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UP Board Master for Class 12 English Prose Chapter 3 “The Secret of Health, Success and Power”

UP Board Master for Class 12 English Prose Chapter Three “The Secret of Health, Success and Power” are a part of UP Board Master for Class 12 English. Right here we now have given UP Board Grasp for Class 12 English Prose Chapter Three “The Secret of Health, Success and Power”

BoardUP Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
TopicEnglish Prose
ChapterChapter 3
Chapter Title“The Secret of Health, Success and Power”
Variety of Questions Solved19
Class“Class 12 English”

UP Board Master for Class 12 English Prose Chapter Three “The Secret of Health, Success and Power”

LESSON at a Look

The essay ‘The Secret of Well being, Success and Energy’ offers with attaining well being, success and energy. In line with the writer these three property of human life are interlinked; and they are often attained if one has real religion in goodness and unyielding purity. In line with the writer, if we’re robust, pure and constructive in our ideas, illness won’t come to us. Alternatively if we give into anger, fear, jealousy, greed or every other inharmonious mind-set and count on good well being, we predict the unimaginable, for these are the seeds of illness. The writer advises us to entertain joyful and loving ideas as a result of they’re the elixir of goodwill. The writer additional suggests us to keep away from rigidity and nervousness whereas we’re at work. A contented employee can retain good well being simply.

True well being and true success go collectively, for they’re inseparable. For getting success, we should place confidence in God, in legislation, in our work and in our energy. Success will come to us simply if we observe the dictates of our soul, are at all times true to the divine self, rely on the inward Mild and Voice and pursue our process with fearless and calm coronary heart. A construction constructed upon the bottom of such a religion will give us religious power which can disintegrate all of the evil forces, and push success to us.

A pure and unselfish spirit and singleness of goal evolve greatness and energy. Secret of true energy lies in concentrating our thoughts upon the duty in our palms. The author says that to accumulate overcoming energy, we should always domesticate poise, i.e. stability of thoughts and passivity, i.e. capability of detachment. We should be capable to stand alone like a mountain and an oak tree if we need to attain energy. Energy involves calm, fearless, considerate and severe folks in a pure approach.

Distinguishing between energy and keenness, the author says that zeal will not be energy however abuse of energy, the dispersion of energy. Ardour will be in comparison with a violent wind which lashes terribly and hardly upon the strife-torn rock. Energy is the rock itself which retains calm and stuck by the storm of ardour.

पाठ का हिन्दी अनुवाद

(1) The place there may be ……………. contaminated home.
जिस व्यक्ति में अडिग एवं दृढ़ विश्वास तथा गुणों की शुद्धता होगी, उसमें स्वास्थ्य, सफलता और शक्ति होगी। ऐसे व्यक्ति में बीमारी, असफलता तथा विपत्ति को रहने का स्थान नहीं मिलेगा, क्योंकि ऐसे व्यक्ति में ऐसी कोई वस्तु नहीं मिलेगी जिस पर वह पनप सके।

जितना शीघ्र हम यह अनुभव कर लें और पहचान लें कि बीमारी हमारी अपनी भूलों तथा पापों का परिणाम है, उतना ही शीघ्र हम सफलता के मार्ग पर चल पड़ेंगे। बीमारी उन्हीं व्यक्तियों को आती है जो इसे आकर्षित करते हैं, उन व्यक्तियों को आती है जिनके मस्तिष्क और शरीर उसे ग्रहण करने के लिए तैयार हैं और उन व्यक्तियों से दूर भाग जाती है जिनकी दृढ़, शुद्ध और सकारात्मक विचार शक्ति उनमें स्वस्थ, सुन्दर तथा जीवनदायिनी धारा प्रवाहित करती है।

यदि आप क्रोध, चिन्ता, ईष्र्या, लालच या अन्य किसी विचलित करने वाली मानसिक दशा के सुपुर्द हो जाओ और पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य की आशा करो तब आप असम्भव वस्तु की आशा कर रहे हो, क्योंकि आपे लगातार अपने मस्तिष्क में बीमारी के बीज बो रहे हो। ऐसी मानसिक दशाओं से बुद्धिमान् व्यक्ति सावधानीपूर्वक बचता है, क्योंकि वह जानता है कि ये एक खराब नाली अथवा दूषित मकान से भी अधिक खतरनाक होती है।

(2) When you would ……………. with illness.
आप समस्त शारीरिक कष्टों से मुक्त होना चाहते हो और पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहते हो तब अपने मस्तिष्क को नियन्त्रण में रखो और अपने विचारों को सन्तुलित करो। आनन्द देने वाली बातों को सोचो, प्यार भरी बातों को सोचो और सद्भावना रूपी अमृत अपनी नसों में बहने दो, तब आपको अन्य किसी दवा की आवश्यकता नहीं होगी। अपनी ईष्र्या, सन्देहों, चिन्ताओं, घृणा एवं स्वार्थ की भावनाओं को दूर हटा दो तब आपकी बदहजमी, जिगर की गड़बड़, घबराहट और जोड़ों का दर्द समाप्त हो जाएगा। यदि आप इन कमजोर बनाने वाली और मस्तिष्क की दूषित आदतों से चिपके रहोगे तब उस समय शिकायत मत करो जब आपका शरीर बीमार हो जाए।

(3) Many individuals complain ……………. rapidly forfeits.
बहुत से व्यक्ति शिकायत करते हैं कि अधिक कार्य करने से उनका स्वास्थ्य खराब हो गया है। ऐसे अधिकांश मामलों में स्वास्थ्य के खराब होने का कारण मूर्खतापूर्ण ढंग से शक्ति को नष्ट करने का परिणाम होता है। यदि आप स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना चाहते हो तब आपको चिन्तारहित होकर काम करना सीखना चाहिए। चिन्तित या उत्तेजित होना या व्यर्थ की बातों पर परेशान होना स्वास्थ्य के खराब होने का न्यौता है। कार्य चाहे मानसिक हो या शारीरिक, लाभदायक और स्वास्थ्य प्रदान करने वाला होता है और वह व्यक्ति जो लगातार शान्त मस्तिष्क से समस्त चिन्ताओं से मुक्त होकर और अपने मस्तिष्क से इन सभी चिन्ताओं को भुलाकर अपने हाथ में आए कार्य को कर सकता है, वह केवल उस व्यक्ति से अधिक कार्य ही नहीं करेगा जो सदा जल्दबाजी में रहता है और चिन्तित रहता है, अपितु वह अपने स्वास्थ्य को भी बनाए रखेगा जो एक वरदान है और जिसे अन्य व्यक्ति जल्दी से खो देते हैं।

