायु प्रवाहित करते हुए 250°C से 300°C ताप के बीच गर्म करने पर मेथिल ऐल्कोहॉल की वाष्प Pt के सम्पर्क में आती है, जिससे इसके ऑक्सीकरण से फॉर्मेल्डिहाइड गैस बनती है, जो ग्राही के जल में विलेय होता है। फॉर्मेल्डिहाइड गैसयुक्त जलीय विलयन को फॉर्मेलिन कहते हैं। इसमें 40% फॉर्मेल्डिहाइड तथा शेष जल होता है।

(i) सान्द्र NaOH घोल से अभिक्रिया – फॉर्मेल्डिहाइड की सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के सान्द्र विलयन से क्रिया कराने पर मेथिल ऐल्कोहॉल और सोडियम फॉर्मेट बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.1.3


यह अभिक्रिया कैनिजारो अभिक्रिया कहलाती है।

(ii) अमोनिया से अभिक्रिया – फॉर्मेल्डिहाइड सान्द्र अमोनिया के साथ अभिक्रिया करके हेक्सामेथिलीन टेट्राऐमीन बनाती है जिसे हेक्सामीन या यूरोट्रोपिन कहते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

प्रश्न 2.
प्रयोगशाला में शुद्ध ऐसीटेल्डिहाइड बनाने की विधि का सचित्र वर्णन कीजिए। रासायनिक समीकरण भी दीजिए। इसके कुछ प्रमुख रासायनिक गुण भी दीजिए। (2009, 11, 13, 15, 18)
उत्तर
एथिल ऐल्कोहॉल का K2Cr2O7 तथा तनु H2SO4 द्वारा ऑक्सीकरण कराकर प्रयोगशाला में ऐसीटेल्डिहाइड बनाया जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.1


विधि – प्रयुक्त होने वाला उपकरण चित्रानुसार सजाया जाता है। गोल पेंदी के फ्लास्क में K2Cr2O7 चूर्ण (50 ग्राम) तथा जल (200 मिली) लेकर उसमें बिन्दु कीप द्वारा ऐल्कोहॉल (24 मिली) तथा तनु H2SO4 (60 मिली) का मिश्रण बूंद-बूंद करके गिराया जाता है और फ्लास्क को बालू ऊष्मक पर धीरे-धीरे गर्म किया जाता है। फ्लास्क में अभिक्रिया के फलस्वरूप बनी ऐसीटेल्डिहाईड वाष्प को हिम मिश्रण में रखे गए अमोनिया से संतृप्त ईथरयुक्त फ्लास्क में प्रवाहित किया जाता है, जिससे ऐसीटेल्डिहाइड अमोनिया के बने क्रिस्टलों को धोकर, सुखाकर तनु H2SO4 से आसवित करने पर 21°C पर शुद्ध ऐसीटेल्डिहाइड प्राप्त होता है जो ठण्डा होने पर द्रवित हो जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.2
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.3

रासायनिक परीक्षण – (1) यह I2 व NaOH के साथ पीले रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ आयोडोफॉर्म बनाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.4


2. अपचायक गुण – यह फेहलिंग विलयन को अपचयित कर Cu20 को लाल रंग देता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.5
3. NH2OHसे अभिक्रिया
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.6
4. NaHSO3 से अभिक्रिया
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.2.7

प्रश्न 3.
ऐसीटेल्डिहाइड बनाने की ऑक्सीकरण एवं उत्प्रेरकीय तथा विहाइड्रोजनीकरण विधियों के रासायनिक समीकरण लिखिए। ऐसीटोन की संघनन अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए। (2014)
या
ऐल्डिहाइडों को बनाने की किन्हीं दो विधियों के रासायनिक समीकरण लिखिए। ऐसीटेल्डिहाइड तनु NaOH तथा टॉलेन अभिकर्मक के साथ किस प्रकार क्रिया करता है? सम्बंधित रासायनिक समीकरण लिखिए। (2015, 18)
उत्तर
(i) ऐसीटेल्डिहाइड बनाने की ऑक्सीकरण एवं उत्प्रेरकीय विधि
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.3.1


