UP board syllabus THE MERCHANT OF VENICE
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Text BookNCERT
SubjectEngilsh
Chapter NameTHE MERCHANT OF VENICE
Chapter number Number 4 Long Answer Type Questions
CategoriesTHE MERCHANT OF VENICE
UP Board Syllabus THE MERCHANT OF VENICE List
NumberChapter
1THE MERCHANT OF VENICE नाटक के विषय में
2THE MERCHANT OF VENICE प्रमुख पात्रों का परिचय
3THE MERCHANT OF VENICE Short Answer Type Questions
4THE MERCHANT OF VENICE Long Answer Type Questions

Q. 1. Who is the hero of the play ‘The Merchant of Venice’ ? Discuss the appropriateness of the play being named after Antonio.
The Merchant of Venice नाटक का नायक कौन है? एन्टोनियो के नाम की सार्थकता पर
चर्चा कीजिए।

Ans. A hero must

Ans. A hero must be the chief man and actor in the play. He must possess verhuman qualities. He must be admired for his great deeds and noble qualities.
play is named after Antonio because he is the Merchant of Venice. Therefore, is the real hero of the play. Though he is not the chief actor. He is not an interesting Carson of the play. Even then the title of the play goes to Antonio. He is a true friend. He is kind hearted.

Shylock plays a main

Shylock plays a main role in the play. But he is a titular (नाममात्र का) hero. He is more dead than alive. He is melancholy and gloomy in nature. He is passive and
selfish. Therefore, we cannot call him the hero of the play.

Bassanio is also

Bassanio is also not the hero of the play. Though he is married to the heroine of the play. But his character and activities are forgetable. He is fortune hunter. He
is extravagant. He is a waster of money. He appears as a man whose main aim of fe is to live on money of others. So, the real hero of the play is Antonio.

एक नायक नाटक

एक नायक नाटक का प्रमुख व्यक्ति और पात्र होना चाहिए। उसमें महामानव के गुण होने चाहिए। उसके महान कार्यों और आवर्श गुणों की प्रशंसा होनी चाहिए। नाटक का नाम एन्टोनियो के नाम पर है क्योंकि वही वेनिस का व्यापारी है। इसलिए वी नाटक का नायक है। यद्यपि वह प्रमुख पात्र नहीं है। वह नाटक का दिलचस्प व्यक्ति नहीं है। फिर भी नाटक का शीर्षक एन्टोनियो के नाम पर है। वह एक सच्चा मित्र है। वह दयालु हृदय है।

शायलॉक नाटक

शायलॉक नाटक में प्रमुख भूमिका निभाता है। लेकिन वह नाममात्र का नायक है। वह जीवित के बजाय मृतक अधिक है। वह स्वभाव से उदास और शोकपूर्ण है। वह नकरात्मक और स्वार्थी है। इसलिए, हम उसे नाटक का नायक नहीं कह सकते।

बैसेनियो भी नाटक

बैसेनियो भी नाटक का नायक नहीं है। यद्यपि उसकी शादी नाटक की नायिका के साथ होती है। लेकिन उसका चरित्र और गतिविधियाँ विस्मरणीय हैं। वह धन का शिकारी है। वह अतिव्ययी है। वह धन को बरबाद करने वाला है। वह दूसरों के धन पर जीवित रहने वाले के रूप में प्रदर्शित है। अत: नाटक का नायक एन्टोनियो है।

Q.2. Has “The Merchantof Venice’ anymoral?
क्या The Merchant of Venice’ में कोई नीति है? .

Ans. Introduction

Ans. Introduction: The intetion of the dramatist in the play ‘The Merchant of Venice’ was to depict the relation of man to property and to illustrate different ideas of the value of wealth. It is true that the play does reveal the importance of man’s relation to property. Shylock and Antonio are affected with wealth. But there isamoral.

Shylock

Shylock: Shylockisajewish money lender.Hislove of money is very fantastic. He is an userer. He can do anything for money. His bond with Antonio is a clear
example of his love for money.