(4) True well being ………………. even dream of
सच्चा स्वास्थ्य और सच्ची सफलता साथ-साथ चलती हैं, क्योंकि वे विचारों के संसार में अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। विश्वास की शक्ति से प्रत्येक स्थायी कार्य पूर्ण हो जाता है। भगवान् में विश्वास, भगवान् के नियमों में विश्वास, अपने कार्य में विश्वास और उस कार्य को पूरा करने के लिए अपनी शक्ति में विश्वास और इस विश्वास को ही अपने जीवन के क्रियाकलापों का आधार बनाओ। इस आधार पर खड़े होगे तब गिरोगे नहीं अर्थात् सफलता ही-प्राप्त करोगे। सभी परिस्थितियों में अपनी अन्तरात्मा की आवाज का अनुसरण करो, अन्तरात्मा के प्रति सदा सच्चे रहो, आन्तरिक ज्ञान पर विश्वास करो तथा अन्तरात्मा की आवाज का अनुसरण करो, जो जीवन में हमारा सर्वोत्तम पथ-प्रदर्शक है, निर्भय होकर और शान्त हृदय से अपने उद्देश्य की प्राप्ति में लगो, इस विश्वास के साथ कि भविष्य तुम्हें प्रत्येक विचार और चेष्टा की आवश्यकता को प्रदान करेगा, यह जानते हुए कि संसार के नियम कभी असफल नहीं होते और इस प्रकार तुम्हें तुम्हारे अच्छे या बुरे कार्य का फल अवश्य प्राप्त होगा, यही जीता-जागता विश्वास है। ऐसे विश्वास की शक्ति से अनिश्चितता के गहरे सागर विभाजित हो जाते हैं, कठिनाई का प्रत्येक पहाड़ चकनाचूर हो जाता है और विश्वास । करने वाली आत्मा बिना हानि के आगे बढ़ती रहती है। अतः हे पाठक! ऐसे निर्भय विश्वास को प्राप्त करने के लिए जो सभी प्रकार की अमूल्य वस्तुओं से भी सर्वोपरि है, संघर्ष करो, क्योंकि यही आनन्द, सफलता, शान्ति, शक्ति तथा प्रत्येक उस वस्तु की कुंजी है जो जीवन को महान् और कष्टों से अच्छा बनाती है। ऐसे विश्वास का निर्माण करो, तब तुम एक स्थायी तथा दृढ़ नींव बनाओगे और उसमें सामग्री भी दृढ़ लगाओगे और वह ढाँचा जो तुम खड़ा करोगे, टूटेगा नहीं, क्योंकि यह उन सभी सांसारिक वस्तुओं, भौतिक सुखों तथा सम्पदाओं से महान् होगा जिनका अन्त धूल-मिट्टी है। चाहे तुम्हें दु:ख की गहराई में धकेल दिया जाए या आनन्द की ऊँचाइयों तक उठा दिया जाए, सदा इस विश्वास पर अपनी पकड़ मजबूत रखो, सदा इसे शरण लेने की चट्टान के समान समझो और इसके अमर और अडिग आधार पर अपने पैरों को जमाकर रखो।

यदि ऐसा विश्वास अपने में प्राप्त कर लोगे तब तुम्हें ऐसी आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होगी जो काँच के खिलौनों के समान उन समस्त बुरी शक्तियों को चकनाचूर कर देगी जो तुम्हारे सामने आएँगी और तुम ऐसी सफलता प्राप्त करोगे जिनके विषय में सांसारिक उपलब्धियों को प्राप्त करने में संघर्षरत व्यक्ति कभी जान भी नहीं पाएगा और न वह उनके विषय में सोच पाएगा।

(5) If you’ll turn into ……………… completely insignificant.
यदि तुम ऐसा विश्वास प्राप्त कर लोगे तब तुम्हें अपने भविष्य की सफलता या असफलता पर परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी और सफलता तुम्हें निश्चित प्राप्त होगी। तुम्हें फल के विषय में चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि तुम यह जानते हुए कि उचित विचार और सही प्रयत्नों से निश्चित रूप से सही फल मिलेगा तुम आनन्दपूर्वक और शान्ति से काम करोगे। तुम्हारी सफलता, तुम्हारी असफलता, तुम्हारा प्रभाव, तुम्हारा पूरा जीवन जो तुम्हारे साथ है, तुम्हारे विचारों के प्रबल झुकाव के लिए तुम्हारे भाग्य के निर्णायक भाग हैं। जीवित, शुद्ध और आनन्ददायक विचार पैदा करो, तुम्हारे हाथों में परम आनन्द आएगा और तुम्हारी मेज पर शान्ति का कपड़ा फैल जाएगा अर्थात् तुम्हारा जीवन शान्ति से भरपूर होगा। घृणाजनक, अशुद्ध और दु:खदायी विचार पैदा करो, तुम्हारे ऊपर विपदाएँ बरस पड़ेगीं और भय तथा अशान्ति के कारण तुम आरामदायक गहरी नींद का आनन्द नहीं ले सकोगे। तुम अपने भाग्य के स्वतन्त्र निर्माता हो, चाहे भाग्य कुछ भी हो। प्रत्येक पल तुम अपने अन्दर से ऐसे प्रभाव भेज रहे हो जो तुम्हारे जीवन को या तो बना देंगे या नष्ट कर देंगे। अपने हृदय को विशाल, प्रिय और नि:स्वार्थी बनाओ, तब तुम्हारा प्रभाव और सफलता महान् और स्थायी होगी, भले ही तुम थोड़ा धन कमाओ। इसी को अपने स्वयं के स्वार्थ की संकुचित सीमाओं में बाँध दो यद्यपि तुम लखपति भी बन जाओ तब भी तुम्हारा प्रभाव और सफलता, अन्त में पूर्ण रूप से महत्त्वहीन होगी।

