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UP Board Master for “Class 12 English” Prose Chapter 4 “The Homecoming”

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BoardUP Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
TopicEnglish Prose
ChapterChapter 4
Chapter Title“The Homecoming”
Variety of Questions Solved10
ClassClass 12 English

UP Board Master for “Class 12 English” Prose Chapter 4 “The Homecoming”

LESSON at a Look

In The Homecoming by Rabindranath Tagore we’ve the theme of battle, management, duty, love and isolation. Taken from his Collected Tales assortment the story is narrated within the third particular person by an unnamed narrator and from the start of the story the reader realises that Tagore could also be exploring the theme of battle. Makhan is not going to hearken to Phatik when he tells him to get off the log. If something Makhan is being defiant although he does pay a worth for his defiance. Phatik and his pals roll the log over and Makhan falls off. This causes Makhan to hit Phatik and it’s attention-grabbing that Phatik doesn’t retaliate. Nonetheless this isn’t how Phatik’s mom sees issues when Makhan returns residence and tells his model of occasions. Phatik is the one who’s blamed for hitting his brother and bringing battle into the house. What can be attention-grabbing about Phatik’s mom is the truth that she has no management over him. He’s not essentially doing issues which might be harmful or overly improper. He’s performing as many fourteen 12 months outdated boys would do. One thing which is an excessive amount of for Phatik’s something Phatik just isn’t allowed to be a younger adolescence boy by his mom. Which may be the rationale why she is just too happy to have Bishambar take him to Calcutta. The reader conscious that Phatik’s mom is unable to handle him. One thing that’s her fault and never Phatik’s.

If something Phatik’s mom lacks the duty that’s required to boost Phatik. She considers him to be wild although as talked about he’s simply a mean fourteen 12 months outdated boy who likes mischief as many fourteen 12 months outdated boys do. Bishambar’s spouse isn’t a lot better in terms of rearing Phatik and it’s noticeable that she by no means actually embraces Phatik as being a member of the household. She could also be his aunt by marriage however that’s the closet that Bishambar’s spouse needs to get to Phatik. Despite the fact that Phatik is on his finest behaviour he’s nonetheless not beloved by Bishambar’s spouse. For her he’s not more than a person baby. But to be a person and now not a toddler. He’s at an ungainly stage in life. A stage that Bishambar’s spouse needs no involvement with. Bishambar however is supportive of Phatik. One thing that’s noticeable by the truth that he not solely guarantees him that he can go residence for the vacations however there’s a sense that Bishambar will make a good man out of Phatik in Calcutta. He’s giving him each alternative.

Phatik’s faculty days are additionally a depressing event for him. If he isn’t being overwhelmed by the lecturers he’s being overwhelmed by a few of the different college students. If something Phatik could really feel remoted. When he lived within the village Phatik was the chief of his gang. Now that he’s in Calcutta issues are very a lot totally different. Reasonably than being a pacesetter he has change into a sufferer. A tough position for any fourteen 12 months outdated to play significantly when they aren’t getting the help that they want from the adults round them, Bishambar’s spouse being an instance. Even Phatik’s cousins don’t assist Phatik when he’s in class though they could be afraid of being remoted themselves by the bullies within the faculty. The unity that Phatik had within the village. He doesn’t have in Calcutta. As talked about Phatik is remoted from others. How deeply affected Phatik feels and the way a lot he misses the village is noticeable by the truth that he makes an attempt to stroll residence to the village however as a substitute manages to make himself sick.

The tip of the story can be attention-grabbing because it turns into clear to the reader that Phatik as a result of his sickness is delusional. When he sees his mom he believes that the vacations (October) have come. But these within the room know that Phatik is gravely ailing and is about to die. What was as soon as a wholesome boy in each sense of the world has change into a frail wreck in such a brief time period. Tagore presumably suggesting that Phatik ought to by no means have been taken out of the village surroundings he was used to. Some kids will succeed within the metropolis or with education. Phatik was not that kind of character. He was a lover of nature however he ended his life surrounded by the partitions of Calcutta. Although no blame will be positioned on Bishambar for what has occurred. He was merely making an attempt to assist Phatik. The identical can’t be mentioned for the 2 characters within the story who’re moms. Phatik’s mom as a result of her impatience and readiness to do away with Phatik and Bishambar’s spouse for judging Phatik as being not more than an ungainly younger boy. Who she actually didn’t need to take care of. It’s there the place the blame for Phatik’s untimely dying lays. Neither lady has proven Phatik the love he deserved and wanted.

पाठ का हिन्दी अनुवाद

(1) Phatik Chakravorti ……………….. snug place.
फटिक चक्रवर्ती गाँव के लड़कों का सरदार था। एक नयी शैतानी उसके दिमाग में आई। नदी के समतल कीचड़ में लकड़ी का एक लट्टा पड़ा हुआ था जो कि एक नाव के मस्तूल के आकार में आने की प्रतीक्षा कर रहा था। उसने निश्चय किया कि वे सब मिलकर उस लट्टे को पूरी ताकत से उसकी जगह से लुढ़काते हुए दूर ले जाएँ। इस लट्टे का मालिक क्रोधित होगा और आश्चर्यचकित होगा तथा वे सब उससे मजे लेंगे। प्रत्येक ने इस प्रस्ताव को मान लिया और सर्वसम्मति से इसे ले जाया गया।

लेकिन जैसे ही मजा आने वाला था, माखन, फटिक का छोटा भाई घूमते हुए आया और उन सबके सामने बिना कुछ कहे उस लट्टे पर बैठ गया। एक सेकण्ड के लिए वे उस समय हैरान हो गये। उनमें से एक लड़के ने डरते-डरते उसे उठाने के लिए धक्का दे दिया लेकिन वह बेपरवाह ही रहा। वह एक छोटे दार्शनिक की तरह खेलों की निरर्थकता पर ध्यान लगाता रहा। फटिक को गुस्सा आ गया। वह चिल्लाया, “माखन अगर तुम इसी क्षण नहीं उतरे तो मैं तुम्हें पीयूँगा।” माखन और आराम से सँभल कर बैठ गया।