(ii) ऐसीटेल्डिहाइड बनाने की विहाइड्रोजनीकरण विधि
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.3.2
NaOH से क्रिया
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.3.3
टॉलेन अभिकर्मक से क्रिया
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.3.4

प्रश्न 4.
शुद्ध ऐसीटोन बनाने की प्रयोगशाला विधि का नामांकित चित्र सहित वर्णन कीजिए। इसके प्रमुख रासायनिक गुण भी दीजिए। (2009, 10, 12, 13, 16, 18)
या
ऐसीटोन की क्षारीय आयोडीन के साथ अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। (2018)
उत्तर
प्रयोगशाला में निर्जल कैल्सियम ऐसीटेट के शुष्क आसवन से ऐसीटोन बनाया जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.1


विधि – धातु या काँच के रिटॉर्ट में निर्जल कैल्सियम ऐसीटेट लेकर उपकरण को दिये गये चित्र के । अनुसार व्यवस्थित किया जाता है। रिटॉर्ट को गर्म करने पर ऐसीटोन की वाष्प बनती है जिसे संघनित्र में प्रवाहित करने पर द्रव ऐसीटोन ग्राही में एकत्र हो जाता है। यह ऐसीटोन अशुद्ध होता है। इसे संतृप्त NaHSO3 विलयन के साथ मिलाकर हिलाने के बाद 4-5 घण्टे के लिए रख दिया जाता है, जिससे ऐसीटोन सोडियम बाइसल्फाइट के क्रिस्टल बनते हैं। इन क्रिस्टलों को पृथक् करके इनमें Na2CO3 मिलाकर मिश्रण का आसवन करने पर शुद्ध ऐसीटोन प्राप्त होता है जिसमें जल का कुछ अंश होता है। शुद्ध एवं शुष्क ऐसीटोन प्राप्त करने के लिए ऐसीटोन को निर्जल CaCl2 से सुखाकर पुनः आसवित करने पर 56°C पर शुद्ध ऐसीटोन प्राप्त होता है जिसको संघनित्र द्वारा ग्राही में एकत्र कर लिया जाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.2

अमोनिया के साथ क्रिया – डाइऐसीटोन ऐमीन बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.3


क्लोरोफॉर्म से क्रिया – क्लोरीटोन बनता है। (2009)
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.4
H2SO4 से क्रिया – ऐसीटोन का सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ आसवन करने पर मेसिटलीन बनती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.5
आयोडीन से क्रिया – ऐसीटोन को आयोडीन और NaOH के जलीय विलयन के साथ गर्म करने पर आयोडोफॉर्म का पीला अवक्षेप बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.4.6

प्रश्न 5.
फॉर्मिक अम्ल बनाने की प्रयोगशाला विधि का नामांकित चित्र सहित वर्णन कीजिए तथा अभिक्रियाओं के समीकरण भी दीजिए। इसके दो अपचायक गुणों को लिखिए। (2011, 13)
या
फॉर्मिक अम्ल बनाने की प्रयोगशाला विधि का वर्णन नामांकित चित्र सहित कीजिए तथा अभिक्रियाओं के समीकरण दीजिए। फॉर्मिक अम्ल की फेहलिंग विलयन तथा टॉलेन अभिकर्मक के साथ क्या क्रिया होती है? (2011, 13)
या
फॉर्मिक अम्ल की लेड कार्बोनिल के साथ अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। (2018)
उत्तर
प्रयोगशाला में फॉर्मिक अम्ल, ऑक्सैलिक अम्ल तथा निर्जल ग्लिसरॉल के मिश्रण को 100-110°C ताप पर गर्म करके बनाया जाता है। अभिक्रिया निम्नलिखित पदों में होती है –
1. ऑक्सैलिक अम्ल ग्लिसरॉल के साथ अभिक्रिया करके ग्लिसरॉल मोनोऑक्सैलेट (एस्टर) बनाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.1