(6) Domesticate, then, ……………. bodily excesses.
यह शुद्ध और नि:स्वार्थ भावना पैदा करो और इसे शुद्धता, विश्वास तथा एक उद्देश्य से इसे मिलाओ और तब तुम अपनी आत्मा में से ऐसे तत्त्व विकसित करोगे जो भरपूर स्वास्थ्य और चिरस्थायी सफलता से ही भरे हुए नहीं होंगे, अपितु महानती और शक्ति से भी भरपूर होंगे। तुम्हारा कार्य चाहे कुछ भी हो, अपने पूरे मस्तिष्क को इस पर केन्द्रित कर दो और इसमें अपनी पूरी शक्ति लगा दो जिसके तुम योग्य हो। छोटे-छोटे कार्यों को दोषरहित ढंग से पूरा करना निश्चित रूप से बड़े कार्यों की ओर अग्रसर करता है। इस प्रकार तुम देखोगे कि तुम लगातार चढ़ते रहने से ऊपर पहुँचोगे और कभी भी गिरोगे नहीं। और इसी बात में सच्ची शक्ति का रहस्य निहित है। लगातार अभ्यास के द्वारा यह सीखो कि अपने संसाधनों का ठीक प्रकार से प्रबन्ध कैसे करोगे और किसी भी पल किसी दिये हुए बिन्दु पर उसे कैसे केन्द्रित करोगे। मूर्ख व्यक्ति अपनी सारी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति को निरर्थक बातों में, मूर्खतापूर्ण व्यर्थ की गपशप में, स्वार्थपूर्ण वाद-विवाद में या हानिकारक शारीरिक क्रियाओं में जैसे अधिक खाने और अधिक पीने में, जो स्वास्थ्य को नष्ट करती हैं, गॅवाते हैं।

(7) When you would. ………………. calm and unmoved.
यदि तुम नियन्त्रित करने वाली शक्ति प्राप्त करना चाहते हो, तब तुम्हें मानसिक सन्तुलन तथा मानसिक शान्ति पैदा करनी चाहिए। तुम्हें अकेले खड़े होने के भी योग्य होना चाहिए। दृढ़ता के साथ सभी शक्ति जुड़ी हुई है। पर्वत, बड़ी-बड़ी चट्टानें, तूफानों का मुकाबला करने वाला ओक का वृक्ष, सभी हमें शक्ति के विषय में बताते हैं, क्योंकि उनमें एकान्त, महानता तथा दृढ़ता है जबकि उड़ने वाला रेत, झुक जाने वाली पेड़ की शाखा और लहलहाती हुई घास सभी हमें कमजोरी के विषय में बताते हैं, क्योंकि वे उस समय गतिमान तथा दृढ़ नहीं होते जब उन्हें उनके साथियों से अलग कर दिया जाता है। वह व्यक्ति शक्तिशाली होता है जो उस समय भी शान्त और अडिग रहता है जब उसके सभी साथी किसी भावना या उत्तेजना से प्रभावित हो जाते हैं।

(8) He solely is fitted ……………. priceless vitality.
वही व्यक्ति आदेश देने और नियन्त्रण करने में योग्य होता है जो स्वयं को आदेश देने और नियन्त्रण करने में सफल हो गया है। भावुक, भयभीत, मूर्ख और तुच्छ व्यक्तियों को संगति हूँढ़नी चाहिए, अन्यथा सहायता के अभाव में वे गिर पड़ेंगे, किन्तु शान्त, निर्भय, विचारशील और गम्भीर व्यक्तियों को यदि जंगल, रेगिस्तान या पर्वत की चोटी के एकान्त में भी रहना पड़े तब भी उनकी शक्ति में और वृद्धि होगी तथा वे और अधिक सफलतापूर्वक दुष्प्रभाव डालने वाली भावनाओं और उत्तेजनाओं पर नियन्त्रण कर सकेंगे जो मानव जाति को घेर लेते हैं। उत्तेजना शक्ति नहीं होती है, यह तो शक्ति का दुरुपयोग तथा बरबादी होती है। उत्तेजना एक भयंकर तूफान के समान होती है जो अचल चट्टान से बहुत तेजी से टकराता है, जबकि शक्ति स्वयं चट्टान के समान होती है जो सभी परिस्थितियों में शान्त और अडिग रहती है। यदि तुम्हारे पास यह शक्ति नहीं है तब इसे अभ्यास से प्राप्त कर सकते हो और शक्ति का आरम्भ बुद्धिमानी के आरम्भ के समान होता है। ऐसी उद्देश्यहीन तुच्छ बातों पर तुम्हें काबू पाना आरम्भ कर देना चाहिए जिनके तुम जान-बूझकर शिकार रहे हो। जोर-जोर की अनियन्त्रित हँसी, व्यर्थ की मूर्खतापूर्ण बातें, केवल दूसरों का हँसाने के लिए हँसी-मजाक करना, इन सभी बातों को एक ओर रख देना चाहिए, क्योंकि यह महत्त्वपूर्ण ऊर्जा की बरबादी है।