(2) Now, f Phatik ……………….. was over
अब यदि फटिक को अपना शाही गौरव सबके सामने रखना था, तो यह साफ था कि उसे अपनी धमकी को पूरा करना था। लेकिन संकट के समय उसका साहस जवाब दे गया। ऐसा लगा कि उसका शातिर दिमाग । उसके भाई से युक्ति चालन में नाकाम हो गया था और इससे उसके अनुयायियों को उसका मजाक बनाने का अवसर मिल गया। उसने आदेश दिया कि लट्टे के साथ माखन को भी लपेटकर लुढ़का दिया जाये। माखन-ने यह आदेश सुना और अपने सम्मान पर अडिग रहा। लेकिन उसने तथ्य की अनदेखी इस तरह कर दी, जैसे कोई व्यक्ति सांसारिक प्रसिद्धि के लिए उससे जुड़े जोखिम को उठा लेता है।

लड़कों ने अपनी पूरी ताकत से उस लट्टे को एक, दो, तीन, गो (जाओ) बोलते हुए उठाना शुरू किया और शब्द (गो) जाओ बोलते ही लट्ठा चला गया; और माखन का ध्यान, उसकी प्रतिष्ठा सब-कुछ चला गया। सभी अन्य लड़के अपनी कर्कश आवाज में खुशी मनाने लगे लेकिन फटिक थोड़ा डर गया था। वह समझ गया था कि क्या होने वाला था? और जैसा कि उसे यकीन था, माखन आवेश में जमीन पर से उठा। वह फटिक की तरफ दौड़ा और उसका मुंह नोंच लिया तथा उसे पीटा व लात मारी, और फिर रोते हुए घर चला गया। नाटक का पहला अंक समाप्त हो चुका था।

(3) Phatik wiped ……………….. umpotent ruge. फटिक ने अपना चेहरा साफ किया तथा नदी किनारे पड़े एक पेड़ के नँठ पर बैठ गया, और घास का तिनका चबाने लगा। एक नाव किनारे पर आकर रुकी और एक मध्यम उम्र का व्यक्ति, जिसके सफेद बाल और काली पूँछे थीं, किनारे पर उतरा। उसने वहाँ खाली बैठे हुए लड़के को देखा और उससे पूछा कि चक्रवर्ती कहाँ रहते थे। फटिक घास चबाता रहा और बोला, “वहाँ’ लेकिन यह पता लगाना असंभव था कि उसका इशारा किस तरफ था। उस अजनबी ने दोबारा पूछा। वह अपने पैर को इधर-उधर घुमाता रहा और बोला, जाओ और ढूंढ़ लो और पहले की तरह घास चबाता रहा।

लेकिन अब एक नौकर घर से आया और फटिक को बताया कि उसकी माँ उसे बुला रही थी। फटिक ने जाने से इनकार कर दिया। लेकिन नौकर इस स्थिति के लिए तैयार था। उसने जबरदस्ती फटिक को उठाया और उसे धकेलते हुए तथा गुस्से से संघर्ष करते हुए ले गया।

(4) When Phatik ……………….. telling lies”.
जब फटिक घर में आया, उसकी माँ ने उसे देखा। वह गुस्से से बोली, “तो तुमने फिर माखन को मारा?” फटिक ने उत्तर दिया, “नहीं मैंने नहीं मारा; आपसे यह किसने कहा?” . उसकी माँ चीखी, “झूठ मत बोलो! तुमने मारा है।” फटिक ने अचानक कहा, “मैं आपसे कह रहा हूँ कि मैंने नहीं मारा। आप माखन से पूछ लो।” लेकिन माखन ने सोचा कि वह अपनी पहले वाली बात पर अडिग रहेगा। उसने कहा, “हाँ, माँ।

फटिक ने मुझे मारा।” फटिक का धैर्य पहले ही जवाब दे चुका था। वह गलत बात (अन्याय) को नहीं सुन सकता था। वह माखन की तरफ दौड़ा और यह कहते हुए उस पर वार किये-“ये ले” वह चीखा “और ले, और ले, झूठ बोलने के लिए।

(5) His Mom ……………….. the place she was.
उसकी माँ ने उसी क्षण माखन की तरफदारी की और फटिक को खींचते हुए अपने हाथों से पीटने लगी। जब फटिक ने उन्हें अपने से अलग किया, तो वह चीखी, “क्या, अरे दुष्ट! क्या तू अब अपनी माँ को भी धक्को देगा?”

उसी जटिल परिस्थिति में एक सफेद बालों वाला अजनबी वहाँ आ पहुँचा। उसने पूछा कि क्या बात है। फटिक डरा और शर्म से देखने लगा। लेकिन जब उसकी माँ ने पीछे मुड़कर उस अजनबी को देखा, तो उनका गुस्सा आश्चर्य में बदल गया, क्योंकि उसने अपने भाई को पहचान लिया था और बोली, “क्यों दादा! आप कहाँ से आये?’ ये शब्द कहते-कहते वे जमीन पर झुकी और उनके पैर छुए। जैसे ही उनकी शादी हुई थी उनके भाई चले गये थे और उन्होंने बॉम्बे में अपना व्यवसाय शुरू कर दिया था। जब वे बॉम्बे में थे तो उनकी बहन के पति की मृत्यु हो गयी। बिशम्भर अब कलकत्ता वापस आ गये थे और तुरंत उन्होंने अपनी बहन के बारे में पूछा था। और जैसे ही उन्हें अपनी बहन के बारे में पता चला वे उससे मिलने चले आये थे।

(6) The subsequent ……………….. meant it.
अगले कुछ दिन बड़ी प्रसन्नता से बीते। भाई ने दोनों लड़कों की शिक्षा के बारे में पूछा। उसे बताया गया कि फटिक तो बिल्कुल बेकार है। वह कामचोर, कहना न मानने वाला और उपद्रवी था। लेकिन माखन सोने के समान अच्छा था, वह भेड़ के बच्चे के समान सज्जन और पढ़ने में मन लगाने वाला था। बिशम्भर ने दयालुता से फटिक को अपनी बहन से अपने साथ ले जाने को कहा और अपने बच्चों के साथ कलकत्ता ले जाकर पढ़ाने की बात कही। विधवा माँ तुरन्त मान गयी। जब फटिक के मामा ने उसे अपने साथ कलकत्ता ले जाने की बात की तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा, और वह बोला, “ओह, हाँ, मामा जी।’ एक तरीके से ऐसा लगता था कि जैसे वह यही चाहता था।

(7) It was ……………….. get away.
माँ के लिए फटिक से छुटकारा पाना अत्यधिक आरामदायक था। दोनों भाइयों में कोई प्यार न होना, उसके मन को क्षति पहुँचाता था। उसके मन में हमेशा यह डर बना रहता था कि किसी दिन वह माखन को नदी में डुबो देगा या लड़ाई में उसका सिर फोड़ देगा या उसे किसी-न-किसी खतरे में फैसा देगा। साथ ही वह फटिक की जाने की उत्सुकता को देखकर निराश भी रहती थी।