Antonio

Antonio : Antonio also runs after money. His ships are destroyed in the sea. Eventhen he signs a bond with Shylock on very immoral conditions.

Portia

Portia : Portia presents the picture of a rich lady. Fortune has showered the choicest gifts upon her. She is not greedy.

Bassanio

. Bassanio: Bassanio is a money hunter. In the beginning he may be regarded as the most contemptible character. He appears as a man whose aim of life is to live
on the money ofothers. .

Conclusion

Conclusion: The result is that Shakespeare has depicted the importance of money. Even then, there is a moral hidden in the narration of the story of the play.
The moral is that we should not adopt barbarious behaviour towards the humanity We must have sympathy and pity towards the human beings.

प्रस्तावना

प्रस्तावना-The Merchant of Venice नाटक में लेखक का विचार मनुष्य का धन से सम्बन्ध प्रदर्शित करना और धन सम्बन्धी विभिन्न विचारों का महत्व प्रदर्शित करना था। यह सच है कि नाटक मनुष्य का धन से सम्बन्ध प्रकट करता है। शायलॉक और एन्टोनियो धन से प्रभावित है। लेकिन इसमें नीति भी है।

शायलॉक

शायलॉक-शायलॉक यहूदी धन उधार देने वाला है। उसका धन से प्रेम उत्साहजनक है। वह अधिक ध्याज पर धन उधार देने वाला है। वह धन के लिए कुछ भी कर सकता है। उसका एन्टोनियो के साथ किया गया अनुबन्ध उसके धन प्रेम का स्पष्ट उदाहरण है।

एन्टोनियो

एन्टोनियो-एन्टोनियो भी धन के पीछे भागता है। उसके व्यापारिक जहाज समुद्र में लापता हो गये हैं। फिर भी वह शायलॉक के साथ अनैतिक शर्तो पर अनुबन्ध करता है।

पोशिया

पोशिया-पोशिया एक धनवान महिला की तस्वीर प्रस्तुत करती है। भाग्य ने मनोनुकूल उसके ऊपर उपहारों की वर्षा की है। वह लालची नहीं है।

सेनियो

सेनियो-वैसेनियो धन का शिकार करने वाला है। प्रारम्भ में उसे अत्यन्त घृणित पान माना जा सकता है। यह दूसरों के धन पर जीवित रहने वाला उद्देश्यवाला प्रतीत होता है।

उपसंहार

उपसंहार-परिणाम यह है कि शेक्सपीयर ने धन के महत्व का चित्रण किया है। फिर भी, नाटक के कथानक के प्रस्तुतीकरण में एक नीति या नैतिक उपदेश छिपा है। नीति (उपदेश) यह है कि हमें मानवता के प्रति जंगली व्यवहार नहीं करना चाहिए। हमें मानवता के प्रति सहानुभूति तथा दया का व्यवहार रखना चाहिए।

Q 3. Give the mottos inscribed on the caskets.
डिब्बों पर लिखे गये आवर्श वाक्यों को बताइए।

Ans. Introduction

Ans. Introduction: There are three caskets in the play ‘The Merchant of Venice! These caskets are related to the wedding conditions of Portia. The person who chooses the right casket will marty to Portia. These are made of Gold, Silver and Lead.

Condition

Condition: One of these caskets holds the picture of Portia. According to her father’s will the man who happens to choose the right casket, holding Portia’s
portrait, will have Portia as bride.

Mottos

Mottos: Certain mottos are iñscribed on each of the casket. The inscription on the Gold Casket is”Who chooseth me shall gain what many men desire”.

On the Silver casket it is written-
“Who chooseth me shall gain as much as he deserves.”

The Leaden casket has the following inscription-“Who chooseth me must give and hazard all he hath”.

The meaning of mottos

The meaning of mottos: The inscription on the Gold casket indicates that the outward appearance is false and misleading, The Silver casket indicates that your estimate of yourself in likely to be vain. The Tead casket indicates that in order to get what you deserve you should sacrifice all.