(9) Above all, be of ……………. secret of energy.
सभी बातों से ऊपर, एक लक्ष्य बनाओ, उद्देश्य को उचित और लाभदायक रखो और दृढ़ता के साथ स्वयं को इसमें समर्पित कर दो। कोई भी बात तुम्हें इससे अलग न कर सके। याद रखो कि “दोहरे मस्तिष्क वाला व्यक्ति अपनी सभी बातों से अस्थिर होता है।” सीखने के लिए उत्सुक बनो, किन्तु माँगने के लिए धीमे। अपने कार्य का पूरा ज्ञान प्राप्त करो और इसे अपना बना लो, और जब तुम अपने आन्तरिक मार्गदर्शक का अर्थात् अन्तरात्मा का अनुसरण करोगे जो कभी भूल नहीं करती, तब तुम प्रत्येक कार्य पर विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ोगे और धीरे-धीरे सम्मान के शिखर तक पहुँच जाओगे और तुम्हारा सदैव व्यापक रहने वाला दृष्टिकोण तुम्हें जीवन की आवश्यक सुन्दरता और उद्देश्य को प्रकट करेगा। यदि स्वयं को पवित्र बना लोगे तब तुम्हें स्वास्थ्य प्राप्त होगा, विश्वास को सुरक्षित रखोगे, तब तुम्हें सफलता प्राप्त होगी और
आत्म-नियन्त्रण रखोगे तब तुम्हें शक्ति प्राप्त होगी और जो कुछ भी तुम करोगे उसमें फलो-फूलोंगे तथा तुम प्रकृति के नियम के अनुरूप होगे और सार्वभौम जीवन तथा शाश्वत भलाई के लिए कार्य करोगे। और जो भी स्वास्थ्य तुम प्राप्त करोगे वह तुम्हारे पास रहेगा, जो सफलता तुम प्राप्त करोगे वह मानवीय आकलन से परे होगी और कभी समाप्त नहीं होगी और जो प्रभाव तथा शक्ति तुम प्रयोग करोगे वह युगों तक बढ़ती रहेगी, क्योंकि यह उस अपरिवर्तनीय सिद्धान्त का भाग होगी जो पूरे संसार को आश्रये देता है। तब शुद्ध हृदय और भली प्रकार से नियन्त्रित मस्तिष्क ही स्वास्थ्य का रहस्य है। अटल विश्वास और बुद्धिमानी से निर्देशित उद्देश्य सफलता का रहस्य है और इच्छाओं पर दृढ़ इच्छा-शक्ति के साथ नियन्त्रण करना शक्ति का रहस्य है।

Understanding the Textual content

Explanations Clarify one of many following passages close to the context :

(1) The place there may be ……………. on which they’ll feed.
Reference : These traces have been taken from the lesson ‘The Secret of Well being, Success and Energy’ written by James Allen. . [ N.B. : The above reference will be used for all explanations of this lesson.]..

Context : That is the opening paragraph of this lesson. On this lesson James Allen describes his views concerning the secret of well being, success and energy..

Rationalization : On this paragraph the author tells us his first magic precept by which we will get all of the three issues : well being, success and energy. robust and real religion and pure ideas are crucial for well being, success and energy. Illness, failure and misfortune will run away from such a person as a result of right here they’ll get nothing to prosper.

(2) The earlier we notice ……………. life-giving currents… .
Context : On this essay the author says that robust and real religion may be very crucial for good well being. With out good well being success in any work will not be attainable and a profitable man is at all times highly effective. Therefore, for good well being, success and energy, robust religion may be very crucial.

Rationalization : In these traces the author makes us conscious that we fall unwell resulting from our personal error or sin. If our physique and thoughts are weak, they entice illness and we fall unwell. So, if we need to be wholesome, we should always have constructive pondering energy. It develops a brand new vigor in ourselves which influences life and promotes well being. So, for getting good well being, it’s crucial that we should always recognise the reason for illness and will eliminate it.

(3) If you’re given ……………. an contaminated home.
Context : On this essay the author says that robust and real religion may be very crucial for good well being. With out good well being, success in any work will not be attainable and a profitable man is at all times highly effective. Therefore, for good well being, success and energy, robust religion may be very crucial.

Rationalization : In these traces the author advises us to keep away from inharmonious states of thoughts if we wish good well being. Anger, fear, greed, jealousy, and many others. are the inharmonious states of thoughts. They disturb the peace of thoughts and trigger several types of illnesses. For good well being, we should always preserve our thoughts away from such evil ideas. Joyful and loving ideas develop an influence in us which undoubtedly prolongs our life.

(4) Many individuals complain ……………. invite a breakdown.
Context : Right here the author advises us to maintain our thoughts away from evil ideas akin to anger, fear, greed, jealousy, and many others. as a result of they disturb the peace of thoughts and trigger totally different sorts of illnesses. We must always develop loving and joyful ideas.

Rationalization : In these traces the author discusses a basic criticism of the folks about over work. Many individuals assume that resulting from over work they’ve misplaced their well being and really feel weak spot. However the author makes them clear that over work will not be the reason for shedding well being. It’s the reason for foolishly wasted vitality. When we now have rigidity, pleasure and fear in our thoughts unnecessarily, our vitality is wasted uselessly. In such a situation we achieve nothing however lose our well being. So we should always at all times be free from such emotions and study to be peaceable and rigidity free. We must always at all times have constructive ideas instead of destructive ones.

(5) Work, whether or not of mind ……………. forefeits.
Context : Right here, the author says that the folks have a mistaken notion that over-work is dangerous for well being. Breakdown will not be resulting from over-work. It’s because of the foolishly wasted vitality.

Rationalization : Right here the author advises that we should always do our work with none rigidity in thoughts. We shouldn’t be anxious or excited. We must always do not forget that psychological in addition to bodily work is beneficial for well being. For preserving our well being good, we shouldn’t have any fear or nervousness. We must always work recurrently and peacefully. We must always dedicate our all consideration to our work. Then we will be wholesome and can full our work extra efficiently than the person who’s at all times in a rush and fear.

(6) To observe, below all ……………. dwelling of religion. .
Context : True well being and success go collectively with out good well being we can’t do any work and with out work we can’t be glad. Success means completion of labor in a proper approach.

Rationalization : Right here the author tells us concerning the significance of religion—religion in God, in our work and within the energy of doing that work. Furthermore our conscience at all times guides us to observe the appropriate path. We must always at all times be alert to listen to it. We have to be true to our conscience and will consider in inside information. God is the supreme energy. We must always have religion that the legal guidelines of universe by no means fail. If we constantly work fearlessly and peacefully, we will proceed on the trail of success and our future will probably be very shiny. All of the hurdles of our approach will break down into items.

