UP Board Syllabus SHORT STORIES THE GOLD WATCH
UP Board Syllabus SHORT STORIES 12th Chapter 1 Long Questions Answer
BoardUP Board
Text bookNCERT
Class12th
SubjectEnglish
Chapter1
Chapter name The GOLD WATCH
Chapter NumberNumber 3 Long Questions Answer
CategoriesSHORT STORIES Class 12th
UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES The GOLD WATCH Chapter List
NUMBERCHAPTER
1UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES THE GOLD WATCH
2UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES 12th CHAPTER 1 SHORT QUESTION ANSWER
3UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES 12th CHAPTER 1 LONG QUESTION ANSWER

Q. 1. Describe how Sanku steals te gold watch?
संकू सोने की घड़ी किस प्रकार चुराता है, वर्णन करो।

Or

Describe how Sanku stole the gold watch. What were his feelings?
वर्णन करो संकू ने सोने की घड़ी किस प्रकार चुराई। उसकी भावनायें क्या थी?

Or

What thoughts troubled Sanku after he had stolen the watch?
घड़ी चुराने के पश्चात् संकू को किस बात ने परेशान किया?

Or

Describe the pricks of conscience which Sanku feels after he had stolen the watch.
घड़ी चुराने के बाद संकू की अंतरात्मा की चुभन को महसूस करने का वर्णन करो।

Or

Describe the behaviour of Sanku after he had committed the theft.
चोरी करने के बाद संकू के आचरण का वर्णन करो।

Ans. Poor condition of Sanku

Ans. Poor condition of Sanku : Sanku was a poor labourer. He had debts to pay. He had no means to repay his debts. He thought that by stealing the gold watch he could solve his problems.

Sanku stole the watch

Sanku stole the watch: At last Sanku firmly decided to steal the gold watch of the engineer of his factory. At one o’clock everyone went away for lunch. Sanku did not go. The engineer went away. Sanku looked round. He hesitated. But at last he picket up the watch through the window. He put it in his trouser’s pocket.

His feelings after committing theft

His feelings after committing theft: Sanku was very much afraid after stealing the watch. He thought everyone knew that he had committed the theft. He thought
that he would be caught, rebuked and dismissed from service. He was very much frightened He felt that a burning coal was burning his pocket. So he went back and put the watch back on the table.

Conclusion

Conclusion: Sanku stole the watch but his inner feelings were always fighting with his outer problems. At last, his inner conscience won and he put the watch back on the table and felt relief.

संकू की गरीबी की हालत

संकू की गरीबी की हालत-संकू एक गरीब मजदूर था। उसे कर्जा चुकाना था। उसके पास कर्जा चुकाने का कोई साधन नहीं था। उसने सोचा कि सोने की घड़ी चुराकर वह अपनी समस्याओं को हल कर सकता था।

संकू ने घड़ी चुराई

संकू ने घड़ी चुराई-अन्त में संकू ने अपने कारखाने के इन्जीनियर की सोने की घड़ी चुराने का निश्चय किया। दोपहर एक बजे हर कोई कारखाने से बाहर खाना खाने जाता था। संकू नहीं गया। इन्जीनियर बाहर चला गया। संकू ने चारों ओर देखा । वह झिझका । लेकिन अन्त में उसने खिड़की में से
घड़ी उठा ली। उसने उसे अपनी पतलून की जेब में रख लिया।

चोरी करने के बाद उसके विधार

चोरी करने के बाद उसके विधार-घड़ी चुराने के बाद संकू बहुत डर गया। उसने सोचा कि हर कोई जानता था कि उसने चोरी की थी। उसने सोचा कि वह पकड़ा जाएगा. डाँटा जाएगा और नौकरी से निकाल दिया जाएगा। वह बहुत भयभीत हो गया। उसने महसूस किया कि एक जलता हुआ कोयला उसकी जेब को जला रहा था। अतः वह वापस गया और घड़ी को मेज पर रख दिया।

उपसंहार

उपसंहार-संकू ने घड़ी चुरा ली मगर उसकी आन्तरिक विचारधारा उसकी बाहरी समस्याओं से हर समय लड़ रही थी। अन्त में उसकी आन्तरिक आत्मा की विजय हुई और उसने घड़ी को मेज पर रख दिया और आराम महसूस किया।

Q.2.Give acharacter sketch of Sanku..
संकू के चरित्र का चित्रण करो।

Ans. Sanku is the leading character in the story “The Gold Watch The whole story depends upon the activities of Sanku. He has the following good and weak qualities in him-

A low paid worker

A low paid worker: Sanku is a low paid factory worker. He is illiterate. He gets very low salary. He gets only one rupee per day. He is unable to fulfil his requirements. He has to borrow money. So he is always in debt.