प्रस्तावना

प्रस्तावना-“The Merchant of Venice नाटक में तीन दिये हैं। इन डिब्बों का सम्बन्ध पोर्शिया की शादी से है। जो व्यक्ति सही डिव्या चुनेगा, वही पोर्शिया से शादी करेगा। ये डिब्बे सोना, चाँदी और जस्ते के बने हैं।

शत

शत-एक डिब्बे में पोर्शिया की तस्वीर है। उसके पिता की वसीयत के अनुसार जो व्यक्ति सही डिम्बे का चुनाव करेगा, वही पोर्शिया को पत्नी के रूप में प्राप्त करेगा।

आदर्श वाक्य

आदर्श वाक्य-प्रत्येक जिवे पर निश्चित आवर्श वाक्य अंकित है। सोने के डिब्बे पर अंकित वाक्य

जो मुझे चुनता है वह उसे प्राप्त करता है जिसे कई व्यक्ति पाना चाहते हैं।
चाँदी के डिव्ये पर लिखा है-
जो मुझे चुनता है वह उतना प्राप्त करता है जितना वह पाने योग्य है।’
जस्ते के डिब्बे पर यह लिखा है-
‘जो भी मुझे चुनेगा उसे अपनी समस्त वस्तुएँ.जो भी उसे प्राप्त हैं, खोने को तैयार रहना होगा।

आदर्श वाक्यों का अभिप्राय

आदर्श वाक्यों का अभिप्राय-सोने के डिब्बे पर लिखा वाक्य इंगित करता है कि बाहरी स्वरूप शामक और भटकाने वाला होता है। चांदी के डिब्बे पर लिखे वाक्य का तात्पर्य यह है कि आपका स्वयं का अपने प्रति जो अनुमान है वह व्यर्थ है। जस्ते के डिब्बे पर लिखा वाक्य इंगित करता है कि आप जो
पाने योग्य है. उसे पाने के लिए आपको सब कुछ खोना पड़ सकता है।

Q.4. What conditions were laid down for suitors to Portia’s hand? Are these conditions reasonable?
पोर्शिया से शादी करने आने वाले प्रेमियों के लिए क्या शत रखी गई थी? क्या ये शर्त तर्क संगत हैं?

Ans. The conditions

Ans. The conditions imposed by the will of her father were these-The suitors of Portia had to choose the right casket. Ifa suitor fails to choose the right casket, he
should take his departure and never marry afterwards.

These conditions

These conditions were too hard for both Portia and her suitors. Portia was afraid of being compelled to marry according to her father’s will. She was deeply attached to her father. She was determined not to violate her father’s will even if she had to pay a price by remaining unmarried.

If we think practically

If we think practically, we find that the conditions were not reasonable. This was Portia’s good luck that her lover Bassanio could choose the right casket. But if it had been chosen by another foolish suitor, then her life would have been miserable. Therefore, it is clear that the conditions were not reasonable.

उसके पिता की वसीयत

उसके पिता की वसीयत में दी गई शर्ते निम्न थी-पोर्शिया के प्रेमी को सही डिरो का चुनाव करना होगा। यदि कोई प्रेमी सही डिव्ये का चुनाव करने में असफल रहता है तो उसे वापस लौटना होगा और फिर कभी शादी नहीं करेगा।

यह शर्ते पोर्शिया

यह शर्ते पोर्शिया और उसके प्रेमियों, दोनों के लिए बहुत कठिन थीं। पोर्शिया को भय था, कि उसे मजबूरन अपने पिता की वसीयत के अनुसार विवाह करना होगा। वह अपने पिता से गहराई से जुड़ी थी। उसने निश्चय किया था कि कुँवारी रहने की कीमत पर भी वह अपने पिता की वसीयत का उल्लंघन नहीं करेगी।

यदि व्यावहारिक

यदि व्यावहारिक स्तर पर सोचें तो हम पाते हैं कि ये शर्ते तर्कसंगत नहीं थी। यह पोर्शिया का सौभाग्य था कि उसका प्रेमी बैसेनियो सही डिडो का चुनाव कर सका। किन्तु यदि वह किसी अन्य मूर्ख प्रेमी द्वारा चुना गया होता तो अवश्य ही उसका जीवन दयनीय हो जाता। अतः यह स्पष्ट है कि शर्ते
तर्कसंगत नहीं थीं।

Q. 5. Who opened the golden casket and what was the result?
सोने का डिब्या किसने चुना और उसका क्या परिणाम हुआ? ‘.

Ans. The prince

Ans. The prince of Morocco chooses the golden casket. It is inscribed on the casket-“Who ever selects me will get what many people strongly wish to get.” He thinks that this is nothing else but Portia, who is the desire of many. From different parts of the world, the suitors are coming to pay their respect to this holy image of human flesh. So he chooses the golden casket.