(7) By the facility of such religion ……………. superior to struggling.
Context : The author says that religion has a lot energy that with its assist each troublesome work is accomplished. So, we should always place confidence in God, within the legislation of nature and in our energy.

Rationalization : On this paragraph the author describes the significance of religion in our life. The person who has agency religion, could have no uncertainty about any work in his thoughts. No issue will are available in his approach. The trail of progress will probably be clear earlier than him. The inward gentle will information him and he’ll efficiently full the work he has in his hand. Success will carry him happiness and peace. Thus, agency religion is the important thing of success, happiness, peace, energy, and many others. Such a person will be capable to make his life nice and affluent.

(8) If you’ll turn into ……………. proper outcomes.
Context : The author is explaining us the significance of religion—religion within the God, religion in work and your power-for success in life.

Rationalization : The author says that if in case you have religion in him, your self and your energy, you begin believing in your self and also you develop constructive ideas. Below such a situation, you have got every thing to religion. In consequence you needn’t fear your self about your future, which shall carry for you nothing however success. Religion additionally takes away anxieties from you. You interact your self in your work fortunately and peacefully as a result of that you’re proper in your ideas and actions. Your devoted and honest efforts will carry desired outcomes for you.

(9) Your success, your failure ……………. upon your pillow.
Context : The author says that religion brings us religious power which crumbles away all evil forces like toys of glass. Then we won’t fear about our success or failure. We could have confidence in our efforts that they’ll carry us good outcomes.

Rationalization : On this paragraph the author says that we’re the maker of our personal destiny which relies upon upon our ideas. There are primarily two sorts of ideas : good and dangerous. If we now have good ideas, our life will probably be joyful and peaceable. So, our ideas must be life giving, pure and glad. Then we will get untold happiness in our life. Opposite to this if our ideas are hateful, impure and sad, we will probably be anxious and anxious even after we are sleeping. Thus we will not be capable to get pleasure from a snug and sound sleep.

(10) You’re the unconditional ……………. be completely insignificant
Context : Right here the author says that we’re the maker of our personal destiny which relies upon upon our ideas. We must always domesticate good ideas which can carry untold happiness in our life. Unhealthy ideas are the supply of discomfort and disturbed sleep. So we should always keep away from them.

Rationalization : In these traces the author says that you’re the impartial maker of your destiny, regardless of it’s good or dangerous. The influences which you might be sending forth each second will both make your life or will destroy it. So, for making everlasting affect and for getting success in life, it is best to have a broad outlook and loving and unselfish behaviour with all. In doing so you shouldn’t consider cash. Chances are you’ll get little cash. However your affect and success will certainly be nice and everlasting. Opposite to it you turn into narrow-minded, egocentric and unloving, it’s possible you’ll earn some huge cash however your affect will probably be negligible. Thus for getting persona and eternal affect you shouldn’t be money-minded.

(11) Domesticate, then, ……………. energy.
Context : If we’re benevolent, loving and sharing and anxious about others, our ethical energy and success will probably be nice and lasting.

Rationalization : The author means that we should always have a spirit which is honest to others and at all times sharing. We must always add to it purity of ideas, perception in goodness and oneself and singleness of goal. If we achieve this, we will develop regularly and naturally in us substance, lasting success and sound well being. Apart from, eminence and authority shall even be achieved.

(12) No matter your process ……………. secret of true energy.
Context : For happiness in life we’d like energy. For it we should always have a pure and unselfish spirit. We must always have a single goal in our life. Double minded man achieves nothing. Entire hearted devotion to at least one goal forwards us in direction of full well being.

Rationalization : Right here the author says that for getting energy we should always domesticate pure and unselfish spirit and mix it with purity, religion and singleness of goal. The key of true energy lies in studying by fixed follow management sources and focus then upon the duty in hand. You must also domesticate poise and passivity to face alone and immovable like a mountain. That is the key of true energy.

(13) The hysterical, fearful ……………. engulf mankind.
Context : The author says that apart from firmness, self-control additionally may be very crucial. Firmness is the facility which allows a person even to face alone. Solely the person who has the facility to manage over himself can command and management others.

Rationalization : On this passage the author says that the person who’s emotional, fearful, inconsiderate, and frivolous wants assist of others. He can’t do any work single handed. Alternatively the person who at all times stays calm, fearless and considerate has the best energy. He wants no assist. He can reside on their lonesome wherever and can do each work efficiently. He’ll increasingly efficiently be capable to management the evil influences and miseries which encompass mankind.

(14) Ardour …………. …………. by all of it.
Context : The author has mentioned the facility of religion and self-control. He has suggested us to be calm, fearless, considerate and severe. Such a person will be capable to over energy all of the evil influences which are available in his approach.

Rationalization : Now on this paragraph he talks about ardour and its evil influences. Passions are the robust feelings like anger, love, hatred, jealousy, greed, and many others. These are the irregular emotions of thoughts and coronary heart. These emotions provoke the person and he misunderstands that he’s very highly effective. However the author says that it isn’t the facility however it’s the scattering of energy or weakening of energy. He compares ardour with the storm. The storm strikes towards the rock very fiercely. However the rock is so agency and unmovable that storm can’t give it any hurt. The highly effective man is just like the rock. When the storm of passions hits him, he stays unmoved, calm and quiet.

(15) Self-purified ……………. Everlasting good.
Context : After describing the significance of religion and self-control, the author has laid emphasis on having a single goal of life as a result of double minded man is at all times uncertain and may obtain nothing.

Rationalization : Right here on this passage the author concludes that the person who has purified himself by having pure, stainless and noble ideas will get good well being. If he has agency religion in his energy, in God and within the legal guidelines of nature, he’ll get success in each work he does. If he has self-control and the facility to command himself, he’ll get energy. Such a person will get success in each stroll of life and he’ll progress and can at all times be glad. So, purity of ideas, agency religion and self-control are the important qualities to get well being, success and energy.