(8) Phatik ……………….. existence.
फटिक, जब सब-कुछ निश्चित हो गया, तो बार-बार अपने मामा से पूछने लगा कि कब चलेंगे। वह पूरे दिन प्रफुल्लित और तैयार रहता तथा अक्सर रात को भी जगा रहता। उसने अपनी मछली पकड़ने की छड़ी, अपनी बड़ी पतंग और अपने कंचे सब माखन को विरासत में दे दिए थे। वास्तव में, इस जाने के समय उसकी माखन के प्रति उदारता असीमित थी।

जब वे कलकत्ता पहुँचे तो फटिक पहली बार अपनी मामी से मिला। वह अपने परिवार में अनावश्यक बढ़ोतरी देखकर बिल्कुल भी खुश नहीं थी। वह बड़ी मुश्किल से अपने तीन लड़कों का प्रबंध कर पाती थी। और एक चौदह वर्ष के गाँव के लड़के का उनके बीच आ जाना बहुत अप्रिय था। बिशम्भर को इस तरह की बात करने से पहले कम-से-कम दो बार सोचना चाहिए था।

इस मानवीय संसार के झमेलों में, एक लड़का जिसकी उम्र चौदह साल हो, इससे बड़ी कोई बाधा नहीं हो सकती। न तो वह आकर्षक (सजावटी) होता है न ही उपयोगी। उसके ऊपर एक बच्चे की तरह प्यार बरसाना असंभव होता है, और वह हमेशा रास्ते में आता रहता है। यदि वह एक बच्चे की तरह तुतलतिा है तो उसे बच्चा कहा जाता है और अगर वे एक बड़े व्यक्ति की तरह व्यवहार करता है तो उसे अनुपयुक्तं बताया जाता है। जो भी बह कहता है उसका विरोध किया जाता है। तब वह एक बदसूरत, बढ़ती हुई उम्र में होता है। वह अपने कपड़ों की अपेक्षा बहुत तेजी से बढ़ता है; उसकी आवाज भारी हो जाती है और वह अटक-अटककर काँपते हुए स्वर में गाने लगता है। बचपन की गलतियों को माफ करना आसान होता है। लेकिन एक चौदह साल के लड़के की गलतियों को सहन करना अनिवार्य होता है। लड़को स्वयं दर्द से संकोची हो जाता है। जब वह बड़े लोगों से बात करता है तो या तो घबराहट में ढीठ हो जाता है या बेचैन होकर शर्माने लगता है या फिर उसे अपने अस्तित्व पर बहुत शर्मिन्दगी होने लगती है।

(9) But it’s ……………….. his classes.
जबकि इस उम्र में उसके दिल में होता है कि उसे प्यार और पहचान मिले और वह उस व्यक्ति का समर्पित दास बन जाता है जो उस पर ध्यान देता है। लेकिन कोई भी खुले रूप से उस पर प्यार दर्शाता नहीं है। क्योंकि उसे अनुचित आसक्ति माना जाता है जो कि उस लड़के के लिए सही नहीं होगा। इसलिए, क्या डाँटना और तिरस्कार करना, वह बिल्कुल एक आवारा कुत्ते के समान हो जाता है जिसका मालिक उसे छोड़कर चली गया हो। एक चौदह साल के लड़के के लिए उसका खुद का घर एक स्वर्ग के समान होता है।

एक अजनबी घर में अजनबियों के साथ रहना एक छोटे से अत्याचार के समान था, किसी स्त्री के द्वारा प्यार से बात या व्यवहार किया जाना परमानन्द की चरमसीमा था और उसके द्वारा कभी भी तिरस्कार नहीं किया जाना चाहिए। यह फटिक के लिए (पीड़ा की) दुःखद था कि वह अपनी मामी के घर अवांछनीय था, हर मौके पर वह इस बुजर्ग औरत द्वारा तिरस्कृत किया जाता था। जब भी वह उससे कुछ करने को कहती तो वह इतना खुश हो जाता कि कुछ ज्यादा ही कर देता और फिर भी उसे बताती कि इतने बेवकूफ मत बनो बल्कि अपनी पढ़ाई पर (पाठ) ध्यान दो।।

(10) The cramped ……………….. with longing. अपनी मामी के घर में उपेक्षा के तंगं वातावरण ने फटिक पर इतना जुल्म किया कि उसे ऐसा लगता था कि साँस लेना भी मुश्किल है। वह खुले गाँव में जाकर अपने फेफड़ों से स्वतन्त्र साँस लेना चाहता था। लेकिन वहाँ कोई खुला गाँव नहीं था। कलकत्ता में चारों तरफ दीवारें और घर बने हुए थे। वह हर रात अपने गाँव वापस जाने के सपने देखा करता। उसे वह शानदार चरागाह याद आते जहाँ वह पूरे दिन पतंग उड़ाया करता था; चौड़ा नदी का किनारा जहाँ वह गाते और चिल्लाते हुए खुशी से पूरा दिन बिताता था; छोटा सँकरा झरना जहाँ वह कभी भी जब वह चाहे डुबकी मार सकता था और तैर सकता था। उसे अपने समूह के साथी लड़के याद आते जिनमें वह तानाशाह था; और सबसे ज्यादा,उसे अपनी आततायी माँ की याद आती, जिसने उसके विरुद्ध पक्षपात किया था, यही विचार उसे दिन-रात (काम में लगाये रहते) परेशान करते रहते। एक तरह। का शारीरिक प्रेम जैसा कि जानवरों में होता है, किसी ऐसे के सामने होना जिससे आप प्यार करते हों; किसी के न होने पर न प्रकट करने योग्य उत्कंठा; एक शान्त चीख जो दिल से उसकी माँ को याद करती थी, शाम के समय एक बछड़े के सँभाने के समान थी; यह प्यार जो कि एक जानवर के रूप में स्वाभाविक था, वे उस शर्मीले, बेचैन, पतले, भद्दे और कुरूप लड़के को उत्तेजित कर देते थे। कोई भी इसे समझ नहीं सकता था, लेकिन उसका दिमाग लगातार इसी का शिकार था या इसी में रमा हुआ था।