His daily life

His daily life: Sanku has a wife and two children. His wife is pregnant again. The children are always hungry and unhealthy. His family life is full of miseries.

His problem

His problem : Sanku’s life is encircled with a number of problems. He is in debts. He has to pay money for purchases from the store and the tea shop. He owes
money to Ali and other persons. He has some other problems also. So he is very much worried. He wants to come out of his problems. No other solution is seen.
The only solution to meet out his problems is to steal the gold watch of engineer of the factory.

A man of fearful nature

A man of fearful nature : Sanku is fearful person. Although he has stolen the gold watch, he has great fear and hesitation. So he puts the watch back on its place.
Only the nature of fearfulness stops him to commit theft. He is timid also. He lacks in courage. He is very nervous.

His conscience

His conscience: His conscience does not allow him to steal the watch. He was afraid of being caught and ridiculed. So he puts the watch back on the table.

Conclusion

Conclusion : Sanku has been facing many problems. These problems compelled him to commit theft. But he himself was responsible for his problems Even then he had a sense of high morality.

संकू ‘The Gold Watch’ कहानी का मुख्य पात्र है। पूरी कहानी संकू की गतिविधियों पर आधारित है। उसमें निम्न अच्छी और बुरी बातें है-

कम वेतन भोगी मजदूर

कम वेतन भोगी मजदूर-संकू कम वेतन पाने वाला कारखाने का मजदूर है। वह अनपढ़ है। उसे बहुत कम वेतन मिलता है। उसे केवल एक रुपया प्रतिदिन मिलता है। वह अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है। उसे कर्ज लेना पड़ता है। अतः वह हमेशा कर्जदार रहता है।

उसका दैनिक जीवन

उसका दैनिक जीवन-संकू को एक पत्नी और दो बच्चे हैं। उसकी पत्नी फिर से गर्भवती है। बच्चे हमेशा भूखे और अस्वस्थ रहते हैं। उसका पारिवारिक जीवन कष्टों से पूर्ण है।

उसकी समस्याएँ

उसकी समस्याएँ-संकू का जीवन समस्याओं से भरा हुआ है। वह कर्जदार है। उसे चाय की दुकान तथा भण्डार से खरीदारी का कर्ज चुकाना है। उस पर अली व अन्य लोगों का कर्ज है। उसकी कुछ अन्य समस्याएँ भी हैं। इसलिए वह अत्यधिक चिन्तित है। वह अपनी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहता है। कोई अन्य उपचार दिखाई नहीं देता। अपनी समस्याओं से छुटकारा पाने का उसे केवल एक ही रास्ता नजर आता है कि वह कारखाने के इम्जीनियर की सोने की घड़ी को चुरा ले। ते

उरने वाले स्वभाव का व्यक्ति

उरने वाले स्वभाव का व्यक्ति-संकू डरने वाला व्यक्ति है। यद्यपि उसने सोने की घड़ी चुरा ली है लेकिन उसे बहुत भय और झिझक है। इसलिए वह घड़ी को वापस उसी स्थान पर रख देता है। केवल

उसकी डराने वाली प्रवृत्ति उसे चोरी करने से रोक देती है। वह कायर भी है। उसमें साहस की कमी है। वह बहुत व्याकुल है।

उसकी अन्तरात्मा-उसकी अन्तरात्मा उसे चोरी करने की आशा नहीं देती । उसे पकड़े जाने और खिल्ली उड़ाने का डर था। इसलिए वह घड़ी को वापस मेज पर रख देता है।

उपसंहार-संकू कई समस्याओं का सामना करता रहा है। इन समस्याओं ने उसे चोरी करने को बाध्य किया। लेकिन वह अपनी समस्याओं के लिए स्वयं उत्तरदायी था। फिर भी उसमें नैतिकता का उच्च शान था। . .

Q. 3. What were Sanku’s feelings before stealing the watch?
घड़ी चुराने से पहले संकू की क्या भावनायें थीं?

Or

Describe Sanku’s feelings at the time when he was planning to steal thebwatch.