(16) This, then, is the …………… secret f energy.
Context : Pure, stainless and noble ideas are useful in getting good well being. A person of fine well being can do lots of work. He’ll get success in each stroll of life and can at all times be glad.

Rationalization : The author has concluded within the dialogue that purity of ideas, agency religion and self management are the important qualities to get well being, success and energy. Thus, we will say that the key of well being is pure coronary heart and properly balanced thoughts. The key of success is agency religion and correctly directed goal of life. To regulate the desires with robust willpower is the key of energy.

Quick Reply Sort Questions

Reply one of many following questions in no more than 30 phrases:
Query 1.
What are the requirements for well being, success and energy ?
(स्वास्थ्य, सफलता और शक्ति के लिए कौन-सी बातें आवश्यक हैं?)
Reply :
Robust religion and purity are the requirements for well being, success and energy.
(स्वास्थ्य, सफलता और शक्ति के लिए दृढ़ विश्वास तथा शुद्धता आवश्यक हैं।)
Or
What do you get if in case you have sterling religion and uncompromising purity?
(यदि आपके पास अडिग विश्वास और दृढ़ पवित्रता होगी तब आपको क्या प्राप्त होगा?)
Reply :
If we now have sterling religion and uncompromising purity, we will get well being, success and energy.
(यदि हमारे पास अडिग विश्वास और दृढ़ पवित्रता होगी तब हमें स्वास्थ्य, सफलता और शक्ति प्राप्त होगी।)

Query 2.
When can we get good well being ?
(हम पूर्ण स्वास्थ्य कब प्राप्त कर सकते हैं ?).
Or
What’s the secret of fine well being ?
(अच्छे स्वास्थ्य का क्या रहस्य है ?)
Or
What ought to we do to get pleasure from good bodily well being ?
(पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?)
Or
What’s the secret of securing good well being ?
(अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने का रहस्य क्या है ?)
Or
What sort of pondering provides us good well being and why in line with James Allen ?
(जेम्स एलेन के अनुसार किस प्रकार की सोच हमें अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करती है और क्यों?)
Reply :
We will get well being as quickly as we realise that the illness is the results of our personal error or sin.
(हम उसी समय स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं ज्यों ही हम यह अनुभव कर लें कि बीमारी हमारी भूलों तथा पाप का परिणाम है।)

Query 3.
How does religion assist to shatter the forces of evil?
(विश्वास बुराई की शक्तियों को नष्ट करने में कैसे सहायक होता है?)
Reply :
Religion helps to shatter the forces of evil like illness, failure and catastrophe as a result of there may be nothing on which they’ll feed.
(अडिग विश्वास बीमारियों, असफलता तथा विपत्ति को नष्ट करने में सहायक होता है, क्योंकि उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं मिलेगा जिस पर वे पनप सकें।)

Query 4.
What are the inharmonious states of thoughts ? Why are they referred to as so ?
(मस्तिष्क की असन्तुलित दशाएँ कौन-सी हैं.? उन्हें ऐसा क्यों कहा गया है ?)
Reply :
Anger, fear, jealousy, greed, and many others. are the inharmonious states of thoughts. They’re referred to as so as a result of of their presence a person loses his peace of thoughts and he’s upset. So, he can’t take a proper resolution.
(क्रोध, चिन्ता, ईष्र्या, लालच आदि मस्तिष्क की असन्तुलित दशाएँ हैं। इन्हें ऐसा इसलिए कहा गया है, क्योंकि इनकी उपस्थिति में वह व्यक्ति अपनी मानसिक शान्ति खो देता है और वह घबरा जाता है। अत: वह उचित निर्णय नहीं ले सकता।)

Query 5.
What are the debilitating and demoralising habits of thoughts ?
(मस्तिष्क की कौन-सी आदतें कमजोर बनाने वाली और भ्रष्ट करने वाली हैं ?)
Or
What illnesses will be attributable to jealousy, hatred, and many others. ?
(ईष्र्या, घृणा आदि से कौन-कौन-सी बीमारियाँ हो सकती हैं ?)
Reply :
Jealousy, suspicion, fear, hatred and egocentric actions are the debilitating and demoralising habits of thoughts.
(ईष्र्या, सन्देह, चिन्ता, घृणा और स्वार्थपूर्ण कार्य मस्तिष्क को कमजोर बनाने वाली और भ्रष्ट करने वाली आदतें हैं।)

Query 6.
What does the author say in defence of over-work ?
(अधिक कार्य के पक्ष में लेखक क्या कहता है ?)
Or
How does work assist in preserving us wholesome ?
(हमें स्वस्थ रखने में कार्य हमारी कैसे सहायता करता हैं ?)
Reply :
The author doesn’t agree with the individuals who say that over-work brings breakdown. Work, whether or not it’s psychological or bodily, is well being giving. Breakdown in well being is the results of foolishly wasted vitality. If we work with out friction, we might safe well being.
(लेखक उन व्यक्तियों से सहमत नहीं है जो कहते हैं कि अधिक कार्य स्वास्थ्य को खराब करता है। काम चाहे मानसिक हो या शारीरिक, स्वास्थ्य प्रदान करने वाला होता है। मूर्खतापूर्ण ढंग से शक्ति को नष्ट करने का परिणाम स्वास्थ्य में गिरावट होता है। यदि हम चिन्तारहित होकर कार्य करेंगे, तो हम अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रखेंगे।)

Query 7.
What’s relation between well being and success ?
(स्वास्थ्य और सफलता में क्या सम्बन्ध है ?)
Reply :
True well being and true success have shut relationship. If we now have good well being, we will be capable to get success in our work. Success in work brings happiness. With out good well being, success will not be attainable.
(सच्चा स्वास्थ्य और सच्ची सफलता का घनिष्ठ सम्बन्ध है। यदि हमारा स्वास्थ्य अच्छा होगा तब हम अपने कार्य में सफलता प्राप्त कर सकेंगे। कार्य में सफलता से आनन्द प्राप्त होता है। बिना अच्छे स्वास्थ्य के सफलता सम्भव नहीं है।)