He rejects the leaden

He rejects the leaden casket by saying that it would be an insult to her even to think such a gross metal can contain the picture of Portia. He also rejects the silver Casket. When he reads the golden casket, he says that he does not examine any
other but choose this one. Now whatever may be his luck. But this choice proves wrong and he goes back with heavy heart

मोरक्को का राजकुमार सोने के डिब्बे को चुनता है। उस पर लिखा है-“जो मुझे चुनता है उसे वह मिलता है जिसे बहुत से लोग अत्यधिक पाना चाहते हैं। वह सोचता है, बहुत से लोग पोर्शिया के अतिरिक्त और कुछ नहीं पाना चाहते हैं। संसार के विभिन्न भागों से मानवीय मॉस की इस पवित्र प्रतिमा
के प्रति आदर व्यक्त करने प्रेमी आ रहे हैं। इसीलिए वह सोने के डिठो को चुनता है।

वह कॉस्य डिब्बे को अस्वीकार कर देता है यह कहकर कि ऐसी तुच्छ धातु में पोर्शिया का चित्र होगा यह सोचना भी उसका अपमान करना होगा। वह चाँदी के डिब्बे को भी अस्वीकार कर देता है। वह सोने के डिब्बे को पढ़ता है। वह कहता है कि अब मैं किसी अन्य का निरीक्षण नहीं करूँगा। इसे ही चुनूँगा फिर जो भी मेरे भाग्य में हो! किन्तु उसका चुनाव गलत सिद्ध होता है और वह दुखी हृदय से लौट जाता है।

Q. 6. Why did Bassanio choose the leaden casket?
बैसेनियो ने जस्ते के डिव्ये को क्यों चुना?

Ans. Bassanio chooses

Ans. Bassanio chooses the leaden casket. He rejects the golden and the silver caskets because he is not impressed by outward glittering of things. He says that
the outward show is like the beautiful covering of the face which hides a black face behind it. He believes that appearances are generally deceptive. He believes in
proving and realising the reality lying beneath the outward show. Therefore, he rejects the glittering casket of gold. The silver casket is also rejected by him.
According to Bassanio it is used to make coins which are then passed from hand to hand.

He chooses the casket of lead because of its simple and unassurning appearance. In this casket he gets the portrait of Portia. It proves the most fortunate casket.

बैसेनियो जस्ते के डिव्ये को धुनता है। वह सोने और चांदी के डिब्बों को अस्वीकृत कर देता है। वह चीजों की बाहरी चमक-दमक से प्रभावित होने वाला व्यक्ति नहीं है। वह कहता है कि बाहरी प्रदर्शन उस बैंके चेहरे की तरह होता है जो अन्दर से एकदम काला होता है। उसका विश्वास है कि प्रदर्शन आमतौर से धोखा होता है। वह उनके बाइरी प्रदर्शन के नीचे दबी वास्तविकता को सिद्ध करने में विश्दा है। इसलिए वह सोने के चमकते डिब्बे को अस्वीकार कर देता है। वह चाँदी के डिब्बे को भी अस्वीकार कर देता है। उसके अनुसार यह (चाँदी) सिक्के बनाने के काम आती है। जो एक हाथ से दूसरे हाथ में घूमते हैं।

वह जस्ते के डिब्बे को उसके सामान्य और प्रदर्शनहीन स्वरूप के कारण चुनता है। इसमें उसे पोर्शिया का चित्र मिलता है। इसी कारण से यह डिब्बा सबसे भाग्यशाली डिब्बा सिद्ध होता है।

Q. 7. Discuss “The Merchant of Venice’ as a tragi-comedy.
“The Merchant of Venice’ की एक दुखान्त-सुखान्त नाटक के रूप में चर्चा कीजिए।

Ans, Introduction

Ans, Introduction : The play ‘The Merchant of Venice’ (वेनिस का सौदागर) is a mixture of tragedy and comedy. So it is called a tragi-comedy. A tragi-comedy
consists of comic and tragic element.