जब संकू घड़ी चुराने की योजना बना रहा था उस समय की उसकी भावनाओं का वर्णन करो।

Ans. In the story ‘The Gold Watch’ the writer has described the psychology of a poor labourer who works in a factory. The name of the labourer is Sanku. He is
uneducated and urskilled. He gets very low wages. His problems compelled him to commit the theft. He was not a thier by nature. He stole a gold watch from the factory office. Though he stole it at the first impression of the evil thought, his moral conscience changed his ideas and he put the watch back on the table.

His feelings at the time of stealing the watch: Sanku tried to steal the watch several times. Every time he had been afraid and had failed. This time he finally determined to steal the watch. But it was not easy. He was frightened and excited. He was feeling several things. It means he was in dilemma. He felt breathless. He. was foolish enough even to disclose his intention accidently.

His thoughts his problems

His thoughts his problems: Sanku’s thoughts lingered about the problems. He had to repay his debts. He was unable to meet out his daily needs. His income was not so enough as he could pay off the loans. If he stole the gold watch, he

would sell it and he could get a good amount of money. This was how he felt when he was planning to steal the gold watch.

The Gold Watch’ कहानी में लेखक ने एक कारखाने में काम करने वाले गरीब मजदर की मनोदशा का वर्णन किया है। मजदूर का नाम संकू है। वह अनपद और अकुशल है। उसे बहुत कम . मजदूरी मिलती है। उसकी समस्याओं ने उसे चोरी करने को मजबूर किया। वह स्वभाव से चोर नहीं था।
उसमे कारखाने के कार्यालय से सोने की घड़ी चुरा ली। यद्यपि अपने बुरे विचार के वश में होकर उसने घड़ी चुराई. उसके नैतिक अतज्ञान ने उसका विचार बदल दिया और उसने वापस घड़ी को भेज पर रख दिया।

घड़ी चुराते समय उसके विचार-संकू ने कई बार घड़ी चुराने का प्रयास किया। हर बार उसे डर लगा और असफल हो गया। इस बार उसने अन्तिम रूप से घड़ी चुराने का पक्का इरादा कर लिया। किन्तु यह आसान नहीं था। वह भयभीत और उत्तेजित था। वह कई बातें सोच रहा था। अर्थात् वह

दुविधा में था। वह वेचैन था। वह बुर्घटनावश अपना इरादा बताने में भी मूर्खता कर रहा था। समस्याओं के बारे में उसके विचार-संकू के अपनी समस्याओं के बारे में विचार भटकने वाले थे।

उसे अपना कर्ज चुकाना था। वह अपनी वैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी असमर्थ था। उसकी आमदनी इतनी नहीं थी कि अपने कर्ज को चुका सके। अगर वह सोने की घड़ी को चुरा लेता तो उसे बेचकर काफी धन प्राप्त कर सकता था। घड़ी चुराते समय उसके मन में यही विचार आ रहा था।

Q. 4. Imagine yourself as Sanku and describe the thorny problems of his lite and also how be tried to solve them?

स्वयं को संकू होने की कल्पना करो और उसके जीवन की कँटीली समस्याओं का वर्णन करो और उसने उन्हें कैसे हल करने का प्रयास किया?

Or

What made Sanku decide that he had no choice but to steal the watch?
संकू ने कैसे निश्चय कर लिया कि घड़ी चुराने के अतिरिक्त उसके पास कोई विकल्प नहीं है?

Or

What were Sanku’s problems and how did he plan to solve them ?
संकू की क्या समस्याएँ थी और उसने उन्हें सुलझाने की क्या योजना बनाई?

Ans. Sanku was a poor worker of a factory. His salary was very low. He was in debts. The problems to repay the loan was thorny.

His plan to solve his problems

His plan to solve his problems: Sanku had seen the gold watch of the engineer of his factory. It was easy to steal the watch. It was his only choice. He decided to steal it. He thought he would sell it and pay all his debts with the money. Thus, he planned to solve his problems by stealing the gold watch.