पूरे स्कूल में फटिक से ज्यादा पिछड़ा हुआ कोई लड़का नहीं था। जब भी अध्यापक उससे प्रश्न पूछते उसका मुँह खुला और शान्त रह जाता और एक अतिरिक्त भार से लदे हुए गधे के समान वह धैर्यपूर्वक उन सभी वारों को सहन कर जाता जो उस पर पड़ते थे। जब सब लड़के बाहर खेल रहे होते तो वह जिज्ञासा से खिड़की के पास खड़ा हो जाता तथा दूर घरों की छतों को देखा करता और अगर संयोगवश वह बच्चों को खुली छत पर खेलते हुए देख लेता तो उसका दिल भी इच्छाओं से भर जाता।

(11) Someday ……………….. residence?”
एक दिन उसने अपनी पूरी हिम्मत जुटाकर अपने मामा से कहा, “मामाजी, मैं घर कब जा सकता हूँ? उसके मामा ने उत्तर दिया, “जब तक छुट्टियाँ हों तब तक प्रतीक्षा करो।” लेकिन छुट्टियाँ तो नवम्बर तक नहीं आयेंगी और अभी एक लम्बे समय तक इन्तजार करना पड़ेगा।

एक दिन फटिक की अभ्यास-पुस्तिका खो गयी। यहाँ तक कि अपनी किताबों की सहायता से भी उसे अपना पाठ समझने में कठिनाई हो रही थी। अब यह असंभव था। दिन प्रतिदिन अध्यापक निर्दय होकर उसे पीटते। उसकी ऐसी हालत हो गयी कि उसके ममेरे भाइयों को भी अब उस पर शर्म आने लगी। वे दूसरे लड़कों से भी ज्यादा उसे चिढ़ाने और बेइज्जत करने लगे। आखिरकार वह अपनी मामी के पास गया और बोला कि उससे उसकी अभ्यास-पुस्तिका खो गयी है।

उसकी मामी ने गुस्से से अपने होठ भींच लिये और बोली तुम बहुत पागल, गॅवार हो मैं अपने परिवार के साथ कैसे तुम्हारा एक महीने में पाँच बार किताबों का खर्चा उठा सकती हूँ?

उस रात स्कूल से वापस घर आते हुए, फटिक को भयंकर सिरदर्द के साथ काँपते हुए दौरा पड़ गया। उसे लगा कि उसे मलेरिया बुखार का असर हो गया है। उसे सबसे ज्यादा डर इस बात का था कि उसकी मामी इसे उसी की बेवकूफी कहेगी। अगली सुबह फटिक कहीं भी दिखायी नहीं दिया। आस-पड़ोस में ढूंढ़ने से कुछ भी पता नहीं चला सब बेकार हो गया। पूरी रात बारिश होती रही थी और जो भी लड़के को ढूँढ़ने गये वे पूरी तरह भीग गये। आखिर में बिशम्बर ने पुलिस की मदद ली। दिन के आखिर में एक पुलिस वैन उनके घर के सामने रुकी। अभी भी बारिश हो रही थी और गलियों में पानी भर गया था। दो पुलिसवाले फटिक को अपनी भुजाओं में लेकर आए और बिशम्भर के आगे रख दिया। वह पूरी तरह भीगा हुआ, कीचड़ से सना हुआ था, उसका चेहरा और आँखें बुखार से लाल हो गये थे और उसका पूरा शरीर (मांसपेशियाँ) काँप रहा था। बिशम्भर उसे गोदी में उठाकर अन्दर लेकर गये। उसकी पत्नी ने जब उसे देखा, तो बोली, इस लड़के ने हमें परेशान कर दिया है। क्या अधिक अच्छा नहीं होगा कि तुम उसे उसके घर भेज दो? ”

(12) Photik ……………….. crucial.
फटिक ने उनके शब्द सुनकर रोते-रोते जोर से कहा मामाजी, मैं घर ही जा रहा था, लेकिन ये मुझे वापस यहाँ घसीट लाए। बुखार बहुत तेज हो गया और लड़का पूरी रात तपता रहा बिशम्बर ने डॉक्टर को बुलाया, फटिक ने अपनी बुखार से भरी आँखें खोलीं और छत की तरफ देखते हुए शान्ति से कहा, मामा जी क्या अभी तक छुट्टियाँ नहीं हुई हैं। क्या मैं घर जा सकता हूँ? बिशम्भर ने अपने आँसू पोंछे और फटिक के पतले जलते हुए हाथों को पकड़कर पूरी रात उसके पास बैठे रहे। लड़का फिर बड़बड़ाने लगा। आखिरकार उसकी आवाज उत्तेजित हो गयी, वह चीखा, माँ मुझे ऐसे मत मारो।“माँ”, मैं सच बोल रहा हूँ। अगले दिन थोड़ी देर के लिए लड़के को होश आया। उसने कमरे में अपनी नजर घुमाई, जैसे कि उसे किसी के आने की आशा हो। आखिरकार निराशा के साथ उसका सिर वापस तकिये पर लुढ़क गया। उसने अपना चेहरा दीवार की तरफ कर लिया और एक गहरी साँस ली। बिशम्भर उसके मन की बात समझ गये थे, अपना सिर नीचे करके, धीरे से बोले फटिक मैंने तुम्हारी माँ को बुलवाया है। वह दिन बीत गया। डॉक्टर ने चिन्ताग्रस्त आवाज में कहा कि लड़के की हालत बहुत नाजुक है।

(13) Photik ……………….. come.
” फटिक जोर से चिल्लाने लगा, “वह निशान! तीन फैदम। वह निशान:::::::::::::”चार फैदम। वह निशान:::::::” उसने नदी में स्टीमर के नाविक को साहुल रेखा के पास यह बोलते हुए सुना था। अब वह स्वयं अथाह सागर की गहराई नाप रहा था। अगले दिन फटिक की माँ चक्रवात की तरह कमरे में प्रविष्ट हुई और तेज आवाज में इधर-से-उधर गिरकर विलाप करने लगी। बिशम्भर ने उनकी बेचैनी को शान्त करने की कोशिश की लेकिन वह उसके पलंग से चिपककर चिल्लाने लगी, फटिक मेरा प्यारा, मेरा बेटा। फटिक अपनी बेचैनी में एक क्षण रुका। उसके हाथ ऊपर नीचे होने बन्द हो गए। उसने कहा, आह? उसकी माँ फिर चीखी, फटिक मेरा प्यारा, मेरा बेटा। फटिक ने बहुत धीरे से अपना सिर घुमाया और बिना किसी की तरफ देखे, बोला, “माँ छुट्टियाँ आ गयी हैं।”

Understanding the Textual content

Explanations
Clarify one of many following passages just about the context :
(1) Phatik Chakravorti ……………….. unanimously.
Reference : This extract has been taken from the chapter The Homecoming by Rabindranath Tagore. [ N.B. : The above reference will be used for all explanations of this lesson.]