Query 8.
What kind of religion is required to achieve success in our work ?
(अपने कार्य में सफल होने के लिए किस प्रकार का विश्वास चाहिए ?)
Reply :
Unmoving religion is required to achieve success in our work.
(अपने कार्य में सफल होने के लिए हमें अडिग विश्वास चाहिए।)

Query 9.
What does the author imply by the phrase frock upon which you will need to construct, for those who would obtain …………?
(लेखक का इस वाक्यांश से क्या तात्पर्य है-“वह चट्टान जिस पर तुम बनाओगे, यदि तुम प्राप्त करना चाहते हो ……………’?)
Reply :
The author compares religion with the rock. If we now have agency religion in God, within the legislation of Nature and within the energy of labor, it means we now have made a basis as robust as a rock. The constructing which we construct upon it is going to even be sturdy. Constructing means life. Thus the author means by this phrase that this religion must be the premise of our actions in life.
(लेखक इस विश्वास की तुलना एक चट्टान से करता है। यदि हमें भगवान् में, प्रकृति के नियम में और कार्य की शक्ति में दृढ़ विश्वास है, तब इसका अर्थ है कि हमने नींव एक चट्टान के समान दृढ़ बना ली है। वह इमारत जो हम इस पर बनाएँगे वह भी टिकाऊ होगी। इमारत का तात्पर्य जीवन से है। इस प्रकार विश्वास होना चाहिए।)

Query 10.
Who’s our greatest information ? What ought to we do for taking its assist ?
(हमारा सबसे अच्छा मार्गदर्शक कौन है ? हमें इसकी सहायता लेने के लिए क्या करना चाहिए ?)
Reply :
The conscience is our greatest information. Its voice is unfailing. So, we should always perceive it and will act in line with it.
(अन्तरात्मा हमारा सर्वोत्तम मार्गदर्शक है। इसकी आवाज कभी भी असफल न होने वाली है। इसलिए हमें इसे समझना चाहिए और इसी के अनुसार कार्य करना चाहिए।)

Query 11.
How do silly folks waste their psychological and religious vitality ?
(मूर्ख व्यक्ति अपनी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति को कैसे नष्ट करते हैं ?)
Reply :
Silly folks waste their psychological and religious vitality in meanless, silly talks or egocentric debate.
(मूर्ख व्यक्ति अपनी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति को नीचता में, मूर्खता की बातों में अथवा स्वार्थपूर्ण वाद-विवाद में नष्ट करते हैं।)

Query 12.
What’s the legislation of the universe ?
(ब्रह्माण्ड का नियम क्या है ?)
Reply :
The legislation of universe is that good actions bear good fruits and dangerous actions carry evil outcomes.
(ब्रह्माण्ड का नियम यह है कि अच्छे कार्यो का फल अच्छा होता है और बुरे कार्यो का फल बुरा होता है।)

Query 13.
When will our affect and success be lasting ?
(हमारा प्रभाव और सफलता कब स्थायी होगी ?)
Reply :
When our coronary heart will go massive, loving and unselfish, our affect and success will probably be lasting.
(जब हमारा हृदय विशाल, प्यार भरा और नि:स्वार्थी होगा, तब हमारा प्रभाव और सफलता स्थाई होगी।)

Query 14.
What’s the secret of energy ? Who’s the highly effective man ?
(शक्ति का रहस्य क्या है ? शक्तिशाली व्यक्ति कौन होता है ?)
Or
Whereby lies the key of true energy?
(सच्ची शक्ति का रहस्य किसमें निहित है ?)
Or
How does the author clarify that every one energy is related to immovability ?
(लेखक कैसे समझाता है कि सारी शक्ति स्थिरता से जुड़ी हुई है ?)
Reply :
Immovability is the key of energy. The person who will not be moved by emotion or ardour and stays calm and agency is the highly effective man.
(स्थिरता शक्ति का रहस्य है। वह मनुष्य जो भावनाओं या उत्तेजनाओं से विचलित नहीं होता और शान्त तथा दृढ़ रहता है, वही शक्तिशाली मनुष्य है।)

Query 15.
What’s the secret of well being, success and energy ?
(स्वास्थ्य, सफलता एवं शक्ति का क्या रहस्य है ?)
Or
What’s the secret of success ?
(सफलता का क्या रहस्य है ?)
Reply :
Well being, success and energy stem from real religion in goodness and your self in addition to unyielding purity of thoughts and thought.
(स्वास्थ्य, सफलता एवं शक्ति का रहस्य अच्छाई एवं स्वयं में विश्वास तथा हमारे मस्तिष्क और विचारों की शुद्धता में छिपा है।)

Query 16.
Are ardour and energy the identical issues ? Focus on.
(क्या उत्तेजना और शक्ति एक ही वस्तुएँ हैं ? विवेचना कीजिए।)
Or
How is ardour totally different from energy ?
(उत्तेजना शक्ति से किस प्रकार भिन्न है ?)
Reply :
No, ardour and energy are usually not the identical factor. Ardour is the abuse of energy. Ardour is sort of a storm and energy is like strongly protected rock. Storm strikes towards rock however can’t give it any hurt. In the identical approach ardour can’t give any hurt to a relaxed and agency man. In actuality ardour is the dispersion of energy. (नहीं, उत्तेजना और शक्ति एक ही वस्तु नहीं हैं। उत्तेजना तो शक्ति का दुरुपयोग है। उत्तेजना एक तूफान के समान होती है और शक्ति भली प्रकार सुरक्षित चट्टान के समान। तूफान चट्टान से टकराता है, किन्तु इसे कोई हानि नहीं पहुँचा सकता। इसी प्रकार उत्तेजना एक शान्त और दृढ़ व्यक्ति को कोई हानि नहीं पहुँचा सकती। वास्तव में उत्तेजना शक्ति का बिखराव है।)