If I were in Sanku’s place

If I were in Sanku’s place: If I were in Sanku’s place, I would have planned to get solution of the problems as under:

  1. I would have controlled my unnecessary expenses.
    2.I would have given up smoking and taking tea in the market.
  2. I would try to repay my debts in little instalments.
  3. I would have searched some part time job to increase my inonthly income.
  4. I would have planned my family. I would have taken advice from a family! planning centre. These were the ways I had adopted to solve the problems of my
    family: संकू एक कारखाने में गरीब मजदूर था। उसकी मजदूरी बहुत कम थी। उसके ऊपर कर्ज था। कर्ज को चुकाने की समस्या कष्टदायक थी।

समरयाओं को हल करने की उसकी योजना

समरयाओं को हल करने की उसकी योजना-संकू ने कारखाने के अभियन्ता की सोने की घड़ी । देख ली थी। घड़ी को चुराना आसान था। यही उसका एकमात्र चुनाव था। उसने उसे चुराने का निश्चय किया । उसने सोचा कि वह उसे बेच वेगा और उस धन से अपने सारे कर्ज चुका देगा। इस प्रकार, अपनी
समस्याओं को हल करने के लिए. घड़ी चुराने की योजना बनाई।

यदि मैं राकू की जगह होता ? यदि मैं संकू की जगह पर होता तो मैं अपनी समस्याओं को हल करने की गोजना इस प्रकार बनाता-

  1. मैं अपने अनावश्यक खर्चों पर नियन्त्रण करता।
    2.मैं घूमपान करना और बाजार में चाय पीना छोड़ देता।
  2. मैं अपने कर्ज को थोड़ा-थोड़ा करके चुकाता।
  3. अपनी मासिक आमदनी बढ़ाने के लिए कोई अतिरिक्त कार्य करता।
  4. मैं अपने परिवार का नियोजन करता । परिवार नियोजन केन्द्र से परामर्श लेता। ये वे तरीके थे. जिन्हें मैं अपने परिवार की समस्याओं को हल करने के लिए अपनाता।

Q.5. Describe the story The Gold Watch’ in your own words.
‘AGold Watch कहानी का अपने शब्दों में वर्णन करो।

Ans. Introduction

Ans. Introduction : Sanku was a labourer in a factory. The engineer of the factory was an Englishman. The engineer had a gold watch with a gold chain. He used to leave the gold watch on his office table just inside a half open window when he went out for lunch.

Sanku’s condition

Sanku’s condition: Sanku was a very poor man. He worked in a factory, He got very less salary. He was much in debt. He had to pay back money to so many persons. He had no money with him. So he wanted to steal the gold watch. But he was a coward. For so many days to tried to steal the watch but his courage always failed him. On the other hand Sanku was very much afraid of the people who wanted their money back from him. So he was compelled to steal the gold watch of his engineer.

Sanku’s family

Sanku’s family: Sanku had a wife and two children in his family. His wife was about to deliver her third child. He had to spend money on the bare necessities of his family.

Sanku’s helplessness

Sanku’s helplessness: His wife wanted ointment for the child. She also wanted bananas for the hungry baby. There was no milk for the children. He had no money
to buy these things. It all made him helpless.

Sanku stole the gold watch

Sanku stole the gold watch : That noon everybody had left for lunch. The engineer had also gone out leaving his gold watch on the office table. Sanku gathered courage and stole the gold watch.

Sanku’s nervousness

Sanku’s nervousness: After stealing the watch Sanku felt highly nervous. He trembled. He was afraid of being caught, insulted and dismissed. So he put the
gold watch back at its place and walked away with a sigh of relief.

प्रस्तावना

प्रस्तावना-संकू एक कारखाने में मजदूर था। कारखाने का इन्जीनियर एक अंग्रेज था । इन्जीनियर के पास सोने की जंजीर वाली सोने की घड़ी थी। जब इन्जीनियर दोपहर के भोजन के समय बाहर जाता तो अपनी सोने की घड़ी को अधखुली खिड़की के पास कार्यालय की मेज पर छोड़ जाता था।

संकू की दशा

संकू की दशा-संकू बहुत गरीब आदमी था। वह एक कारखाने में काम करता था। उसे बहुत कम वेतन मिलता था। उस पर बहुत कर्ज था। उसे कई लोगों का कर्ज चुकाना था। उसके पास धन नहीं था। अत: वह सोने की घड़ी को चुराना चाहता था। लेकिन वह डरपोक था। उसने कई दिन तक घड़ी को
चुराने का प्रयास किया लेकिन उसके साहस ने उसे असफल कर दिया। दूसरी ओर संकू कर्ज का पैसा वापस मांगने वालों से काफी भयभीत था। इसलिए वह इन्जीनियर की सोने की घड़ी चुराने के लिए मजबूर हो गया।