Context: On this chapter the sensation of a fourteen 12 months outdated naughty boy’s have been mentioned.

Clarification : Phatik chakravorti was a head of village boys. A brand new naughtiness come into his thoughts. There was a heavy log which was mendacity on the financial institution of river to be formed for being a mast for a ship. He determined that each one of his pals ought to attempt to shift the log from its place and roll it in the direction of different facet. He wished to hassle the proprietor and to have enjoyable for himself. All of them had identical considering concerning that provide.

(2) Now, if Phatik ……………….. perit in it.
Context : On this extract Phatik and Makhan each brother’s have proven their mischieviousness.

Clarification : Now it had change into obligatory for Phatik to maintain his phrases to keep up his place. However his braveness was lagging him behind. His energetic thoughts in that scenario, without delay caught upon a brand new trick which might defeat his brother and permit his attendants an growing leisure. He ordered then to roll the log and Makhan over collectively. Makhan heard his brothers and determined to stay on to the log to keep up his place. However the couldn’t see these issues which have been associated to the bubble popularity and the danger which might have fall upon him.

(3) Phatik wiped his face ……………….. grass as earlier than.
Context : Within the given extract Phatik’s response in opposition to his brother Makhan has been described.

Clarification : After cleansing his face Phatik sat down on river financial institution and began chewing a chunk of grass. Simply then a ship got here on the river financial institution and a center aged man, with gray hair and darkish moustache got here to him and requested the place the chakravortis lived. Phatik didn’t deal with him and pointed in such route that it was unattainable to grasp the place he pointed. On asking once more by the stranger he replied ‘go and discover out roughly and continued to maneuver his legs and chewing the grass as earlier than.

(4) The subsequent few ……………….. he meant it.
Context : On this passage Phatik’s angle’s adjustments have been described. When his uncle requested him to remove with himself his pleasure was boundless.

Clarification : When Phatik’s uncle got here to his residence he felt blissful. His uncle requested his mom concerning the schooling of her sons and his sister instructed him concerning the distinction of angle of her two kids. Phatik was lazy, disobedient, and wild. However Makhan was pretty much as good as gold, as quiet as a lamb and really keen on studying. Bishambhar requested his sister to take Phatik with him at calcutta and to take care of him as his personal son. Phatik’s mom agreed along with her brother. When Phatik turned to find out about this he readily accepted the supply as he himself wished to go away from his village.

(5) On this ……………….. very existence.
Context : On this extract the emotions of a teen baby has been proven. What conditions he/she has to face.

Clarification : On this extract the narrator says that teenage specifically age of fourteen years in itself is a nasty factor. A boy of this age just isn’t thought of attractive nor helpful. It’s not potential to point out love on him as is proven on littly boy. He’s at all times felt as if he’s coming in any person’s method. If he speaks in a infantile method he’s known as a child and if he behaves in a grown-up method he isn’t revered. In reality no matter he speaks makes offended to others. Then he doesn’t get attraction at his rising age his peak grows quick and his garments turns into brief for him; his voice additionally turns into tough and breaks and shivers. His face seems angular and ugly. Eary childhood’s shortcomings can simply be given up however it’s laborious to bear the errors of a fourteen 12 months outdated boy. The boy turns into shy. When he talks with aged individuals he feels extraordinarily ahead or shy that he seems ashamed of his very presence.

(6) The cramped ……………….. day and evening.
Context : On this extract Phatik’s feeling in opposition to his aunt’s behaviour is proven.

Clarification : The unhealthy ambiance of dishonor in his aunt’s home depressed Phatik so
that he felt that he couldn’t take a breathe comfortably there. He wished to roam in a rustic freely as he did in his earlier days. However in calcutta there was no open place for him to go the town was surrounded by homes and partitions, he solely might dream constantly of his village and to be again there. He was unable to overlook the gorgeous grasslands the place he used to fly his kite complete day lengthy; the broad river-bank the place he used to wander concerning the livelong day singing and shouting for pleasure. There was a · slim river additionally the place he might go and luxuriate in himself along with his pals at any time he favored. He thought of his pal circle over whom he used to command; and above all of the remembrance of his merciless mom who was at all times keen on for him.

(7) On the finish ……………….. despatched him residence?”
Context : When Phatik didn’t come for complete day his uncle took assist from police.

Clarification : Ultimately within the night a police van stopped in entrance of their residence. Rain had not stopped but and the streets have been stuffed with water. Two constables introduced phatik inside the home in entrance of Bishambhar. He was utterly moist and muddy allover, his face and eyes have been purple with fever and his physique was trembling. Bishambhar himself took Phatik in his lap in the direction of inside room. When his spouse noticed him she mentioned, “this boy has come to us as a heap of troubles shouldn’t you ship him to his residence again?”

(8) The fever rose ……………….. telling the reality!”
Context : Phatik wished to go his residence again. So, he tried to take action however was caught again to his uncle’s residence by two constables.

Clarification :
Phatik was affected by excessive fever and was insensible complete evening. Bishambhar known as a health care provider. Phatik opened his purple eyes and appeared as much as the ceiling, and mentioned calmly “Uncle have the vacations come but? Might I’m going residence?” Bishmbhar cleaned his personal face which was moist with tears and took Phatik’s weak and sizzling (burning with fever) palms in his personal hand and sat close to him complete evening. The boy once more began talking slowly lastly his sound turned hig
vly lastly his sound turned excessive, he cried, mom don’tbeat me like that! Mom! I’m not mendacity. I’m telling the reality!”

Brief Reply Sort Questions

Reply one of many following questions in no more than 30 phrases:
Query 1.
What did Phatik and his pals determine to do?
(फटिक और उसके मित्रों ने क्या करने का निश्चय किया? )
Reply :
Phatik Chakravorti was a typical naughty village boy about fourteen years outdated. He was the ring chief of his gang. He by no means went to highschool however spent the entire day flying kites, swimming within the river and taking part in mischief. He was ingenious and stuffed with concepts. Someday a brand new mischief received into his head. There was a heavy log mendacity on the mud flat of the river ready to be formed into to mast for a ship. Phatik and his pals determined that they need to shift the log by pressure from its place and roll it away. The proprietor of the log can be offended and shocked and they might get pleasure from all of the enjoyable.