Query 17.
What does the author imply by the phrase, “The double-minded man is unstable in all his methods’?
(लेखक का इस वाक्यांश से क्या तात्पर्य है, ‘दोहरे मस्तिष्क वाला व्यक्ति सभी बातों में अस्थिर होता है।’?)
Reply :
The author means by this phrase {that a} double minded-man can’t do any work efficiently.
(इस वाक्यांश से लेखक का तात्पर्य है कि दोहरे मस्तिष्क वाला व्यक्ति किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक नहीं कर सकता।)

Query 18.
What sort of individuals entice illness and who shun it, in line with James Allen ?
(जेम्स एलेन के अनुसार किस प्रकार के व्यक्ति बीमारी को आकर्षित करते हैं और कौन इससे बचता है?)
Reply :
The people who find themselves indignant, anxious, jealous or grasping or have any sort of in-harmonious mind-set entice illness and clever folks shun it.
(वे व्यक्ति जो क्रोधित, परेशान, ईष्र्यालु या लालची होते हैं या किसी प्रकार की असन्तुलित मानसिक स्थिति रखते हैं, वे बीमारी को आकर्षित करते हैं तथा बुद्धिमान व्यक्ति इनसे बचते हैं।)

Query 19.
What does the author conclude in the long run of this lesson ?
(इस पाठ के अन्त में लेखक क्या निष्कर्ष निकालता है?)
Reply :
In the long run of the lesson the author concludes {that a} pure coronary heart and properly ordered thoughts is the key of well being. Agency religion and a correctly directed goal is the key of success. To regulate the wishes is the key of energy.
(पाठ के अन्त में लेखक निष्कर्ष निकालता है कि शुद्ध हृदय तथा भली प्रकार व्यवस्थित उद्देश्य सफलता का रहस्य है। अटल विश्वास और भली प्रकार से निर्देशित उद्देश्य सफलता का रहस्य है। इच्छाओं पर नियन्त्रण करना शक्ति का रहस्य है।)

Vocabulary

Select probably the most applicable phrase or phrase that greatest completes the sentence:
1. Many individuals ……………. that they’ve damaged down by over work.
(a) recommend
(b) complain
(c) write
(d) refuse

2. When you would safe well being you will need to leam to work with out …………
(a) friction
(b) rigidity
(c) fear
(d) none of those

3. True well being and true success go collectively, for they’re inseparably ……………. within the thought realm..
(a) combined
(b) intertwined.
(c) related
(d) joined

4. True well being and true success go …………
(a) lengthy
(b) alongside
(c) amongst
(d) collectively

5. You’re the ……….. maker of your destiny, be that destiny what it might be.
(a) conditional
(b) unconditional
(c) distinctive
(d) unexceptional

6. All energy is related to …………….
(a) immovability
(b) persistency
(c) focus
(d) passivity

7. The faultless completion of small duties leads ………… to bigger duties.
(a) essentially
(b) undoubtedly
(c) inevitably
(d) unexpectedly

8. He’s the person of energy who, when all his fellows are swayed by some emotion or ardour, stays calm and ………..
(a) undisturbed
(b) unharmed
(c) unhurt
(d) unmoved

9. Ardour will not be energy, it’s the ……………. of energy.
(a) use
(b) abuse
(c) amuse
(d) assuage

10. “The double-minded man is ……………. in all his methods.”
(a) steady
(b) free
(c) unstable
(d) inflexible

11. Self-purified……………will probably be yours; religion protected, …………. will probably be yours; self-governed, …………. will probably be yours.
(a) success, well being, energy
(b) well being, success, energy
(c) well being, energy, success
(d) energy, success, well being

12. Persistence often ……………. in the long run.
(a) wills
(b) wilts
(c) wins
(d) wigs

13. If you’ll persist …………. clinging to those debilitating and demoralising habits of thoughts, then don’t complain when your physique is laid low with illness.
(a) on
(b) upon
(c) in
(d) with

14. Above all, be of ……………. goal; have a reputable and helpful goal, and dedicate your self unreservedly to it.
(a) informal
(b) single
(c) a number of
(d) double

15. The faultless completion of small duties ……………. inevitably to bigger duties.
(a) leaps
(b) seems to be
(c) leads
(d) lights

16. There are some issues ……………. which the reminiscence works with lower than its regular perfection.
(a) for
(b) in
(c) in regard to
(d) about

17. To turn into anxious or excited, or to fret over useless particulars is to ask a..
(a) illness
(b) catastrophe
(c) illness
(d) break down

18. Such situations of thoughts are fastidiously ………… by the clever man. :
(a) shunned
(b) screened
(c) hurled
(d) swayed

19. He solely is fitted to ………… who has succeeded in controlling himself. [2012]
(a) command
(b) demand
(c) reprimand
(d) remand

20. You might be suggested ……….. dangerous habits.
(a) to eliminate
(b) to proceed
(c) to abjure
(d) to stay to

21. Ardour is sort of a ………… storm.
(a) livid
(b) anxious
(c) dauntless
(d) darkish

22. You’ll not have to turn into ……….. concerning the consequence.
(a) cautious
(b) acutely aware
(c) anxious
(d) contentious

23. Many individuals ………. that they’re damaged down by over work.
(a) complain
(b) declare
(c) body
(d) title

Solutions :
1. (b),
2. (a),
3. (b),
4. (d),
5. (b),
6. (a),
7. (c),
8. (d),
9. (b),
10. (c),
11. (b),
12. (c),
13. (d),
14. (b),
15. (e),
16. (c),
17. (a),
18. (a),
19. (a),
20. (a),
21. (a),
22. (c),
23. (a).

We hope the UP Board Grasp for Class 12 English Prose Chapter Three The Secret of Well being, Success and Energy enable you. You probably have any question relating to UP Board Grasp for Class 12 English Prose Chapter Three The Secret of Well being, Success and Energy, drop a remark under and we’ll get again to you on the earliest.

UP board Master for class 12 English chapter list

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