संकू का परिवार

संकू का परिवार-संकू के परिवार में एक पत्नी और दो बच्चे थे। उसकी पत्नी के तीसरा बच्चा पैदा होने वाला था। उसे अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों पर खर्च करने के लिए धन की आवश्यकता थी।

संकू की मजबूरी

संकू की मजबूरी-उसकी पत्नी को बच्चे के लिए मलहम की आवश्यकता थी। भूखे बच्चों के लिए उसे केलों की जरूरत थी। बच्चों के लिए दूध नहीं था। इन सब चीजों को खरीदने के लिए उसके पास धन नहीं था। इन सब बातों से वह असहाय हो गया।

संकू ने सोने की घड़ी घुराई

संकू ने सोने की घड़ी घुराई-उस दिन दोपहर को सभी लोग लंच के लिए बाहर चले गये। इन्जीनियर भी सोने की घड़ी को कार्यालय की मेज पर छोड़कर बाहर चला गया। संकू ने साहस करके सोने की घड़ी को चुरा लिया। .

संकू की व्याकुलता

संकू की व्याकुलता-घड़ी चुराने के बाद संकू बहुत व्याकुल हो गया। वह काँपने लगा। उसे पकड़े जाने, अपमानित होने और नौकरी से निकाले जाने का डर था। अतः उसने घड़ी को वापस उसी स्थान पर रख दिया और सन्तोष की साँस ली।

Q. 6. How do you know that Sanku was not a professional thief? Illustrate with examples.
आप कैसे जानते हैं कि संकू व्यावसायिक चोर नहीं था? उदाहरणसहित समझाओ। …

Ans. Sanku’s problems

Ans. Sanku’s problems: Sanku’s main problem was his poverty. He was a poor worker of a factory. He earned less but he had to spend more than his income. He was in debt. He had to pay off his debts. He wanted ointment, bananas, milk and medicine for his children and wife.

Sanku’s nature

Sanku’s nature: Sanku was not a thief by nature. But his need of money changed his ideas. He decided to steal a gold watch. It means circumstances made him a
thief. That is why he could commit theft. He trembled. His courage did not allow him to commit theft. He had been trying to steal the gold watch for many days. His
courage failed him to do so.

Conclusion

Conclusion : He tried to steal the gold watch. He could not get courage for many days. One day he took up the watch but his inner conscience did not allow him to do so. He put the watch back on its place. All these things show that Sanku was not a professional thiel. Otherwise he could steal the watch at the very beginning

संकू की समस्याएँ

संकू की समस्याएँ-रांकू की प्रमुख समस्या उसकी गरीबी थी। वह एक कारखाने में गरीब मजदूर था। उसे कम वेतन मिलता था। उसे अपनी आमदनी से अधिक कर्ज चुकाना था। वह कर्जदार था। उसे अपने कर्ज चुकाना था। उसे मलहम, केला, दूध और दवाओं की अपने बच्चों एवं पत्नी के लिए आवश्यकता थी।

संकू का स्वभाव

संकू का स्वभाव-संकू स्वभाव से चोर नहीं था। लेकिन उसके धन की चाह ने उसके विचारों को बदल दिया। उसने सोने की घड़ी चुराने का निश्चय किया। अर्थात उसकी पी स्थितियों ने उसे चोर बनाया। तभी वह चोरी कर सका। वह काँपने लगा। उसके साहस ने चोरी करने की आशा नहीं दी। वह कई दिनों से घड़ी चुराने का प्रयास कर रहा था। उसके साहस ने उसे ऐसा नहीं करने दिया।

उपसंहार

उपसंहार-उसने सोने की घड़ी चुराने की कोशिश की। वह कई दिन तक साहस नहीं जुटा सका। एक दिन उसने घड़ी उठा ली किन्तु उसकी अन्तरात्मा ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। उसने घड़ी वापस उसी जगह पर रख दी। ये सभी बातें बताती है कि संकू व्यावसायिक चोर नहीं था। अन्यथा वह शुरु में ही घड़ी चुरा लेता।

UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES The GOLD WATCH Chapter List
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1UP BOARD SYLLABLES SHORT STORIES THE GOLD WATCH
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