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.1

2. ग्लिसरॉल मोनो ऑक्सैलेट 100-110°C ताप पर अपघटित होकर ग्लिसरॉल मोनो फॉर्मेट बनाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.2


3. ग्लिसरॉल मोनो फॉर्मेट में ऑक्सेलिक अम्ल के क्रिस्टलों की कुछ मात्रा मिलाते हैं। इन क्रिस्टलों का जल, ग्लिसरॉल मोनो फॉर्मेट का जल अपघटन कर फॉर्मिक अम्ल तथा ग्लिसरॉल बनाता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.3
अभिक्रिया में बना फॉर्मिक अम्ल आसुत हो जाता है तथा शेष बचे ग्लिसरॉल में फिर ऑक्सैलिक अम्ल मिलाकर फॉर्मिक अम्ल की अधिक मात्रा प्राप्त कर लेते हैं। प्रयुक्त उपकरण का नामांकित चित्र निम्न है –
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.4
निर्जल फॉर्मिक अम्ल बनाना – निर्जल फॉर्मिक अम्ल बनाने के लिए जल मिश्रित अम्ल को उबालकर लेड कार्बोनेट द्वारा उदासीन कर लेते हैं। गर्म विलयन को छानकर, द्रव को ठण्डा करने पर लेड फॉर्मेट के क्रिस्टल पृथक् हो जाते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.5
लेड फॉर्मेट लेड फॉर्मेट के क्रिस्टलों को छानकर तथा सुखाकर एक काँच की झुकी नली में लेते हैं। इसके ऊपर शुष्क H2S गैस प्रवाहित करते हैं जिसके फलस्वरूप फॉर्मिक अम्ल बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.6
ठोस लेड सल्फाइड नली में नीचे रह जाता है तथा द्रव फॉर्मिक अम्ल को बहाकर दूसरे पात्र में एकत्र कर लेते हैं। इससे निर्जल अम्ल बन जाता है।

अपचायक गुण – (i) फॉर्मिक अम्ल टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.7


(ii) फॉर्मिक अम्ल फेहलिंग विलयन को अपचयित कर देता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.5.8

प्रश्न 6.
ऐसीटिक अम्ल के औद्योगिक निर्माण की क्विक विनेगर प्रक्रम की विधि का सचित्र वर्णन कीजिए। इसकी PCls के साथ अभिक्रिया लिखिए। इसका एक परीक्षण भी लिखिए। (2016)
या
शीघ्र सिरका विधि द्वारा ऐसीटिक अम्ल बनाने की विधि का सचित्र वर्णन कीजिए। इसके साथ एथिल ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर
ऐसीटिक अम्ल का निर्माण निम्नलिखित विधियों से किया जाता है –

  1. ऐसीटिलीन से
  2. लकड़ी के भंजक आसवन से प्राप्त पाइरोलिग्नियस अम्ले से
  3. किण्वने द्वारा
  4. सोडियम मेथॉक्साइड द्वारा।

क्विक विनेगर विधि या किण्वन विधि
किण्वन विधि द्वारा ऐसीटिक अम्ल बनाना – इस विधि को शीघ्र सिरका (Quick vinegar) विधि कहते हैं। इस विधि में एथिल ऐल्कोहॉल का माइकोडर्मा ऐसीटी नामक जीवाणुओं द्वारा किण्वन कराके ऐसीटिक अम्ल का तनु विलयन (सिरका) प्राप्त किया जाता है। ये जीवाणु वायु में उपस्थित रहते हैं। ये अपनी वृद्धि के लिए एथिल ऐल्कोहॉल के विलयन में पहुँच जाते हैं और किण्वन द्वारा ऐल्कोहॉल को सिरके में ऑक्सीकृत कर देते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.6.1


ऐसीटिक अम्ले
किण्वन क्रिया एक लकड़ी के पीपे में होती है। इस पीपे में ऊपर और नीचे की ओर छिद्रयुक्त लकड़ी के तख्ते लगे होते हैं। इन दोनों तख्तों के बीच में लकड़ी का बरादा भरा रहता है जो माईकोडर्मा ऐसीटीयुक्त सिरके से गीला कर दिया जाता है। पीपे के चारों ओर दीवारों में भी छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। पीपे के निचले भाग में बने हुए सिरके को निकालने के लिए एक टोंटी लगी रहती है।