(फटिक चक्रवर्ती चौदह वर्ष का एक बहुत शैतान ग्रामीण लड़का था। वह अपने समूह का सरदार था। वह कभी स्कूल नहीं जाता था लेकिन पूरा दिन पतंग उड़ाने, नदी में तैरने और शैतानी करने में बिताता था। वह अच्छा आविष्कारक तथा पूर्ण विवेकशील था। एक दिन एक नयी शैतानी उसके दिमाग में आई। नदी के किनारे समतल कीचड़ में लकड़ी का एक लट्ठा नाव के मस्तूल के आकार में आने के लिए पड़ा हुआ था। फटिक और उसके दोस्तों ने निश्चय किया कि वे उसे लट्टे पर ताकत लगाकर उसे घुमाकर उसकी जगह से लुढ़काते हुए दूसरी जगह ले जायेंगे। लट्टे का मालिक आश्चर्यचकित और क्रोधित होगा और वे सब उससे मजे करेंगे।)

Query 2.
How did Makhan spoil the enjoyable?
(माखन ने कैसे मजा किरकिरा (खराब) कर दिया?)
Reply :
Phatik and his pals determined to carry out a brand new mischief. They determined that they need to shift the log by pressure from its place and roll it away. The proprietor of the log can be offended and shocked and they might get pleasure from all of the enjoyable. However the enjoyable was spoiled earlier than it began, as Phatik’s brother Makhan went in opposition to this plan. He decides to not enable them to roll the log method. So he quietly sat down on the log with out uttering. phrase. This made everyone puzzled for a second. Phatik requested him to rise up. However Makhan sat extra confidently and appeared like a younger thinker meditating. Now it was the query of Phatik’s dignity earlier than his gang and so he ordered the gangs to roll the log together with Makhan. Because the log moved, Makhan fell into mud. So he quarreled with Phatik and went residence crying. All on this method Makhan spoiled the enjoyable.

(फटिक और उसके मित्रों को एक नयी शैतानी सूझी। उन्होंने निश्चय किया वे उस लट्टे पर ताकत लगाकर उसे लुढ़काते हुए एक जगह से दूसरी जगह ले जायेंगे। लट्टे का मालिक आश्चर्यचकित और गुस्सा होगा और वे सब उससे मजे करेंगे। लेकिन मजा आना शुरू होने से पहले ही खराब हो गया, क्योंकि फटिक का भाई माखन योजना के बीच में आ गया। उसने सोचा कि वह उन्हें लट्टे को लुढ़काकर ले जाने नहीं देगा। इसलिए वह बिना कुछ बोले चुपचाप जाकर लट्टे पर बैठ गया। इससे एक क्षण के लिए सब परेशान हो गये। फटिक ने उससे उठने को कहा। लेकिन माखन और भी अधिक आत्मविश्वास से एक तत्त्व की तरह, जैसे कि वह ध्यान लगा रहा हो, बैठ गया। अब यह फटिक की उसके समूह के सामने प्रतिष्ठा का प्रश्न था और इसीलिए उसने अपने समूह को आदेश दिया कि लट्टे के साथ ही माखन को भी लुढ़का दें। इस पर उसकी फटिक के साथ लड़ाई हो गयी और वह रोते हुए घर चला गया। इस तरह से माखन ने मजा किरकिरा कर दिया।)

Query 3.
Who arrived at Phatik’s home?
(फटिक के घर कौन आया था?)
Reply :
Bishambar brother of Phatik’s mom or his maternal uncle got here to Phatik home. Bishambar had gone away quickly after the wedding of Phatik’s mom and his sister and he additionally began enterprise at Bombay. Bishambar now come again to Calcutta and was visiting his sister after an extended interval.

(बिशम्भर फटिक की माँ का भाई यानी फटिक के मामा उसके घर आए। बिशम्भर फटिक की माँ के विवाह के तुरन्त बाद बम्बई चले गये थे और उन्होंने वहाँ पर अपना व्यवसाय शुरू कर दिया था। अब बिशम्भर कलकत्ता वापस आए थे और काफी लम्बे अरसे के बाद अपनी बहन से मिले।)

Query 4.
Why did Phatik go to Calcutta?
(फटिक कलकत्ता क्यों गया?)
Reply :
Phatik Chakravorti was a typical naughty village boy about fourteen years outdated. He by no means went to highschool however spent the entire day flying kites and taking part in mischief. He was a perpetual nuisance and his widow mom didn’t know the way to handle him. He was lazy, disobedient and wild, so not finding out correctly. As soon as his maternal uncle Bishambar visited his sister after an extended. He volunteered to take Phatik to Calcutta the place he can be educated. Phatik’s mom readily agreed and Phatik additionally was excited to go. So he readily went to Calcutta anticipating a brand new exiting life there.

(फटिक चक्रवर्ती एक बहुत शैतान चौदह वर्ष का ग्रामीण लड़का था। वह कभी स्कूल नहीं जाता था लेकिन पूरा दिन पतंग उड़ाने और शैतानी करने में बिताता था। वह लगातार शैतानियाँ करता था और उसकी विधवा माँ समझ नहीं पाती थी कि उसके साथ कैसा व्यवहार करे। वह आलसी, कहना न मानने वाला और उद्दण्ड था, इसलिए ठीक से पढ़ता भी नहीं था। एक बार उसके मामा बिशम्भर बहुत दिनों बाद उनसे मिलने आए। उन्होंने फटिक को कलकत्ता ले जाने के लिये कहा जहाँ वे उसे पढ़ाना चाहते थे। फटिक की माँ इसके लिए तैयार हो गयी और फटिक भी जाने के लिए उत्साहित था। इसलिये वह एक उत्साहित जीवन की आशा में , खुशी से कलकत्ता चला गया।)

Query 5.
Why was Phatik unwelcome to his aunt?
(फटिक का आना उसकी मामी के लिए अनाभिलाषित क्यों था?)
Reply :
When Phatik and his uncle reached Calcutta, Phatik made the acquaintance of his aunt for the primary time. His aunt was not all blissful to see him. For her, Phatik was an pointless addition of her household as a result of she had already three kids who have been fairly unmanageable. To convey a village boy of 14 was very a lot upsetting to her. So Phatik was unwelcome to his aunt…