Tragic element

Tragic element: The main plot of the play is tragic, ‘Though, comic element is all pervasive in the play. The main plot is related to Antonio, who is tragic hero. His
relation with ‘The bond story’ is the base of tragedy. Not only Antonio, but also Bassanio and Shylock are tragic. The main tragic element is created by Shylock.

Mixture of comic element

Mixture of comic element: The first four acts of the play seem to be tragic- comedy. Tragic elements have been changed into comic ones skillfully. Portia, in disguise of a lawyer presents a comic element in the trial-scene. The ring episode in the fifth act is highly comic. Comic element in the casket-scene is admirable. Launcelot and Gratiano are helpful to present comic atmosphere.

In this way ‘The Merchant of Venice’ is a classical tragl-comedy
‘The Merchant of Venice’ नाटक दुखान्त और सखान्त का मिश्रण है। इसीलिए इसे दुखान्त-सुखान्त नाटक कहते हैं। एक दुखान्त-सुखान्त नाटक में दुख और सुख दोनों तत्व मिले होते है।

दुःखान्त तत्व-नाटक का मूल कथानक दुखान्त है। यद्यपि सुखान्त तत्व भी नाटक में मिला हुआ । है। मूल कथानक एन्टोनियो से सम्बन्धित है, जो कि एक दुखान्त नायक है। ‘अनुबन्ध कहानी’ से उसका सम्बन्ध ही इस नाटक का आधार है। न केवल एन्टोनियो बल्कि बैसेनियो तथा शायलॉक भी दुखान्त हैं। मुख्य दुखान्त तत्व का निर्माण शायलॉक द्वारा किया गया है।

हास्य तत्व का मिश्रण-नाटक के प्रथम चार अंक दुःखान्त-सुखान्त हैं। बुखान्त तत्वों को सुखान्त में बड़ी कुशलता से बदला गया है। कोर्ट के दृश्य में, पोशिया वकील के छदमवेश में हास्य तत्व प्रस्तुत करती है। पाँचवे अंक में अँगूठी कथा काफी हास्य प्रद है। ‘डिव्या-वृश्य’ में हास्य प्रशंसनीय है।

लॉन्सलॉट और ग्रेशियानो हास्य वातावरण प्रस्तुत करने में सहायक है। इस प्रकार ‘The Merchant of Venice’ एक शास्त्रीय दुखान्त-सुखान्त नाटक है।

Q. 8. Discuss the trial scene in ‘The Merchant of Venice!
The Merchant ofVenice के कोर्ट दृश्य पर चर्चा कीजिए।

Ans. Introduction

Ans. Introduction: The trial-scene in the play ‘The Merchant of Venice’ bas a great significance. It presents the conflict between Justice and wickedness. Here
Portia’s character has been highlighted.

Tragic and comic scene: In this scene, the bond story of Antonio reaches its tragic height. The revenge of Shylock wins but the disguise of Portia as an advocate again creates humour.

Its importance: Through this scene the conflict between Shylock and Portia comes to an end. Portia asks Shylock to cut off the flesh of Antonio and warns him that in the process of cutting off flesh, no drop of blood should come out as it is not according to terms.

Punishment to Shylock

Punishment to Shylock: Partia’s skillful agruements escape Antonio. Shylock was ready to accept three thousand ducats. But Portia exclaims Shylock’s will to kill Antonio. According to law, Shylock’s half property went to Antonio and half was forfeited.

Hence, the trial-scene ends with the victory of judgement.