उपकरण को पूर्णतया व्यवस्थित करके पीपे के ऊपरी भाग में 10% एथिल ऐल्कोहॉल का विलयन धीरे-धीरे टपकाया जाता है। यह लकड़ी के बुरादे में उपस्थित माइकोडर्मा ऐसीटी की उपस्थिति में वायु की ऑक्सीजन से ऑक्सीकृत होकर ऐसीटिक अम्ल (सिरका) में परिवर्तित होता रहता है। इस प्रक्रम में पीपे का ताप 30-35°C रखा जाता। है। निचले भाग से प्राप्त द्रव को कई बार पीपे में ऊपर से टपकाया जाता है जिससे 6-8% ऐसीटिक अम्लयुक्त सिरका प्राप्त होता है। इस विधि से सिरका बनने में लगभग एक सप्ताह लगता है।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल बनाना – सिरके को NaOH या Na2CO3 से उदासीन करके निर्जल सोडियम ऐसीटेट प्राप्त कर लिया जाता है। इसका सान्द्र H2SO4 के साथ आसवन करने पर 99% अम्ल प्राप्त होता है। इसको ठण्डा करके ग्लेशियल अम्ल प्राप्त कर लेते हैं।

PCl5 से क्रिया – ऐसीटिल क्लोराईड बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.6.3


C2H5OH से क्रिया – एथिल ऐसीटेट (एस्टर) बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.6.4
ऐसीटिक अम्ल का परीक्षण – ऐसीटिक अम्ल को NaOH विलयन द्वारा उदासीन करके FeCl3 का विलयन मिलाने पर लाल रंग का विलयन प्राप्त होता है।
CH3COOH + NaOH → CH3COONa + H2O
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.6.5

प्रश्न 7.
ऑक्सैलिक अम्ल के निर्माण की प्रमुख विधियाँ लिखिए। इसके कुछ प्रमुख रासायनिक गुण भी लिखिए। (2016)
उत्तर
निर्माण विधि
1. सुक्रोस के ऑक्सीकरण द्वारा – प्रयोगशाला में ऑक्सैलिक अम्ल सुक्रोस (चीनी) का वैनेडियम पेन्टॉक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में सान्द्र नाइट्रिक अम्ल द्वारा ऑक्सीकरण करके बनाते हैं।

Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids (ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल)

2. सोडियम फॉर्मेट से – सोडियम फॉर्मेट को 360°C पर गर्म करने पर सोडियम ऑक्सैलेट बनता है।

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सोडियम ऑक्सैलेट को जल में विलीन करके उसमें कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन डालते हैं। जिससे कैल्सियम ऑक्सैलेट के अवक्षेप बनते हैं। अविलेय कैल्सियम ऑक्सैलेट को छानकर पृथक् करते हैं और उसकी तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की आवश्यक मात्रा से क्रिया कराते हैं जिससे कैल्सियम सल्फेट का सफेद अवक्षेप और ऑक्सैलिक अम्ल बनते हैं। अविलेय कैल्सियम सल्फेट को छानकर अलग कर देते हैं और फिल्टरित को वाष्पित करके सान्द्र करते हैं। विलयन को ठण्डा करने पर हाइड्रेटेड ऑक्सैलिक अम्ल (C2O4H2 . 2H2O) के क्रिस्टल प्राप्त होते हैं।

रासायनिक गुण
1. एस्टरीकरण अभिक्रिया – एथिल ऐल्कोहॉल के साथ अभिक्रिया करके यह दो प्रकार के एस्टर बनाता है जिनको अम्लीय तथा सामान्य एस्टर कहते हैं।