(जब फटिक और उसके मामा कलकत्ता पहुँचे, फटिक पहली बार अपनी मामी से मिला। उसकी मामी उसे देखकर खुश नहीं हुई। उनके लिए, उनके परिवार के लिए फटिक अनावश्यक था क्योंकि उनके पहले से तीन बच्चे थे जो काफी अनियन्त्रणीय थे। गाँव के एक चौदह वर्षीय लड़के को पालना उनके लिए काफी मुश्किल था। इसलिए फटिक का आना उसकी मामी के लिए अनाभिलाषित था।)

Query 6.
Why was Phatik sad in Calcutta?
(फटिक कलकत्ता में खुशे क्यों नहीं था?)
Reply :
Phatik was despatched to Calcutta by his mom. She hoped that the boy would get good schooling and be blissful there. Phatik too anticipated to have an thrilling life however his aunt didn’t present him any love. She was impolite with and located fault with him. He was despised and insulted once in a while his cousins additionally made enjoyable of him. He was probably the most backward boy in the entire faculty. He was overwhelmed unmercifully by the trainer day after day. He couldn’t make any pals. He longed for his village the place he was a hoop chief and the place he had loved life. The home turned a jail for him. He wished to run away to his village. The entire his life was depressing and sad in Calcutta.

(फटिक को उसकी माँ ने कलकत्ता भेज दिया था। उन्हें आशा थी कि लड़के को वहाँ अच्छी शिक्षा मिल जायेगी और वह वहाँ खुश रहेगा। फटिक को भी एक उत्तेजित करने वाली जिन्दगी की आशा थी लेकिन उसकी मामी ने उसे बिल्कुल प्यार नहीं किया। वह उससे अशिष्ट व्यवहार करती थी और उसमें कमियाँ निकालती रहती थी। उसे तुच्छ समझा जाता था और उसकी बेइज्जती की जाती थी और जब तब उसके ममेरे भाई-बहन उसका मजाक उड़ाते रहते थे। वह पूरे स्कूल में सबसे पिछड़ा हुआ लड़का था। दिन प्रतिदिन उसे उसके अध्यापक द्वारा बेरहमी से पीटा जाता था। उसका कोई मित्र नहीं था। वह अपने गाँव जाना चाहता था जहाँ वह अपने समूह का सरदार था और जहाँ उसने जीवन में मजे किये थे। घर उसके लिए एक जेल बन चुका था। वह अपने गाँव भाग जाना चाहता था। कलकत्ता में उसका पूरा जीवन दु:खी और अप्रसन्न था।)

Query 7.
What occurred to Phatik in school?
(स्कूल में फटिक के साथ क्या हुआ?)
Reply :
Phatik was probably the most backward and the dullest boys in his faculty. He remained silent when the trainer requested him a query, and like an ass patiently suffered all of the blows that got here down on his again. Someday, he misplaced his lesson ebook. It was unattainable to arrange lesson with out it. Daily he was overwhelmed unmercifully by the trainer. His circumstances turned so depressing that even his cousins have been ashamed of him. He was insulted by his classmates. These all of the troubled confronted by Phatik when he was in school.

(फटिक अपने स्कूल में सबसे पिछड़ा और मन्दबुद्धि लड़का था। जब अध्यापक उससे कोई प्रश्न पूछते तो वह चुप रहता था, और एक गधे की तरह उन वारों को सहन करता था जो उसकी कमर पर पड़ते थे। एक दिन, उसने अपनी अभ्यास-पुस्तिका खो दी। इसके बिना पाठ याद करना असम्भव था। दिन प्रतिदिन अध्यापक बेरहमी से उसे पीटते थे। उसकी हालत इतनी दयनीय हो गयी कि उसके ममेरे भाई-बहनों को भी उस पर शर्म आने लगी। उसके सहपाठी उसकी बेइज्जती करते। जब फटिक स्कूल में था उसे इन सब परेशानियों का सामना करना पड़ा।)

Query 8.
Why did Phatik run away?
(फटिक क्यों भाग गया?)
Reply :
Phatik was despatched to Calcutta by his mom. She hoped that the boy would get good schooling and be blissful there. Phatik too anticipated to have an thrilling life however his aunt didn’t present him any love. She was impolite with and located fault with him. He was despised and insulted once in a while his cousins additionally made enjoyable of him. His life in school was no higher. He was probably the most backward boy in the entire faculty. The home turned a jail for him. The entire his life was depressing and sad in Calcutta. Now he longed for his village the place he was a hoop chief and the place he had loved life. He additionally remembered his mom. Someday he fell sick and he feared that in such situation, he can be nuisance to is aunt. So he ran away from residence.

(फटिक को उसकी माँ ने कलकत्ता भेज दिया था। उन्हें आशा थी कि लड़का वहाँ जाकर खुश रहेगा और उसे अच्छी शिक्षा मिल जायेगी। फटिक को भी एक उमंग भरे जीवन की आशा थी लेकिन उसकी मामी ने उसे बिल्कुल प्यार नहीं किया। वह उससे अशिष्ट व्यवहार करती और उसमें कमियाँ निकालती रहती थी। उसे तुच्छ समझकर जब तब उसके ममेरे भाइयों द्वारा उसका मजाक उड़ाया जाता था और उसकी बेइज्जती की जाती थी। स्कूल में भी उसकी जिन्दगी ज्यादा अच्छी नहीं थी। वह पूरे स्कूल में सबसे पिछड़ा हुआ लड़का था। घर उसके लिए एक जेल के समान बन गया था। कलकत्ता में उसका पूरा जीवन दु:खी और अप्रसन्न था। अब वह अपने गाँव को याद कर रहा था जहाँ वह अपने समूह का सरदार था और जहाँ वह जिन्दगी में मजे कर रहा था। उसे अपनी माँ की भी याद आ रही थी। एक दिन वह बीमार पड़ गया और उसे डर था कि ऐसी स्थिति में, वह अपनी मामी की नजरों में और गिर जायेगा (वह उसे और बाधा समझेगी) इसलिए वह घर से भाग गया था।)

Query 9.
Who come to see Phatik?
(फटिक से मिलने कौन आया?)
Reply :
Phatik was very sad at his uncle’s home in Calcutta. He acquired no love and affection. His aunt discovered fault with him and insulted him. As soon as within the state of malarial fever, He ran away from residence. He was introduced again in critical situation. The boy instructed his uncle that he wished to go residence to his mom. His uncle assured him that he would ship him when holidays would come. In his delirium he saved on asking his uncle if holidays had come. Lastly his mom was despatched for she arrived simply in instances to see her son die. His mom got here to see her son dying.