प्रस्तावना-‘The Merchant of Venice’ नाटक में कोर्ट दृश्य का बहुत महत्व है। वह न्याय तथा क्रूरता के विरोधाभास को प्रदर्शित करता है। इस दृश्य में पोर्शिया के चरित्र को प्रकाशित किया गया है।

दुखान्त और सुखान्त दृश्य-इस दृश्य में अनुबन्ध कथा दुखान्त की चरम सीमा तक पहुँचती है। शायलॉक के बदले की भावना जीतती है। लेकिन पोर्शिया का वकील के रूप में छमवेश हास्य का निर्माण करता है।

इसका महत्व-इस दृश्य के द्वारा पोशिया तथा सायलॉक का विरोध अपने अन्त को प्राप्त होता है। पोशिया शायलॉक से एन्टोनियो का गोश्त काटने को कहती है तथा उसे सावधान करती है कि खून की एक भी ढूँद बाहर नहीं निकलनी चाहिए। .

शायलॉक को दण्ड-पोर्शिया के बुद्धिमान तकों से एन्टोनियो बच जाता है। शायलॉक तीन हजार डुकेट्स लेने को तैयार हो जाता है। लेकिन पोर्शिया शायलॉक की एन्टोनियो को कत्ल करने की इच्छा को स्पष्ट करती है। कानून के अनुसार, शायलॉक की आधी सम्पत्ति एन्टोनियो को चली जाती है। तथा आधी सम्पत्ति सरकार द्वारा बन्धक कर ली जाती है। इस प्रकार कोर्ट दृश्य न्याय की जीत के साथ समाप्त हो जाता है।

Q.9. Give a brief summary of casket scene.
‘Casket scene (डिब्या दृश्य) का संक्षिप्त सारांश लिखिए।

Ans. Introduction

Ans. Introduction: Casket-scene is the main part of the play ‘The Merchant of Venice’. Portia, the heroine of the play, is bound to the will of her father, who at the time of his death, left a will regarding a strange test for the selection of a husband for his daughter. She obeyed the will and was willing to marry accordingly.

Strange test: According to Portia’s father, Portia had to marry only that man who would choose the right casket which contains Portia’s picture. The caskets were three. One was made of gold, the second was of silver and the third one was of lead. It was a strange test for marriage.

The three suitors

The three suitors: The first suitor was the prince of Morocco. He chose the golden casket. The second was Prince of Arragon. He chose the silver casket. But they both did not get success to find out the picture of Portia. At last, Bassanio chose the leaden casket. He got the picture of Portia.

Thus, Portia marries Bassanio according to her father’s will.

प्रस्तावना-डिब्या (सन्दूकची) दृश्य ‘The Merchant of Venice’ नाटक का मुख्य अंश है। नाटक की नायिका पोशिया अपने पिता की वसीयत के अनुसार शादी करने के लिए बाध्य है, जो अपनी मृत्यु के समय एक अजीब शर्त के अनुसार शादी करने की वसीयत छोड़ गया था। उसने वसीयत को
स्वीकार किया और उसी के अनुसार शादी करना चाहती थी।

अजीव परीक्षा-पोर्शिया के पिता के अनुसार, पोर्शिया उसी के साथ शादी करेगी जो सही डिब्बे को चुनेगा जिसमें पोर्शिया का चित्र होगा। डिब्बे तीन थे। एक सोने का था, दूसरा चाँदी का था और तीसरा जस्ते का था। वह शादी की अजीब परीक्षा थी।

तीन प्रेमी-पहला प्रेमी मोरक्को का राजकुमार था। उसने सोने का डिब्बा चुना। दूसरा प्रेमी अरागॉन का राजकुमार था। उसने चाँदी का डिब्बा चुना। लेकिन उन्हें पोर्शिया के चित्रवाला सही डिव्या चुनने में सफलता नहीं मिली। अन्त में बैसेनियो ने जस्ते का डिब्या चुना। उसे पोर्शिया का चित्र मिल गया।

इस प्रकार, पोर्शिया अपने पिता की वसीयत के अनुसार बैसेनियो से शादी करती है।

Q. 10. Write a note on Jessica-Lorenzo episode in the play ‘The Merchant of Venice.
The Merchant of Venice’ नाटक में जैसिका-लॉरेन्जो उपकथा पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Ans. Introduction

Ans. Introduction: Jessica is the daughter of Shylock. Lorenzo is the lover of Jessica. Jessica-Lorenzo episode is one of the most important incidents of the play “The Merchant of Venice’. Though, the bond story and the casket story are more important than this one yet this episode is capable of making its existence.