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2. अमोनिया से अभिक्रिया – अमोनिया के साथ अभिक्रिया करने पर यह मोनो तथा डाइअमोनियम ऑक्सैलेट बनाता है जो गर्म करने पर मोनोऑक्सैमाइड (ऑक्सैमिक अम्ल) तथा ऑक्सैमाइड देते हैं।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.7.4


ऑक्सैमाइड को P2O5 के साथ गर्म करने पर सायनोजन बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.7.5

3. फॉस्फोरस पेन्टाक्लोराइड से अभिक्रिया – फॉस्फोग्स पेन्टाक्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके ऑक्सैलिक अम्ल ऑक्सैलिल क्लोराइड देता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.7.6


4. कैल्सियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया – ऑक्सैलिक अम्ल के NH4OH द्वारा उदासीन विलयन में कैल्सियम क्लोराइड विलयन डालने पर कैल्सियम ऑक्सैलेट का सफेद अवक्षेप बनता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.7.7

प्रश्न 8.
बेन्जोइक अम्ल बनाने की प्रयोगशाला विधि का वर्णन कीजिए। सम्बन्धित रासायनिक समीकरण, रासायनिक गुण तथा उपयोग भी बताइए।
उत्तर
प्रयोगशाला विधि – बेन्जिल क्लोराइड का क्षारीय माध्यम में पोटैशियम परमैंगनेट द्वारा पोटैशियम बेन्जोएट में ऑक्सीकरण करके मिश्रण को HCl द्वारा अम्लीय करने पर बेन्जोइक अम्ल प्राप्त होता है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.8.1


विधि – एक गोल पेंदी के फ्लास्क में निर्जल सोडियम कार्बोनेट (4g), जल (200 मिली), पोटैशियम परमैंगनेट (9 g) और बेन्जिल क्लोराइड (5 g) लेते हैं और फ्लास्क में एक पश्चवाही संघनित्र लगाकर मिश्रण को अभिक्रिया पूर्ण होने तक (लगभग 1-2 घण्टे) उबालते हैं। बेन्जिल क्लोराइड बेन्जोइक अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत हो जाता है और पोटैशियम परमैंगनेट मैंगनीज डाइऑक्साइड में अपचयित होता है। मिश्रण को ठण्डा करके उसे सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (लगभग 40 मिली) द्वारा अम्लीय करते हैं। फिर उसमें सोडियम सल्फाइड का जलीय विलयन (20%) मैंगनीज डाइऑक्साइड के पूरा घुलने तक डालते हैं। ठण्डे मिश्रण को छानकर बेन्जोइक अम्ल के सफेद क्रिस्टलों को पृथक् कर लेते हैं। फिर गर्म जल से उनका पुनः क्रिस्टलन कराकर शुद्ध बेन्जोइक अम्ल (m.p. 122°C) प्राप्त कर लेते हैं।

रासायनिक गुण
1. फॉस्फोरस पेन्टाक्लोराइड से अभिक्रिया – बेन्जोइक अम्ल की फॉस्फोरस पेन्टाक्लोराइड के साथ अभिक्रिया कराने पर बेन्जॉयल क्लोराइड बनता है।

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2. विकार्बोक्सिलकरण – बेन्जोइक अम्ल या सोडियम बेन्जोएट को सोडालाइम के साथ गर्म करने पर बेन्जीन बनती है।
Chemistry Chapter 12 Aldehydes Ketones and Carboxylic Acids 6Q.8.3


इस अभिक्रिया में अम्ल के अणु से कार्बन डाइ ऑक्साइड का एक अणु निष्कासित होता है। यह अभिक्रिया अम्ल का विकार्बोक्सिलकरण कहलाती है।
उपयोग

  1. सोडियम बेन्जोएट का उपयोग अचार, मुरब्बे, टमाटर की चटनी, फलों के रस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के परिरक्षण (preservation) में परिरक्षक (preservative) के रूप में होता है।
  2. ऐनिलीन-ब्लू रंजक बनाने में
  3. बेन्जोइक अम्ल और उसके लवणों का उपयोग औषधि में मूत्रीय पूतिरोधी के रूप में होता है।

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