(फटिक कलकत्ता में अपने मामा के घर बहत द:खी था। उसे कोई प्यार नहीं करता था। उसकी मामी उसकी कमियाँ ढूंढ़ती और उसे बेइज्जत करती रहती थी। एक बार मलेरिया बुखार में, वह घर से भाग गया। उसे गम्भीर अवस्था में घर लाया गया। लड़के ने अपने मामा को बताया कि वह अपनी माँ के पास घर जाना चाहता था। उसके मामा ने उसे आश्वासन दिया कि जब छुट्टियाँ होंगी तो वे उसे भेज देंगे। अपनी बेहोशी की हालत में वह अपने मामा से पूछता रहा कि क्या छुट्टियाँ हो गयीं। आखिरकार उसकी माँ को बुलवाया गया और वो बिल्कुल उस समय पहुँची जब उनका बेटा मरने ही वाला था। उसकी माँ अपने बेटे की मृत्यु पर . आई थी।)

Query 10.
What do you suppose occurred to Phatik?
(आपको क्या लगता है कि फटिक को क्या हुआ था?)
Reply :
“The Residence coming’ is a touching story of a boy of fourteen years. Again in village he was blissful and free. He performed his boyish pranks and has the enjoyable widespread to his age however life final all its charms when he was despatched to calcutta. As a substitute of affection he acquired contraption, insult and beating. This made the boy sad and adversely affected his progress in class; the unloved boy fell sick and died. In line with me Phatik was transplanted from village life which was stuffed with mischief and pleasure to a life to metropolis the place he had nobody to like and provides affection to him. He realized the values of residence and love due to neglect from his uncle’s household and separation from his mom. Throughout his sickness this wild boy turned mature and understands what’s residence.

(‘द होम कमिंग’ (घर वापसी) एक चौदह वर्षीय लड़के की एक मार्मिक कहानी है। पहले जब वह गाँव में था खुश और स्वतन्त्र था। वह अपने लड़कपन की शरारत किया करता था और अपनी उम्र के साधारण मजे लिया करता था, लेकिन जीवन का सारा आकर्षण समाप्त हो गया जब उसे कलकत्ता भेज दिया गया। प्यार के बजाय उसे बेइज्जती और पिटाई सहन करनी पड़ी। इसी से लड़का दुःखी हो गया और स्कूल में भी उसकी प्रगति बुरी तरह प्रभावित हुई; जिस लड़के को प्यार न मिला था वह बीमार पड़ गया और मर गया। मेरे हिसाब से फटिक का ग्रामीण जीवन जो शैतानियों और जीवन की खुशियों से भरा था, से उठाकर शहरी जीवन में प्रत्यारोपित कर दिया गया था जहाँ कोई उसे प्यार नहीं करता था और उस पर ध्यान नहीं देता था। उसे घर और प्यार की कीमत महसूस हो रही थी क्योंकि उसके मामा के परिवार में उपेक्षा मिलती थी और वह अपनी माँ से दूर हो गया था। इस बीमारी के समय में वह उद्दण्ड लड़का पूर्ण रूप से सुचिंतित हो गया था और यह समझ गया था कि घर क्या होता है।)

Vocabulary

Select probably the most acceptable phrase or phrase that finest completes the sentence:
1. Phatik Chakravorti was ringleader ……………….. the boys of the village.
(a) between
(b) amongst
(c) and
(d) with

2. The proprietor of the ……………….. can be offended and shocked, and they might all benefit from the enjoyable.
(a) log
(c) bathroom
(d) wog
(b) fog

3. Makhan heard the order and made it a ……………….. of honour to stay on.
(a) joint
(b) factors
(c) level
(d) socket

4. All the opposite boys ……………….. themselves hoarse with delight.
(a) crowd
(b) shout
(c) collect
(d) shouted

5. Makhan rushed at Phatik and scratched his ……………….. and beat him and kicked him.
(a) face
(b) case
(c) chase
(d) lace

6. However the servant was the grasp ……………….. this event.
(a) with
(b) from
(c) at
(d) on

7. Phatik’s ……………….. was already exhausted.
(a) essence
(b) endurance
(c) rush
(d) went

8. His sister had ……………….. her husband whereas he was in Bombay.
(a) host
(b) price
(c) misplaced
(d) publish

9. He was instructed by his sister that Phatik was a perpetual ………………..
(a) nuisance
(b) science
(c) demand
(d) hate

10. She had a prejudice ……………….. the boy.
(a) in entrance of
(b) in opposition to
(c) beneath
(d) above

11. On this world of human affair there isn’t a worse nuisance than a boy on the age of ………………..
(a) twelve
(b) 13
(c) fourteen
(d) fifteen

12. He wished to exit into the open nation and fill his ……………….. and breathe freely.
(a) lungs
(b) ears
(c) mouth
(d) hand

13. There was no extra backward boy within the ……………….. faculty than Phatik.
(a) gap
(b) complete
(c) corridor
(d) half

14. The ……………….. rose very excessive and all that evening the boy was delirious.
(a) lever
(b) shiever
(c) fever
(d) liver

15. Phatik stopped his stressed actions ……………….. a second.
(a) for
(b) about.
(c) into.
(d) onto

Solutions :
1. (b)
2. (a)
3. (c)
4. (a)
5. (a)
6. (d)
7. (b)
8. (C)
9. (a)
10. (b)
11. (c)
12. (a)
13. (b)
14. (c)
15. (a)

We hope the UP Board Master for “Class 12 English” Prose Chapter 4 “The Homecoming” assist you to. In case you have any question concerning UP Board Master for “Class 12 English” Prose Chapter 4 “The Homecoming”, drop a remark under and we are going to get again to you on the earliest.

UP board Master for class 12 English chapter list

3 thoughts on ““Class 12 English” Prose Chapter 4 “The Homecoming””

  1. Avatar of WWW.XMC.PL

    You might have not supposed to do so, however I think you have got managed to specific the state of mind that lots of people are in. The sense of wanting to help, but not knowing how or where, is one thing a lot of us are going through.

  2. Avatar of Michalowski

    Thank you for taking turns that excellent subject matter on your internet site. I came across it on the search engines. I will check back again whenever you post extra aricles.

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