Jessica’s elopement : Jessica was a Jew. Lorenzo was a christian. They represented the two opposite sides. Jessica was very well aware of his father’s hatred for the christians. She knew that her father would never allow her to marry a christian. So she makes a plan to run away from the house with Lorenzo

Base for the bond story:

Base for the bond story: As a result of Jessica’s elopement with Lorenzo, Shylock becomes revengeful towards Antonio and Bassanlo. Lorenzo was a friend and follower of Antonio. This all gives a base for the bond story. Shylock denies to accept three times the amount.
In this way, this episode of Jessica and Lorenzo helps to link the events of the play.

प्रस्तावना-जेसिका शायलॉक की बेटी है। लॉरेन्जो जेसिका का प्रेमी है। जेसिका-लॉरेन्जो उपकथा ‘The Merchant of Venice’ नाटक की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। यद्यपि, वसीयत कथा और डिव्या कथा अधिक महत्वपूर्ण है किन्तु यह उपकथा अपना अस्तित्व बनाने में सक्षम है।

जेसिका का छिपकर भागना-जेसिका एक यहूदी थी। लॉरेन्जो एक ईसाई था। वे दो अलग-अलग पक्षों का प्रतिनिधित्व करते थे। जेसिका अपने पिता की ईसाइयों के लिए घृणा से परिचित थी। वह जानती थी कि उसके पिता उसे कभी भी किसी ईसाई से विवाह करने की अनुमति नहीं देंगे। इसलिए वह लरिन्जो के साथ घर से भाग जाने की योजना बनाती है।

अनुबन्ध कहानी का आधार-जेसिका के लॉरेन्जो के साथ भाग जाने के फलस्वरूप शायलॉक एन्टोनियो तथा पैसेनियो के प्रति प्रतिशोध लेनेवाला बन जाता है। लॉरेन्जो एन्टोनियो का मित्र व साथी था। यह कथा, अनुबन्ध कथा को आधार प्रदान करती है। शायलॉक तीन गुणा धन लेने से मना कर
देता है। इस प्रकार, जेसिका तथा लॉरेन्जो की उपकथा नाटक की घटनाओं को जोड़ने में सहायता प्रदान करती है।

Q. 11.Discuss thering-episode in ‘The Merchantof Venice’,
The Merchanf of Venice नाटक में अंगूठी-उपकथा की चर्चा कीजिए।

Ans. Introduction

Ans. Introduction: Ring episode comes in the fifth act of the play. When Antonio won the case, his friends elated with joy. This episode provides us relief after the trial scene which was tragic and painful. This is a comic scene and helps to connect the stories of casket and bond story.

Token of love: The ring of this episode was given to Bassanio at the time of marriage by Portia. Bassanio promised that the ring will be safe in his finger forever. On the other hand, Nerissa had given a ring to Gratiano with the same promise. In the disguise of a lawyer, Portia tries to test Bassanio.

Portia’s demand as a lawyer

Portia’s demand as a lawyer : At the end of the trial, Bassunto offers money for saving Antonio’s life. But she in disguise of a lawyer, wanted the ring of Bassanio. Though he was not willing to give his ring yet he gave it for Antonio’s sake.

The fact reveals: When Antonio, Bassanio and Gratiano come back to Belmont, Portia reveals the fact that she was the lawyer in disguise.

In this way, the ring-episode successfully gives comfort to the audience.

प्रस्तावना-अंगूठी उपकथा नाटक के पाँचवे अंक में आती है। जब एन्टोनियो मुकदमे को जीत आता है, तो उसके मित्र खुशी से भर गये। यह उपकथा कोर्ट दृश्य जो दुखभरा और कष्टदायक था, के बाद कुछ आराम प्रदान करता है। यह एक प्रहसन-दृश्य है और डिव्या कथा और शर्तनामे की कथा को जोड़ता है।

प्रेम की सूचक-इस कथा की अंगूठी बैसेनियो द्वारा विवाह के समय पोर्शिया को दी गई थी। वैसेनियो ने विश्वास दिलाया कि अंगूठी हमेशा उसकी उँगली में सुरक्षित रहेगी। दूसरी ओर, नैरिसा भी एक अंगूठी ग्रेशियानो को इसी विश्वास पर दे चुकी थी। वकील के छद्मवेश में पोर्शिया बैसे नियों की परीक्षा लेने का प्रयारा करती है।

वकील के रूप में पोशिया की माँग-कोर्ट के अन्त में बैसेनियो एन्टोनियों के बचाव के लिए धन प्रदान करता है। लेकिन वकील के वेश में पोर्शिया उससे अँगूठी चाहती है। यधपि वह अंगूठी देने का पच्छुक नहीं था तथापि वह एन्टोनियो की खातिर अँगूठी दे देता है।

सत्य प्रकट होता है-जब एन्टोनियो, बैसेनियों और ग्रेशियानो बैलमॉण्ट लौटकर आते हैं तब पीशिया सत्य प्रकट करती है कि वह वकील के छद्मवेश में थी। इस प्रकार अंगूठी उपकथा सफलतापूर्वक दर्शकों को आराम प्रदान करता है।

Q. 12. What are the views of Portia about the virtue of mercy.
दया के गुण के विषय में पोर्शिया के क्या विचार हैं?

Ans. Introduction

Ans. Introduction: Portia is the heroine of the play ‘The Merchant of Venice’. She, in disguise of a lawyer, defends Antonio in the trial-scene. She tries to get justice cleverly. She tries to calm down Shylock with the argument that he should be merciful to Antonio.

A noble virtue

A noble virtue: Portia says to Shylock that mercy is a noble virtue of human heart. It is God’s gift. It is a continuous process which blesses both the giver and the receiver. She says that no one can be forced for this. It falls from the heart of a man as gentle rain falls from heaven. It is a quality of God.

God’s virtue

God’s virtue:According to Portia, the person who shows the quality of mercy, gains God’s power. This is stronger than the crown of a king. The person who has mercy, is more honourable than the person without mercy.

According to Portia God is merciful even to the sinners. A merciful man is like God. So he should be merciful towards Antonio.

भूमिका-पोर्शिया ‘The Merchant of Venice’ नाटक की नायिका है। वह. एक वकील के वेश में, अदालत की कार्यवाही वाले दृश्य में एन्टोनियो का बचाव करती है। वह चतुराई से न्याय पाने का प्रयत्न करती है। वह इस तर्क से शायलॉक को शान्त करना चाहती है कि उसे एन्टोनियो के प्रति दयालु होना चाहिए।

एक महान गुण-पोर्शिया शायलॉक से कहती है कि दया मानवीय हृदय का एक महान गुण है। यह ईश्वर का उपहार है। यह देने वाले तथा प्राप्त करने वाले दोनों को फलदायक है। वह कहती है कि इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता। वह व्यक्ति के हृदय में इस प्रकार उत्पन्न होती है जिस प्रकार आकाश से वर्षा स्वतः होती है। यह स्वयं ईश्वर का गुण है।

ईश्वरीय गुण-पोर्शिया के अनुसार, जो व्यक्ति दया का गुण दिखलाता है, ईश्वर की शक्ति प्राप्त करता है। वह सम्राट के ताज की शक्ति से अधिक बलवान है। जिस व्यक्ति में दया का गुण होता है, वह दयाहीन व्यक्ति से अधिक सम्मानित होता है।

पोर्शिया के अनुसार ईश्वर पापियों के प्रति भी दयावान होते हैं। दयावान व्यक्ति ईश्वर के समान होता है। अतः उसे एन्टोनियो के प्रति दयावान होना चाहिए।

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